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मंत्री ने लोक को सौंपा गो आश्रय, शवदाह गृह
Mon, 14 Jan 2019 11:05 PM IST
राकेश पांडेय
basti
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:05 PM IST
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मंत्री सुरेश खन्ना ने गो आश्रय स्थल का उद्घाटन किया।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। सूबे के नगर विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को गो संरक्षण केंद्र व शवदाह गृह का लोकार्पण तो शहरी आश्रय योजना का शिलान्यास किया। करीब डेढ़ घंटे विलंब से पहुंचे नगर विकास मंत्री कान्हा हाउस की भव्यता से खासे प्रभावित हुए।
तय कार्यक्रम दो बजे के बाद पहुंचे नगर विकास मंत्री ने मोदी व योगी सरकार की उपलब्धियों की फेहरिस्त गिनाई। नगर पालिका परिषद के पीछे स्थित कान्हा हाउस में उन्होंने शहर के गो आश्रय के लिए करीब 2.50 करोड़ के कान्हा हाउस, नगर पंचायत रुधौली स्थित 1.50 करोड़ के गो आश्रय केंद्र व 4.65 करोड़ रुपये से निर्मित शवदाह गृह का लोकार्पण वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। कहा कि सरकार 122 करोड़ रुपये खर्च कर सूबे में गो आश्रय का निर्माण करा रही है, जिससे सड़क पर छुट्टा घूम रहे पशुओं को रखा जाएगा। यहां उनके रहने व खाने-पीने की व्यवस्था की जाएगी। शहर में स्थित कान्हा हाउस में 150-200 गोवंशीय पशुओं को रखने की व्यवस्था है। विकास मंत्री ने इस केंद्र को प्रदेश का मॉडल कान्हा हाउस नगर घोषित किया। लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम के बाद नगर विकास मंत्री पत्रकारों से मुखातिब हुए। कहा कि सूबे की सरकार आठ लाख छतविहीन लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी। स्वच्छता के लिए शौचालय की उपयोगिता को देखते हुए करीब सवा आठ लाख शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दस लाख से कम आबादी वाले शहरों को सेफ्टेज मैनेजमेंट की सुविधा देकर पानी निकास की व्यवस्था बनाई गई है, बस्ती में इस योजना के तहत पांच करोड़ रुपये की पहली किस्त दी गई है।
कुंभ की चर्चा करना नगर विकास मंत्री नहीं भूले। बोले, दुनिया भर में कुंभ को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में स्थापित करने की पहल की गई है। एक अन्य प्रश्न के जवाब में नगर विकास मंत्री ने कहा कि तत्कालीन सपा सरकार में बनाई गई सड़कों की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसका सर्वे कराकर उसे नया रूप दिया जाएगा।
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एक सवाल के जवाब में नगर विकास मंत्री ने सपा-बसपा गठबंधन पर करारी टिप्पणी की। बोले कि यह गठबंधन अविश्वास का है। क्योंकि इस गठबंधन का नेता कौन है यह पूछ लिया जाए तो इसमें दरार आ जाएगी। कहा कि गठबंधन का सिलसिला कोई नया नहीं है। 1977 से लेकर अब तक जितने भी गठबंधन विपक्षी राजनीतिक दलों ने किए हैं, उसकी स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने सपा-बसपा के 1995 के गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जो गठबंधन हुआ था, उसका हश्र अच्छा नहीं रहा।
कार्यक्रम में सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक सदर दयाराम चौधरी, संजय प्रताप जायसवाल, रवि सोनकर, सीपी शुक्ल व अजय सिंह के अलावा नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रूपम मिश्रा, जिलाध्यक्ष पवन कसौधन, अनूप खरे, सत्येंद्र सिंह भोलू, नंद किशोर साहू, पुष्कर मिश्र, रवींद्र गौतम, डीएम डॉ. राजशेखर, डीआईडी व एसपी दिलीप कुमार, एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल, परियोजना निदेशक डूडा व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमन दीप डुली, ईओ डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
