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Basti News: आम आदमी के लिए पहेली बना नया कानून, पता ही नहीं चल पा रहीं धाराएं

Wed, 10 Jul 2024 04:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 10 Jul 2024 04:06 AM IST
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New law becomes a puzzle for the common man
धाराओं का क्रमांक बदलने से समझ में नहीं आ रही कार्रवाई
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अधिवक्ताओं को भी पलटनी पड़ रही कानून की किताब
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पहली जुलाई से नया कानून लागू होने के बाद पुलिस अधिकारियों से लेकर अधिवक्ता तक धाराओं को लेकर भ्रम में उलझे हैं। पीड़ित भी थाने पर एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद आश्वस्त नहीं है कि उसकी तहरीर के हिसाब से धाराएं लगाई गईं या नहीं। इसके लिए वह अधिवक्ता से संपर्क करने में वक्त जाया कर रहे हैं। अधिवक्ताओं को भी अभी धाराएं याद नहीं हो पाई हैं। लिहाजा उन्हें भी नए कानून की किताब पलटनी पड़ रही है।
पुलिस अधिकारी बताते हैं कि थाने के मुंशी दीवान से लेकर विवेचकों तक को प्रशिक्षित किया जा चुका है। मगर, उनकी लगाई धाराएं माकूल हैं कि नहीं इसका पता बिना कानून की किताब पलटे समझ में नहीं आ रहा है। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि धीरे-धीरे सभी अभ्यस्त हो जाएंगे। अभी नए कानून की धाराएं याद नहीं हो पाई हैं, इसलिए ऐसा लग रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को भी नए कानून के बारे में जागरूक किया जा सके।
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नए कानून लागू होने के बाद किसी भी आपराधिक मामले में मुकदमे की पहली सुनवाई के 90 दिनों के अंदर ही आरोप तय कर दिए जाएंगे। इसके बाद आगे और 90 दिन ही जांच हो सकेगी। आरोपी को आरोप मुक्त होने का निवेदन 60 दिनों में ही करना होगा। खास बात यह है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराध के लिए धारा 63-99 तक तय की गई हैं। दुष्कर्म को धारा-63 से परिभाषित किया जाएगा। इसकी सजा के बारे में धारा 64 में बताया गया है। सामूहिक दुष्कर्म के लिए धारा-70 और यौन शोषण का अपराध धारा 74 में परिभाषित है। दहेज हत्या की धारा-79 और दहेज प्रताड़ना की धारा-84 है।
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गिरफ्तारी की सूचना देना होगा अनिवार्य

पुलिस के पकड़ कर ले जाने के मामले में काफी असमंजस की स्थिति रहती थी। मगर, नए कानूनों का एक अच्छा पहलू यह है कि अगर किसी व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार करती है तो वह अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे में सूचित कर सकेगा। गिरफ्तार होने वाले व्यक्ति को अब इसका अधिकार होगा। इससे जो व्यक्ति गिरफ्तार होगा, उसे तुरंत मदद मिल पाएगी। यही नहीं, पुलिस को गिरफ्तारी का विवरण थानों और जिला मुख्यालयों में प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा। इससे किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति के परिवार वाले और दोस्त-रिश्तेदार आसानी से सूचना पा सकेंगे। पहले परिवार वालों को कई बार पता ही नहीं चल पाता था।
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कुछ प्रचलित नई व पुरानी धाराएं

जुर्म आईपीसी बीएनएस
हत्या धारा 302 धारा 103
हत्या का प्रयास धारा 307 धारा 109
गैर इरादतन हत्या धारा 304 धारा 105
दहेज हत्या धारा 304-बी धारा 80
चोरी धारा 379 धारा 303
दुष्कर्म धारा 376 धारा 64
छेड़छाड़ धारा 354 धारा 74
धोखाधड़ी धारा 420 धारा 318
लापरवाही से मौत धारा 304-ए धारा 106
आपराधिक षडयंत्र धारा 120बी धारा 61
मानहानि धारा 499, 500 धारा 356
लूट धारा 392 धारा 309
डकैती धारा 395 धारा 310
महिला हिंसा धारा 498ए धारा 85
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