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नव वर्ष पर पुलिस कर्मियों को अवकाश का तोहफा
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नववर्ष पर पुलिसकर्मियों को अवकाश का तोहफा
बस्ती। अवकाश की समस्या से हमेशा दो-चार होने वाले पुलिसकर्मियों को इस बार पांच दिन के विशेष अवकाश का तोहफा मिला है। इसके दायरे में जिले के साढ़े 12 सौ पुलिसकर्मी आ रहे हैं। सभी को पांच दिन का विशेष अवकाश प्रदान किया जाना है। यह अवकाश ईएल, सीएल से अलग होगा। राजपत्रित अधिकारियों से लेकर आरक्षी-फालोवर तक को इसका लाभ मिलेगा।
वर्ष-2019 में लोकसभा चुनाव, प्रयागराज कुंभ आदि की अतिव्यस्तता के कारण पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर काफी दिनों तक छुट्टियों पर रोक लगी रही। सीएए, एनआरसी को लेकर तमाम बवाल के बीच भी छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। रोक लगने से अनुमन्य अर्जित अवकाश, ईएल-सीएल आदि छुट्टी भी पुलिसकर्मियों को नहीं मिली थीं। इसे लेकर पुलिसकर्मियों में असंतोष था। अनुशासन के चाबुक के डर से भले ही किसी ने जुबान न खोली हो, लेकिन हतोत्साहित थे। कुछ जनपदों में छुट्टी न मिलने से आत्महत्या तक की खबरें आने के बाद शासन ने पांच दिन के विशेष अवकाश का एलान किया है। इस बावत शासनादेश जारी हो चुका है। एसपी के मुताबिक इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि वर्ष-2019 में व्यस्तता के चलते अनुमन्य अवकाश भी नहीं मिला था। चूंकि विभागीय नियमावली के अनुसार छुट्टियां रद्द मानी जाती हैं, इसलिए पांच दिन की विशेष छुट्टी दी जाएगी। आवश्यकतानुसार एवं इच्छानुसार राजपत्रित अधिकारी से लेकर इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, दीवान, आरक्षी, फालोवर समेत सभी कैडर के पुलिसकर्मी पांच दिन के अवकाश को ले सकते हैं।
खटाई में पड़ी पहल
सूबे की सरकार के एलान के बावजूद पुलिसकर्मियों को अब तक साप्ताहिक अवकाश और जिले के बार्डर पर तैनाती का फार्मूला लागू नहीं किया जा सका है। अखिलेश सरकार ने दस दिन ड्यूटी के बाद एक दिन के अवकाश का एलान किया था। 15 अगस्त-2019 को सीएम योगी ने साप्ताहिक अवकाश देने का एलान किया। मगर दोनों योजना परवान नहीं चढ़ी। साथ ही अराजपत्रित जवानों की बार्डर के जिले में तैनाती की योजना भी खटाई में पड़ गई। 2019 में भी इसकी सुगबुगाहट हुई, लेकिन कुंभ के चलते इसे स्थगित करना पड़ा।
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बस्ती। अवकाश की समस्या से हमेशा दो-चार होने वाले पुलिसकर्मियों को इस बार पांच दिन के विशेष अवकाश का तोहफा मिला है। इसके दायरे में जिले के साढ़े 12 सौ पुलिसकर्मी आ रहे हैं। सभी को पांच दिन का विशेष अवकाश प्रदान किया जाना है। यह अवकाश ईएल, सीएल से अलग होगा। राजपत्रित अधिकारियों से लेकर आरक्षी-फालोवर तक को इसका लाभ मिलेगा।
वर्ष-2019 में लोकसभा चुनाव, प्रयागराज कुंभ आदि की अतिव्यस्तता के कारण पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। राममंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर काफी दिनों तक छुट्टियों पर रोक लगी रही। सीएए, एनआरसी को लेकर तमाम बवाल के बीच भी छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। रोक लगने से अनुमन्य अर्जित अवकाश, ईएल-सीएल आदि छुट्टी भी पुलिसकर्मियों को नहीं मिली थीं। इसे लेकर पुलिसकर्मियों में असंतोष था। अनुशासन के चाबुक के डर से भले ही किसी ने जुबान न खोली हो, लेकिन हतोत्साहित थे। कुछ जनपदों में छुट्टी न मिलने से आत्महत्या तक की खबरें आने के बाद शासन ने पांच दिन के विशेष अवकाश का एलान किया है। इस बावत शासनादेश जारी हो चुका है। एसपी के मुताबिक इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि वर्ष-2019 में व्यस्तता के चलते अनुमन्य अवकाश भी नहीं मिला था। चूंकि विभागीय नियमावली के अनुसार छुट्टियां रद्द मानी जाती हैं, इसलिए पांच दिन की विशेष छुट्टी दी जाएगी। आवश्यकतानुसार एवं इच्छानुसार राजपत्रित अधिकारी से लेकर इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, दीवान, आरक्षी, फालोवर समेत सभी कैडर के पुलिसकर्मी पांच दिन के अवकाश को ले सकते हैं।
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खटाई में पड़ी पहल
सूबे की सरकार के एलान के बावजूद पुलिसकर्मियों को अब तक साप्ताहिक अवकाश और जिले के बार्डर पर तैनाती का फार्मूला लागू नहीं किया जा सका है। अखिलेश सरकार ने दस दिन ड्यूटी के बाद एक दिन के अवकाश का एलान किया था। 15 अगस्त-2019 को सीएम योगी ने साप्ताहिक अवकाश देने का एलान किया। मगर दोनों योजना परवान नहीं चढ़ी। साथ ही अराजपत्रित जवानों की बार्डर के जिले में तैनाती की योजना भी खटाई में पड़ गई। 2019 में भी इसकी सुगबुगाहट हुई, लेकिन कुंभ के चलते इसे स्थगित करना पड़ा।
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