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Basti News: श्रीराम के धनुष कोदंड के आकार में सजेगा मखौड़ा धाम
Wed, 11 Oct 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 11 Oct 2023 12:13 AM IST
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मखौड़ाधाम। संवाद
- श्रीराम के पद चिह्न वाले पौराणिक स्थलों को जोड़कर बनाया जाएगा रामायण सर्किट
- 10 खंडों में होगा निर्माण, पर्यटन क्षेत्र के रूप में लुभाएगा सरयू और मनवर नदी का किनारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू और मनवर नदी का आंचल अब पर्यटकों को खूब लुभाएगा। यहां पर्यटन की दृष्टि से विकास के नए आयाम गढ़े जाएंगे। जिले में प्रभु श्रीराम के पदचिह्न से जुड़े पौराणिक स्थलों को आपस में जोड़कर रामायण सर्किट का हिस्सा बनाया जाएगा। इसमें राजा दशरथ की पुत्र कामेष्टि यज्ञ नगरी मखौड़ा धाम (मख क्षेत्र) को नया स्वरूप श्रीराम के धनुष कोदंड के आकार में दिया जाएगा। इसके अलावा श्रृंगीनारी, रामरेखा एवं हनुमान बाग भी पर्यटन सर्किल में शामिल होगा।
नव्य-भव्य अयोध्या के नए आभामंडल की झलक जिले के पश्चिमी हिस्से में दिखेगी। इसके लिए मनवर, सरयू और रामरेखा नदी के तटीय क्षेत्र चिह्नित कर लिए गए हैं। यहां प्रभु श्रीराम की स्मृतियों से जुड़े स्थल संजाए-संवारे जाएंगे। पर्यटन नगरी की तरह बस्ती का यह हिस्सा भी विकसित होगा। अयोध्या में आने वाले देश-विदेश के दर्शनार्थियों को जिले का यह अंचल भी खूब भाएगा।
यहां पर्यटकों और सैलानियों की चहल-पहल बढ़ेगी। रामायण सर्किट के हिस्से को दस खंडों में विकसित किया जाएगा। इसके लिए अयोध्या की आधा दर्जन महत्वपूर्ण परियोजनाएं यहां धरातल पर उतारी जाएगी। अयोध्या का रिंग रोड, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग जिले के परशुरामपुर, विक्रमजोत और दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र से होकर गुजरेंगे। श्रीराम के प्राक्ट्य स्थल से जिले के मखौड़ा धाम तक कॉरिडोर का निर्माण भी प्रस्तावित है। अयोध्या विकास प्राधिकरण में जिले की हर्रैया तहसील के 112 गांव शामिल किए जा रहे हैं।
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देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों को बस्ती नए अयोध्या का दर्शन कराने के साथ प्रवेश भी कराएगी। नई अयोध्या के उत्तरी छोर का हनुमान द्वार जिले के लोलपुर और इस्माइलपुर गांव के पास बनेगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से चिह्नित 59 किसानों से 7.5046 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। 25 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य गेट, होटल, आधुनिक रेस्टोरेंट और पार्किंग स्थल का निर्माण होगा।
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कोदंड के आकृति में दिखेगा नया मखौड़ा
त्रेतायुग में चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ ने पुत्र कामेष्टि यज्ञ मनवर नदी के तट पर मख क्षेत्र में कराया था। यह सरयू से उत्तर अयोध्या से 20 किमी की दूरी पर बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लॉक में स्थित है। वर्तमान में यह मखौड़ा धाम के नाम से प्रचलित है। यहीं से अयोध्या से 84 कोसी परिक्रमा प्रत्येक वर्ष शुरू होती है। इसे रामायण सर्किट में शामिल किया जाएगा। इस स्थल को श्रीराम के धनुष कोदंड के आकार में बनाया जाएगा। इसमें भव्य मंदिर, गेट, घाट, विश्राम गृह और रेस्तरां आदि का निर्माण प्रस्तावित है।
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हनुमान बाग चकोही की बदलेगी तस्वीर
रामायण सर्किट का दूसरा हिस्सा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाला पहला पड़ाव दुबौलिया ब्लॉक में स्थित हनुमानबाग चकोही है। यहां की भी तस्वीर बदली जानी है। परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्रामालय, भव्य मंदिर निर्माण और पर्यटकों को लुभाने के लिए वाटिका, रेस्तरां एवं ठहरने के प्रबंध किए जाएंगे। हरियाली, जलाशय की अद्भुत छटा बिखेरी जाएगी।
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रामरेखा नदी का होगा कायाकल्प
