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Basti News: मोबाइल फोन टेढ़ी कर रहा गर्दन, रोज पहुंच रहे 25 मरीज
Mon, 08 Jul 2024 02:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 08 Jul 2024 02:52 AM IST
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सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस, चक्कर आना, हाथों में सुन्नपन-झनझनाहट, सिरदर्द की बढ़ जाती है समस्या
रीढ़ की हड्डी का ढांचा भी बिगाड़ रहा मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मोबाइल फोन हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। घंटों इस्तेमाल करने से इसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। सिर झुकाकर या लेटकर मोबाइल फोन लगातार चलाने से गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इससे सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस, चक्कर आना, हाथों में सुन्नपन, सिरदर्द जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। साथ ही, रीढ़ का ढांचा भी बिगड़ रहा है। इन समस्याओं से पीड़ित लोग डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट के पास पहुंच रहे हैं। बताते हैं कि लोग दर्द से छुटकारा पाने के लिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते हैं। इनके अत्यधिक सेवन से शरीर के दूसरे अंग भी प्रभावित होते हैं। जिला अस्पताल में 25 मरीज रोज आ रहे हैं।
अर्थो सर्जन डॉ. डीके गुप्ता के अनुसार, गर्दन को सीधा कर मोबाइल फोन चलाने पर कम से कम 5 किग्रा का दबाव गर्दन पर पड़ता है। गर्दन को थोड़ा झुकाकर (लगभग 15 डिग्री पर) मोबाइल फोन देखने पर 12 किग्रा का दबाव, लगभग 30 डिग्री झुकने पर 18 किग्रा और 45 डिग्री पर लगभग 22 किग्रा और अधिकतम 60 डिग्री झुककर मोबाइल फोन देखने पर 27 किग्रा का दबाव गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डियों पर पड़ता है। रीढ़ का ढांचा भी बिगड़ रहा है।
मोबाइल फोन के इस्तेमाल से गर्दन और रीढ़ की हड्डी में समस्या महसूस हो तो तुरंत किसी योग्य डॉक्टर और वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करना चाहिए। समस्या का समय रहते इलाज करवाना चाहिए। बच्चों की मोबाइल फोन की लत छुड़ाने के लिए माता-पिता को विशेष ध्यान देना चाहिए।
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कोट
कुछ वर्षों में लोगों की जीवनशैली में काफी परिवर्तन आया है। इसकी वजह से फिजियोथेरेपी की भूमिका बढ़ गई है। गर्दन और रीढ़ की हड्डी को ठीक रखने के लिए सही मुद्रा का ध्यान रखें। नियमित रूप से व्यायाम करें। खानपान स्वस्थ रखें। वजन को न बढ़ने दें। चारपाई, सोफा, खराब गद्दे आदि पर सोने से बचें। लंबे समय तक मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
-डाॅ. डीके गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ
...
ऐसे करें बचाव
- बीच-बीच में गर्दन को घुमाते रहें।
- 2 से 10 डिग्री तक गर्दन झुकाकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करें।
- लेटकर मोबाइल देखने की बजाय सीधे बैठकर मोबाइल का प्रयोग करें। बीच-बीच में आराम लेते रहें।
- बच्चों को मोबाइल, टेबलेट की बजाय मैदान में खेलने के लिए प्रेरित करें।
- बच्चों को अगर मोबाइल फोन की आदत लगेगी तो वे शारीरिक गतिविधियां नहीं करेंगे, जिससे मोटापा बढ़ेगा।
- बच्चों के साथ समय बिताएं, उनको बाहर घुमाने ले जाएं, उनको दौड़ आदि खेल खिलवाएं।
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रीढ़ की हड्डी का ढांचा भी बिगाड़ रहा मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मोबाइल फोन हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। घंटों इस्तेमाल करने से इसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। सिर झुकाकर या लेटकर मोबाइल फोन लगातार चलाने से गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इससे सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस, चक्कर आना, हाथों में सुन्नपन, सिरदर्द जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। साथ ही, रीढ़ का ढांचा भी बिगड़ रहा है। इन समस्याओं से पीड़ित लोग डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट के पास पहुंच रहे हैं। बताते हैं कि लोग दर्द से छुटकारा पाने के लिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते हैं। इनके अत्यधिक सेवन से शरीर के दूसरे अंग भी प्रभावित होते हैं। जिला अस्पताल में 25 मरीज रोज आ रहे हैं।
अर्थो सर्जन डॉ. डीके गुप्ता के अनुसार, गर्दन को सीधा कर मोबाइल फोन चलाने पर कम से कम 5 किग्रा का दबाव गर्दन पर पड़ता है। गर्दन को थोड़ा झुकाकर (लगभग 15 डिग्री पर) मोबाइल फोन देखने पर 12 किग्रा का दबाव, लगभग 30 डिग्री झुकने पर 18 किग्रा और 45 डिग्री पर लगभग 22 किग्रा और अधिकतम 60 डिग्री झुककर मोबाइल फोन देखने पर 27 किग्रा का दबाव गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डियों पर पड़ता है। रीढ़ का ढांचा भी बिगड़ रहा है।
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मोबाइल फोन के इस्तेमाल से गर्दन और रीढ़ की हड्डी में समस्या महसूस हो तो तुरंत किसी योग्य डॉक्टर और वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करना चाहिए। समस्या का समय रहते इलाज करवाना चाहिए। बच्चों की मोबाइल फोन की लत छुड़ाने के लिए माता-पिता को विशेष ध्यान देना चाहिए।
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कुछ वर्षों में लोगों की जीवनशैली में काफी परिवर्तन आया है। इसकी वजह से फिजियोथेरेपी की भूमिका बढ़ गई है। गर्दन और रीढ़ की हड्डी को ठीक रखने के लिए सही मुद्रा का ध्यान रखें। नियमित रूप से व्यायाम करें। खानपान स्वस्थ रखें। वजन को न बढ़ने दें। चारपाई, सोफा, खराब गद्दे आदि पर सोने से बचें। लंबे समय तक मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
-डाॅ. डीके गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ
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ऐसे करें बचाव
- बीच-बीच में गर्दन को घुमाते रहें।
- 2 से 10 डिग्री तक गर्दन झुकाकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करें।
- लेटकर मोबाइल देखने की बजाय सीधे बैठकर मोबाइल का प्रयोग करें। बीच-बीच में आराम लेते रहें।
- बच्चों को मोबाइल, टेबलेट की बजाय मैदान में खेलने के लिए प्रेरित करें।
- बच्चों को अगर मोबाइल फोन की आदत लगेगी तो वे शारीरिक गतिविधियां नहीं करेंगे, जिससे मोटापा बढ़ेगा।
- बच्चों के साथ समय बिताएं, उनको बाहर घुमाने ले जाएं, उनको दौड़ आदि खेल खिलवाएं।