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मत्स्य पालन के लिए नई तकनीकी अपनाकर मालामाल हों किसान: डॉ. संजय
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मत्स्य पालन के लिए नई तकनीक अपनाकर मालामाल हों किसान: डॉ. संजय
बस्ती। मछली पालन के लिए नई-नई तकनीक अपनाकर मत्स्य पालक अपनी आय बढ़ा सकते हैं। इसके लिए सरकार पूरा सहयोग कर रही है। यह बात प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कही। वे विकास भवन सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि मछली पालक किसानों को नौ जुलाई को विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना में ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि दोनों सरकारों ने मत्स्य विभाग का अलग मंत्रालय बनाया है। बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत छोटे व बड़े मछुआरे 10 हजार से लेकर 25 लाख तक 60 प्रतिशत अनुदान पर व्यवसाय कर सकते हैं। आरबीआई को पत्र लिखकर कहा गया है कि किसानों की तरह मत्स्य पालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। डॉ. निषाद ने कहा कि 25 लाख की लागत इकाई पर सामान्य वर्ग को 40 व अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति व महिलाओं को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 50 लाख की इकाई मत्स्य बीज हैचरी निर्माण पर भी अनुदान दिया जाएगा। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में लाभ प्राप्त करने के लिए आयोजित जागरुकता कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम को हर्रैया के विधायक अजय सिंह ने भी संबोधित किया।
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बस्ती। मछली पालन के लिए नई-नई तकनीक अपनाकर मत्स्य पालक अपनी आय बढ़ा सकते हैं। इसके लिए सरकार पूरा सहयोग कर रही है। यह बात प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कही। वे विकास भवन सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि मछली पालक किसानों को नौ जुलाई को विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना में ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि दोनों सरकारों ने मत्स्य विभाग का अलग मंत्रालय बनाया है। बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत छोटे व बड़े मछुआरे 10 हजार से लेकर 25 लाख तक 60 प्रतिशत अनुदान पर व्यवसाय कर सकते हैं। आरबीआई को पत्र लिखकर कहा गया है कि किसानों की तरह मत्स्य पालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। डॉ. निषाद ने कहा कि 25 लाख की लागत इकाई पर सामान्य वर्ग को 40 व अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति व महिलाओं को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 50 लाख की इकाई मत्स्य बीज हैचरी निर्माण पर भी अनुदान दिया जाएगा। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में लाभ प्राप्त करने के लिए आयोजित जागरुकता कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम को हर्रैया के विधायक अजय सिंह ने भी संबोधित किया।
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