रामायण सर्किट में रामरेखा नदी भी शामिल की गई है। इस नदी का महात्व है कि जनकपुर से लौटते समय माता सीता को प्यास लगी तो श्रीराम ने अपनी अंगुली से रेखा खींची जिससे जलधारा निकलने लगी। तब माता सीता की प्यास बुझी थी। इसीलिए यह नदी रामरेखा के नाम प्रचलित है। इसे संरक्षित करने के साथ ही नदी के तटीय क्षेत्र को आकर्षक बनाया जाएगा, ताकि यहां की मनोरम छटा पर्यटकों को सैर सपाटा करने पर विवश कर सके।
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श्रृंगीनारी को भी मिलेगा नया स्वरूप
रामायण सर्किट योजना के तहत परशुरामपुर ब्लॉक के श्रृंगीनारी धाम को भी नया स्वरूप दिया जाएगा। पुत्र कामेष्टि यज्ञ के मुख्य पुरोहित ऋषि श्रृंगि की धर्मपत्नी माता सांता की यह तपोस्थली मानी जाती है। इसलिए यह स्थल श्रृंगीनारी के रूप में प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक मंगलवार को श्रद्धालुओं का मेला लगता है। इस स्थल को भी पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
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13 गांवों से गुजरेगी अयोध्या की रिंग रोड
अयोध्या के चारोतरफ प्रस्तावित रिंग रोड जिले के हर्रैया तहसील के 13 गांवों से होकर गुजरेगी। इसमें रमहटिया, मझौवा दूबे, एकमा हरदिया, पड़रिया, घिरौली पांडेय, रैदासपुर, बड़ागांव, चौरा, मलौली दुबे, पिकौरा चौबे, एलिया जुग्गाराम, एकमा हिरमिया व रायपुर गांव शामिल हैं। कुल 41 हेक्टयर जमीन 30 करोड़ रुपये की लागत से अधिग्रहित होनी है। जिला प्रशासन ने 618 में से 484 किसानों से 25 करोड़ मूल्य की जमीन का रजिस्ट्री बैनामा भी करा लिया है।
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परिक्रमा मार्ग की भी शुरू हुई तैयारी
84 कोसी परिक्रमा मार्ग मखौड़ा धाम से शुरू होकर जिले में 29 किमी की लंबाई में बनाया जाएगा। इसमें 54 गांवों के 6500 किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने भूमि चिह्नांकन (थ्री-डी) की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कोट
रामायण सर्किट में शामिल स्थलों को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सीडीओ को सौंपी गई है। जल्द ही वह एक्सपर्ट इंजीनियरों की मदद से डिजाइन युक्त डीपीआर तैयार कराएंगे। कुल दस खंडों में इस सर्किट का निर्माण होना है। इसके अलावा अयोध्या से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के कार्यों में तेजी लाई गई है।
-अंद्रा वामसी, डीएम
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- 10 खंडों में होगा निर्माण, पर्यटन क्षेत्र के रूप में लुभाएगा सरयू और मनवर नदी का किनारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू और मनवर नदी का आंचल अब पर्यटकों को खूब लुभाएगा। यहां पर्यटन की दृष्टि से विकास के नए आयाम गढ़े जाएंगे। जिले में प्रभु श्रीराम के पदचिह्न से जुड़े पौराणिक स्थलों को आपस में जोड़कर रामायण सर्किट का हिस्सा बनाया जाएगा। इसमें राजा दशरथ की पुत्र कामेष्टि यज्ञ नगरी मखौड़ा धाम (मख क्षेत्र) को नया स्वरूप श्रीराम के धनुष कोदंड के आकार में दिया जाएगा। इसके अलावा श्रृंगीनारी, रामरेखा एवं हनुमान बाग भी पर्यटन सर्किल में शामिल होगा।
नव्य-भव्य अयोध्या के नए आभामंडल की झलक जिले के पश्चिमी हिस्से में दिखेगी। इसके लिए मनवर, सरयू और रामरेखा नदी के तटीय क्षेत्र चिह्नित कर लिए गए हैं। यहां प्रभु श्रीराम की स्मृतियों से जुड़े स्थल संजाए-संवारे जाएंगे। पर्यटन नगरी की तरह बस्ती का यह हिस्सा भी विकसित होगा। अयोध्या में आने वाले देश-विदेश के दर्शनार्थियों को जिले का यह अंचल भी खूब भाएगा।
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यहां पर्यटकों और सैलानियों की चहल-पहल बढ़ेगी। रामायण सर्किट के हिस्से को दस खंडों में विकसित किया जाएगा। इसके लिए अयोध्या की आधा दर्जन महत्वपूर्ण परियोजनाएं यहां धरातल पर उतारी जाएगी। अयोध्या का रिंग रोड, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग जिले के परशुरामपुर, विक्रमजोत और दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र से होकर गुजरेंगे। श्रीराम के प्राक्ट्य स्थल से जिले के मखौड़ा धाम तक कॉरिडोर का निर्माण भी प्रस्तावित है। अयोध्या विकास प्राधिकरण में जिले की हर्रैया तहसील के 112 गांव शामिल किए जा रहे हैं।