उपजे विरोध स्वर
नगर विकास मंत्री के लोकार्पण कार्यक्रम में वार्ड सदस्यों ने शिलापट पर नाम न होने पर आपत्ति करते हुए विरोध जताया।
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तय कार्यक्रम दो बजे के बाद पहुंचे नगर विकास मंत्री ने मोदी व योगी सरकार की उपलब्धियों की फेहरिस्त गिनाई। नगर पालिका परिषद के पीछे स्थित कान्हा हाउस में उन्होंने शहर के गो आश्रय के लिए करीब 2.50 करोड़ के कान्हा हाउस, नगर पंचायत रुधौली स्थित 1.50 करोड़ के गो आश्रय केंद्र व 4.65 करोड़ रुपये से निर्मित शवदाह गृह का लोकार्पण वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। कहा कि सरकार 122 करोड़ रुपये खर्च कर सूबे में गो आश्रय का निर्माण करा रही है, जिससे सड़क पर छुट्टा घूम रहे पशुओं को रखा जाएगा। यहां उनके रहने व खाने-पीने की व्यवस्था की जाएगी। शहर में स्थित कान्हा हाउस में 150-200 गोवंशीय पशुओं को रखने की व्यवस्था है। विकास मंत्री ने इस केंद्र को प्रदेश का मॉडल कान्हा हाउस नगर घोषित किया। लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम के बाद नगर विकास मंत्री पत्रकारों से मुखातिब हुए। कहा कि सूबे की सरकार आठ लाख छतविहीन लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी। स्वच्छता के लिए शौचालय की उपयोगिता को देखते हुए करीब सवा आठ लाख शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दस लाख से कम आबादी वाले शहरों को सेफ्टेज मैनेजमेंट की सुविधा देकर पानी निकास की व्यवस्था बनाई गई है, बस्ती में इस योजना के तहत पांच करोड़ रुपये की पहली किस्त दी गई है।
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कुंभ की चर्चा करना नगर विकास मंत्री नहीं भूले। बोले, दुनिया भर में कुंभ को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में स्थापित करने की पहल की गई है। एक अन्य प्रश्न के जवाब में नगर विकास मंत्री ने कहा कि तत्कालीन सपा सरकार में बनाई गई सड़कों की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसका सर्वे कराकर उसे नया रूप दिया जाएगा।
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एक सवाल के जवाब में नगर विकास मंत्री ने सपा-बसपा गठबंधन पर करारी टिप्पणी की। बोले कि यह गठबंधन अविश्वास का है। क्योंकि इस गठबंधन का नेता कौन है यह पूछ लिया जाए तो इसमें दरार आ जाएगी। कहा कि गठबंधन का सिलसिला कोई नया नहीं है। 1977 से लेकर अब तक जितने भी गठबंधन विपक्षी राजनीतिक दलों ने किए हैं, उसकी स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने सपा-बसपा के 1995 के गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जो गठबंधन हुआ था, उसका हश्र अच्छा नहीं रहा।
कार्यक्रम में सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक सदर दयाराम चौधरी, संजय प्रताप जायसवाल, रवि सोनकर, सीपी शुक्ल व अजय सिंह के अलावा नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रूपम मिश्रा, जिलाध्यक्ष पवन कसौधन, अनूप खरे, सत्येंद्र सिंह भोलू, नंद किशोर साहू, पुष्कर मिश्र, रवींद्र गौतम, डीएम डॉ. राजशेखर, डीआईडी व एसपी दिलीप कुमार, एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल, परियोजना निदेशक डूडा व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमन दीप डुली, ईओ डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
उपजे विरोध स्वर
नगर विकास मंत्री के लोकार्पण कार्यक्रम में वार्ड सदस्यों ने शिलापट पर नाम न होने पर आपत्ति करते हुए विरोध जताया।