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Basti News: मनरेगा का खजाना खाली, रोजगार की उम्मीद टूटी
Sun, 11 Jun 2023 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 11 Jun 2023 12:51 AM IST
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बस्ती। जिले में मनरेगा का खजाना खाली हो गया है। धन के अभाव में मनरेगा के तहत 100 दिन रोजगार उपलब्ध कराने की गारंटी दम तोड़ रही है। समय से भुगतान न होने व काम नहीं मिलने के कारण जॉब कार्डधारक अब इस योजना से किनारा कसने लगे हैं। धनाभाव में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का 2.10 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। इसके चलते ही जिले में अब तक पौने दो लाख जॉब कार्डधारक मनरेगा योजना से किनारा कस चुके हैं। इन्हें काफी समय से रोजगार प्राप्त नहीं हुआ है।
मनरेगा योजना में प्रत्येक वित्तीय वर्ष में जॉब कार्डधारकों को 100 दिन का अकुशल श्रम रोजगार उपलब्ध कराने की गारंटी है। इसके एवज में प्रत्येक कार्य दिवस पर मनरेगा मजदूर को 230 रुपये की दर से मजदूरी का भुगतान होता है। जिले में 5.32 लाख मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं। इनमें सक्रिय जॉब कार्डधारकों की संख्या 1.87 लाख है। मनरेगा मजदूरों के आगे सबसे बड़ी समस्या भुगतान की है। रोजगार मिलने के बाद कई-कई माह इन्हें इंतजार करना पड़ता है।
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कामगारों का लगातार हो रहा पलायन
मनरेगा कामगारों को आवश्यकता पड़ने पर रोजगार भी नहीं मिलता है। मजदूरों और उनके परिवार के आगे भरण-पोषण का भी संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में मजदूर आजीविका चलाने के लिए दूसरे प्रांतों का रुख करने को मजबूर हो जाते हैं।
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मनरेगा में शामिल हैं ये कार्य
जिले में मनोरमा नदी के पुनरुद्धार, तालाब की जीर्णोद्धार, भूमि सुधार के कार्य, बाढ़ नियंत्रण, जल संचयन, सूखा रोधन, गोवंश आश्रय स्थल, कन्वर्जेंस से आंगनबाड़ी केंद्र, अमृत सरोवर तालाब का निर्माण के साथ गांवों में संसाधनों का विकास कराने में लिया जा रहा है।
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बजट मिलते ही खाते में भेजी जाएगी रकम
इस समय मनरेगा जॉबकार्ड धारकों का 2.10 करोड़ रुपये बकाया है। केंद्र से बजट आवंटित होने पर मनरेगा मजदूरों के खाते में सीधे धनराशि स्थानांतरित की जाएगी। तमाम मजदूर दूसरे प्रांतों में नौकरी करने चले गए हैं, जिसकी वजह से सक्रिय जॉब कार्डधारकों की संख्या कम हुई है। -संजय शर्मा, डीसी मनरेगा।
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मनरेगा योजना में प्रत्येक वित्तीय वर्ष में जॉब कार्डधारकों को 100 दिन का अकुशल श्रम रोजगार उपलब्ध कराने की गारंटी है। इसके एवज में प्रत्येक कार्य दिवस पर मनरेगा मजदूर को 230 रुपये की दर से मजदूरी का भुगतान होता है। जिले में 5.32 लाख मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं। इनमें सक्रिय जॉब कार्डधारकों की संख्या 1.87 लाख है। मनरेगा मजदूरों के आगे सबसे बड़ी समस्या भुगतान की है। रोजगार मिलने के बाद कई-कई माह इन्हें इंतजार करना पड़ता है।
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कामगारों का लगातार हो रहा पलायन
मनरेगा कामगारों को आवश्यकता पड़ने पर रोजगार भी नहीं मिलता है। मजदूरों और उनके परिवार के आगे भरण-पोषण का भी संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में मजदूर आजीविका चलाने के लिए दूसरे प्रांतों का रुख करने को मजबूर हो जाते हैं।
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मनरेगा में शामिल हैं ये कार्य
जिले में मनोरमा नदी के पुनरुद्धार, तालाब की जीर्णोद्धार, भूमि सुधार के कार्य, बाढ़ नियंत्रण, जल संचयन, सूखा रोधन, गोवंश आश्रय स्थल, कन्वर्जेंस से आंगनबाड़ी केंद्र, अमृत सरोवर तालाब का निर्माण के साथ गांवों में संसाधनों का विकास कराने में लिया जा रहा है।
बजट मिलते ही खाते में भेजी जाएगी रकम
इस समय मनरेगा जॉबकार्ड धारकों का 2.10 करोड़ रुपये बकाया है। केंद्र से बजट आवंटित होने पर मनरेगा मजदूरों के खाते में सीधे धनराशि स्थानांतरित की जाएगी। तमाम मजदूर दूसरे प्रांतों में नौकरी करने चले गए हैं, जिसकी वजह से सक्रिय जॉब कार्डधारकों की संख्या कम हुई है। -संजय शर्मा, डीसी मनरेगा।