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Basti News: कर्बला में मौला अब्बास का किरदार बेमिसाल
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स्लग-- जश्ने सब्रो-वफा
- शाबान मंजिल में हुआ जलसे का आयोजन, हुसैनी फौज के सरदार की मनाई पैदाइश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कर्बला में हुसैनी फौज के सिपहसालार मौला अब्बास की पैदाइश पर इमामाबाड़ा शाबान मंजिल में शनिवार रात जलसे का आयोजन हुआ। इसमें वक्ताओं व शायरों ने मौला अब्बास की तारीफ में कसीदे पढ़े और अमन चैन की दुआएं मांगी। इमामबाड़ा को रंगबिरंगी रोशनी से सजाया गया।
मौलाना हैदर मेंहदी ने कहा कि कर्बला का हर किरदार मिसाली व बेनजीर है। मौला अब्बास ने पूरा जीवन खुद को नवास-ए रसूल इमाम हुसैन का गुलाम समझा। कर्बला के मैदान में हर कदम पर इमाम हुसैन के निर्देशों को अपनाया। उन्होंने यजीदी जुल्म के खिलाफ सब्र किया और इमाम हुसैन के वफादार बने रहे। एक भाई के तौर पर मौला अब्बास की जिंदगी कायनात के लिए नजीर है। मौलाना अली हसन ने कहा कि पैगंबर की वफात के बाद जिस तरह से इस्लाम का लबादा ओढ़े सामंतवादी, मुसलमानों पर ही जुल्म ढा रहे थे और पैगंबर के बताए दीन को बदनाम कर रहे थे, ऐसे लोगों को इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में बेनकाब किया। इसी के साथ दुनिया के सामने अपने नाना पैगंबर-ए-इस्लाम का जीवन पेश किया।
जलसे में आजम सुल्तानपुरी, अली हसन जाफर बंधु उतरौलवी, जौन गोपालपुरी, सुहेल बस्तवी, फरजान हल्लौरी, रमीज बस्तवी, कामिल जैदपुरी सहित अन्य ने कलाम पेश किया। संचालन अर्शी मौलाई ने किया। जलसे के बाद परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर शमशुल हसन काजमी, हाजी अनवार काजमी, जीशान रिजवी, शबीब हैदर, शम्स आबिद अली, तकी हैदर, नकी हैदर आदि मौजूद रहे।
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- शाबान मंजिल में हुआ जलसे का आयोजन, हुसैनी फौज के सरदार की मनाई पैदाइश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कर्बला में हुसैनी फौज के सिपहसालार मौला अब्बास की पैदाइश पर इमामाबाड़ा शाबान मंजिल में शनिवार रात जलसे का आयोजन हुआ। इसमें वक्ताओं व शायरों ने मौला अब्बास की तारीफ में कसीदे पढ़े और अमन चैन की दुआएं मांगी। इमामबाड़ा को रंगबिरंगी रोशनी से सजाया गया।
मौलाना हैदर मेंहदी ने कहा कि कर्बला का हर किरदार मिसाली व बेनजीर है। मौला अब्बास ने पूरा जीवन खुद को नवास-ए रसूल इमाम हुसैन का गुलाम समझा। कर्बला के मैदान में हर कदम पर इमाम हुसैन के निर्देशों को अपनाया। उन्होंने यजीदी जुल्म के खिलाफ सब्र किया और इमाम हुसैन के वफादार बने रहे। एक भाई के तौर पर मौला अब्बास की जिंदगी कायनात के लिए नजीर है। मौलाना अली हसन ने कहा कि पैगंबर की वफात के बाद जिस तरह से इस्लाम का लबादा ओढ़े सामंतवादी, मुसलमानों पर ही जुल्म ढा रहे थे और पैगंबर के बताए दीन को बदनाम कर रहे थे, ऐसे लोगों को इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में बेनकाब किया। इसी के साथ दुनिया के सामने अपने नाना पैगंबर-ए-इस्लाम का जीवन पेश किया।
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जलसे में आजम सुल्तानपुरी, अली हसन जाफर बंधु उतरौलवी, जौन गोपालपुरी, सुहेल बस्तवी, फरजान हल्लौरी, रमीज बस्तवी, कामिल जैदपुरी सहित अन्य ने कलाम पेश किया। संचालन अर्शी मौलाई ने किया। जलसे के बाद परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर शमशुल हसन काजमी, हाजी अनवार काजमी, जीशान रिजवी, शबीब हैदर, शम्स आबिद अली, तकी हैदर, नकी हैदर आदि मौजूद रहे।
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