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Basti News: प्रसव के बाद नवजात को एएनएम ने लगाया इंजेक्शन, बिगड़ी तबीयत, मौत
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बस्ती। भानपुर सीएचसी के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र खैरा में प्रसव बाद परिवार को गुमराह करके एएनएम ने नवजात को इंजेक्शन का डबल डोज दे दिया, इससे तबीयत और बिगड़ गई। आनन-फानन में पीड़ित नवजात बच्ची को लेकर दूसरे अस्पताल गए, वहां बाद में मौत हो गई।
बृहस्पतिवार को एएनएम के खिलाफ डीएम, एसपी, सीएमओ, एमओआईसी, मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर शिकायती पत्र दिया है। आरोप है कि एएनएम की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। उसने धन उगाही के साथ ही शिकायत करने पर एएनएम और एक बाहरी व्यक्ति पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
भानपुर क्षेत्र के खैरा गांव के गोपाल सिंह ने बताया कि पत्नी ज्योति को 13 मार्च रात में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। रात करीब दो बजे वह गांव के ही स्वास्थ्य उपकेंद्र पर लेकर गए। यहां तैनात एएनएम ने बताया कि अभी समय है, प्रतीक्षा करिये। 14 मार्च सुबह 6:52 बजे गर्भवती ने बच्ची को जन्म दिया। उस समय बच्ची का वजन तीन किलो था और वह स्वस्थ थी। पीड़ित ने बताया कि जब वह बाहर गया तो मां से एएनएम ने बताया कि बच्ची के अंदर गंदा पानी चला गया है। रेफर करना पड़ेगा, या फिर तीन हजार रुपये में तीन इंजेक्शन हैं, उसे लगाने पर बच्ची ठीक हो जाएगी। रेफर के डर से तीन हजार दे दिया। इसके बाद एएनएम ने पता नहीं कौन सा दो इंजेक्शन लगाया और बाद में बच्ची कराहने लगी। बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी मांगी गई तो वह भड़क गईं और झल्लाते हुए कहने लगी तुम अपने मरीज को यहां से लेकर जाओ।
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बच्ची की तबीयत लगातार बिगड़ते देख एंबुलेंस के जरिये महिला अस्पताल लेकर आए। यहां एसएनसीयू में बेड खाली न होने की बात कहकर मेडिकल कॉलेज कैली रेफर कर दिए। कैली पहुंचे तो वहां भी बेड खाली न होने की बात बताई गई और बीआरडी गोरखपुर ले जाने के लिए कहा गया। बीआरडी जाने में पीड़ित ने असमर्थता जताई और कैली रोड स्थित एक निजी सेंटर में ले जाकर भर्ती कराया। पीड़ित ने बताया कि आयुष्मान कार्ड था, मगर तत्काल अप्रूव नहीं होने पर करीब 20 हजार रुपये वेंटिलेटर चार्ज लग गया। 18 मार्च को दिन में बच्ची की मौत हो गई। हालांकि, माता को बचाया जा सका। बच्ची के मौत के बाद परिजनों का गुस्सा और भड़क गया। जांच कर एएनएम पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
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बृहस्पतिवार को एएनएम के खिलाफ डीएम, एसपी, सीएमओ, एमओआईसी, मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर शिकायती पत्र दिया है। आरोप है कि एएनएम की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। उसने धन उगाही के साथ ही शिकायत करने पर एएनएम और एक बाहरी व्यक्ति पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
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भानपुर क्षेत्र के खैरा गांव के गोपाल सिंह ने बताया कि पत्नी ज्योति को 13 मार्च रात में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। रात करीब दो बजे वह गांव के ही स्वास्थ्य उपकेंद्र पर लेकर गए। यहां तैनात एएनएम ने बताया कि अभी समय है, प्रतीक्षा करिये। 14 मार्च सुबह 6:52 बजे गर्भवती ने बच्ची को जन्म दिया। उस समय बच्ची का वजन तीन किलो था और वह स्वस्थ थी। पीड़ित ने बताया कि जब वह बाहर गया तो मां से एएनएम ने बताया कि बच्ची के अंदर गंदा पानी चला गया है। रेफर करना पड़ेगा, या फिर तीन हजार रुपये में तीन इंजेक्शन हैं, उसे लगाने पर बच्ची ठीक हो जाएगी। रेफर के डर से तीन हजार दे दिया। इसके बाद एएनएम ने पता नहीं कौन सा दो इंजेक्शन लगाया और बाद में बच्ची कराहने लगी। बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी मांगी गई तो वह भड़क गईं और झल्लाते हुए कहने लगी तुम अपने मरीज को यहां से लेकर जाओ।
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बच्ची की तबीयत लगातार बिगड़ते देख एंबुलेंस के जरिये महिला अस्पताल लेकर आए। यहां एसएनसीयू में बेड खाली न होने की बात कहकर मेडिकल कॉलेज कैली रेफर कर दिए। कैली पहुंचे तो वहां भी बेड खाली न होने की बात बताई गई और बीआरडी गोरखपुर ले जाने के लिए कहा गया। बीआरडी जाने में पीड़ित ने असमर्थता जताई और कैली रोड स्थित एक निजी सेंटर में ले जाकर भर्ती कराया। पीड़ित ने बताया कि आयुष्मान कार्ड था, मगर तत्काल अप्रूव नहीं होने पर करीब 20 हजार रुपये वेंटिलेटर चार्ज लग गया। 18 मार्च को दिन में बच्ची की मौत हो गई। हालांकि, माता को बचाया जा सका। बच्ची के मौत के बाद परिजनों का गुस्सा और भड़क गया। जांच कर एएनएम पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।