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मेडिकल कॉलेज : ठंड से पहले चालू नहीं कर पाए आईसीयू, रेफर हो रहे मरीज

Sun, 15 Dec 2024 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 15 Dec 2024 11:31 PM IST
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Medical College: Could not start ICU before cold
नवंबर में ही 10 बेड का आईसीयू और माॅड्यूलर ओटी चालू करने की थी योजना
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वेंटिलेटर संचालन के लिए टेक्नीशियनों के समायोजन पर नहीं बनी सकी बात, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ठंड से पहले मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का मिनी आईसीयू और माड्यूलर ओटी चालू नहीं हो पाया। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। ठंड शुरू होते ही हार्ट अटैक एवं ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इन्हें तत्काल आईसीयू की जरूरत होती है। मगर, मेडिकल कॉलेज में यह व्यवस्था बहाल न होने से गंभीर मरीजों को रेफर कर देना पड़ रहा है।
ठंड के दौरान सांस फूलने की समस्या, ह्दय रोग और उक्त रक्चाप के चलते ब्रेन स्ट्रोक की समस्या बढ़ जाती है। शुगर, बीपी के मरीज लकवा के शिकार हो रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में लोग जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में इस तरह के गंभीर मरीजों के पहुंचते ही हाथ खड़े कर दिए जा रहे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तत्काल रेफर किया जा रहा है।
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इसके बाद बड़ी उम्मीद के साथ लोग मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। मगर, यहां भी स्थिति वहीं है। मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में जीवन रक्षक प्रणाली की व्यवस्था न होने से मरीजों को गोरखपुर और लखनऊ रेफर कर दिया जा रहा है। जबकि मेडिकल कॉलेज में प्रति दिन सांस फूलने, ह्दय और न्यूरो से संबंधित दो सौ रोगी पहुंच रहे हैं। इसमें पांच से छह की संख्या में गंभीर मरीज भी शामिल रहते हैं। जिन्हें तत्काल आईसीयू में रखने की जरूरत पड़ती है।
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ओपेक चिकित्सालय कैली में 10 बेड का मिनी आईसीयू और मॉड्यूलर ओटी बनकर दो माह पहले ही तैयार हो चुका है। केंद्रीयकृत एसी, ऑक्सीजन पाइपलाइन, वेंटिलेटर आदि आधुनिक सुविधाओं से यह लैस किया जा चुका है। नवंबर से इसे चालू करने की तैयारी थी। इसके लिए वेंटिलेटर चलाने के लिए टेक्नीशियनों की व्यवस्था नहीं हो पाई। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोविड के दौरान एनएचएम के तहत नियुक्त वेंटिलेटर टेक्नीशियनों के समायोजन की प्रक्रिया भी पूरी की। मगर, जब उनकी फाइल वित्त नियंत्रक के पास पहुंची तो उन्होंने इस पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि इनके मानदेय का कोई पृथक मद नहीं है। इसी के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन पीछे हट गया। इससे आईसीयू वार्ड नहीं चालू हो सका।
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ठंड में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत

एमडी, मेडिसिन डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि ठंड में शुगर, ब्लड प्रेशर के मरीजों में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। सांस फूलने वाले मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। यदि मरीज अचानक लकवा ग्रस्त या अचेत हो गया तो उन्हें आईसीयू में तत्काल रखने की जरूरत पड़ती है। इससे उनके जीवन को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। ऐसे मरीजों को ठंड में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वह ठंड से बचने की पूरी कोशिश करें। गर्म पानी से नहाए। गुनगुना पानी का सेवन ज्यादा करें। बाहर कम निकलें। बुजुर्गों को अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखना चाहिए। शुगर, बीपी की दवा नियमित लें और समय-समय पर चेकअप भी कराएं।

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कोट
10 बेड का आईसीयू बनकर लगभग तैयार है। वेंटिलेटर संचालित करने के लिए टेक्नीशियनों के मानदेय का मामला फंसा हुआ है। मॉड्यूलर ओटी में भी कुछ वित्तीय प्रकरण बाधा है। इन सभी मुद्दों पर निष्कर्ष निकाला जा रहा है। प्रयास है कि जल्द ही यह व्यवस्था शुरू करा दी जाए।
डॉ. मनोज कुमार, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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