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कोदंड के आकृति में दिखेगा नया मखौड़ा
त्रेतायुग में चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ ने पुत्र कामेष्टि यज्ञ मनवर नदी के तट पर मख क्षेत्र में कराया था। यह सरयू से उत्तर अयोध्या से 20 किमी की दूरी पर बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लॉक में स्थित है। वर्तमान में यह मखौड़ा धाम के नाम से प्रचलित है। यहीं से अयोध्या से 84 कोसी परिक्रमा प्रत्येक वर्ष शुरू होती है। इसे रामायण सर्किट में शामिल किया जाएगा। इस स्थल को श्रीराम के धनुष कोदंड के आकार में बनाया जाएगा। इसमें भव्य मंदिर, गेट, घाट, विश्राम गृह और रेस्तरां आदि का निर्माण प्रस्तावित है।
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हनुमान बाग चकोही की बदलेगी तस्वीर
रामायण सर्किट का दूसरा हिस्सा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाला पहला पड़ाव दुबौलिया ब्लॉक में स्थित हनुमानबाग चकोही है। यहां की भी तस्वीर बदली जानी है। परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्रामालय, भव्य मंदिर निर्माण और पर्यटकों को लुभाने के लिए वाटिका, रेस्तरां एवं ठहरने के प्रबंध किए जाएंगे। हरियाली, जलाशय की अद्भुत छटा बिखेरी जाएगी।
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रामरेखा नदी का होगा कायाकल्प
रामायण सर्किट में रामरेखा नदी भी शामिल की गई है। इस नदी का महात्व है कि जनकपुर से लौटते समय माता सीता को प्यास लगी तो श्रीराम ने अपनी अंगुली से रेखा खींची जिससे जलधारा निकलने लगी। तब माता सीता की प्यास बुझी थी। इसीलिए यह नदी रामरेखा के नाम प्रचलित है। इसे संरक्षित करने के साथ ही नदी के तटीय क्षेत्र को आकर्षक बनाया जाएगा, ताकि यहां की मनोरम छटा पर्यटकों को सैर सपाटा करने पर विवश कर सके।
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श्रृंगीनारी को भी मिलेगा नया स्वरूप
रामायण सर्किट योजना के तहत परशुरामपुर ब्लॉक के श्रृंगीनारी धाम को भी नया स्वरूप दिया जाएगा। पुत्र कामेष्टि यज्ञ के मुख्य पुरोहित ऋषि श्रृंगि की धर्मपत्नी माता सांता की यह तपोस्थली मानी जाती है। इसलिए यह स्थल श्रृंगीनारी के रूप में प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक मंगलवार को श्रद्धालुओं का मेला लगता है। इस स्थल को भी पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
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13 गांवों से गुजरेगी अयोध्या की रिंग रोड
अयोध्या के चारोतरफ प्रस्तावित रिंग रोड जिले के हर्रैया तहसील के 13 गांवों से होकर गुजरेगी। इसमें रमहटिया, मझौवा दूबे, एकमा हरदिया, पड़रिया, घिरौली पांडेय, रैदासपुर, बड़ागांव, चौरा, मलौली दुबे, पिकौरा चौबे, एलिया जुग्गाराम, एकमा हिरमिया व रायपुर गांव शामिल हैं। कुल 41 हेक्टयर जमीन 30 करोड़ रुपये की लागत से अधिग्रहित होनी है। जिला प्रशासन ने 618 में से 484 किसानों से 25 करोड़ मूल्य की जमीन का रजिस्ट्री बैनामा भी करा लिया है।
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परिक्रमा मार्ग की भी शुरू हुई तैयारी
84 कोसी परिक्रमा मार्ग मखौड़ा धाम से शुरू होकर जिले में 29 किमी की लंबाई में बनाया जाएगा। इसमें 54 गांवों के 6500 किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने भूमि चिह्नांकन (थ्री-डी) की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कोट
रामायण सर्किट में शामिल स्थलों को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सीडीओ को सौंपी गई है। जल्द ही वह एक्सपर्ट इंजीनियरों की मदद से डिजाइन युक्त डीपीआर तैयार कराएंगे। कुल दस खंडों में इस सर्किट का निर्माण होना है। इसके अलावा अयोध्या से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के कार्यों में तेजी लाई गई है।
-अंद्रा वामसी, डीएम