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Basti News: मणिपुर घटना के विरोध मं सपा महिला मोर्चा ने निकाला कैंडिल मार्च
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बस्ती। मणिपुर में नरसंहार, 140 से अधिक लोगोें की मौत और कांगपोकपी जिले में दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना के विरोध में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी महिला सभा ने कैंडल मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष गीता भारती ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर महिलाओं ने शास्त्री चौक से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक मार्च किया। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, प्रधानमंत्री से मामलों में हस्तक्षेप और मणिपुर के मुख्यमंत्री के त्याग पत्र की मांग की।
सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष गीता भारती ने कहा कि मणिपुर महीनोें से सुलग रहा है, और निर्दोषों का कत्लेआम हो रहा है। बहू बेटियों की अस्मत सुरक्षित नहीं है, किंतु प्रधानमंत्री खामोश हैं। उनकी चुप्पी एक वीडियो पर टूटी, जिसमें दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर उन्हें अपमानित किया गया। गीता भारती ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने समय रहते मणिपुर घटनाक्रम पर चुप्पी तोड़ी होती तो स्थितियों को बचाया जा सकता था।
उन्होंने मांग की कि मणिपुर को सुलगनेे से बचाया जाए? हिंसा पर विराम लगे और बहू बेटियों की अस्मत से खिलवाड़ करने वालोें को कड़ा दंड मिले। मार्च में शकुंतला चौरसिया, इन्द्रावती शुक्ला, प्रर्मिला, बबिता, विन्दवासिनी सहित तमाम महिलाएं शामितल रहीं।
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सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष गीता भारती ने कहा कि मणिपुर महीनोें से सुलग रहा है, और निर्दोषों का कत्लेआम हो रहा है। बहू बेटियों की अस्मत सुरक्षित नहीं है, किंतु प्रधानमंत्री खामोश हैं। उनकी चुप्पी एक वीडियो पर टूटी, जिसमें दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर उन्हें अपमानित किया गया। गीता भारती ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने समय रहते मणिपुर घटनाक्रम पर चुप्पी तोड़ी होती तो स्थितियों को बचाया जा सकता था।
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उन्होंने मांग की कि मणिपुर को सुलगनेे से बचाया जाए? हिंसा पर विराम लगे और बहू बेटियों की अस्मत से खिलवाड़ करने वालोें को कड़ा दंड मिले। मार्च में शकुंतला चौरसिया, इन्द्रावती शुक्ला, प्रर्मिला, बबिता, विन्दवासिनी सहित तमाम महिलाएं शामितल रहीं।
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