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संघर्षड की कोख पैदा होते हैं महाराणा जैसे महापुरुष
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इतिहास में वीरों के नाम में अग्रगण्य हैं महाराणा प्रताप : सांसद
बस्ती। महाराणा प्रताप जैसे महापुरुष संघर्ष की कोख से पैदा होते हैं। यह कहना है कैसरगंज सांसद बृजभूषण सिंह का। वह सोमवार को महाराणा प्रताप की जयंती पर अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में आयोजित गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जब भी भारतीय इतिहास में वीरों का नाम याद किया जाता है, महाराणा प्रताप का नाम सबसे आगे है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक युग में समय-काल के अनुरूप नायक पैदा होते रहते हैं। देश के निर्माण में अनेक महापुरुषों का योगदान है। हमें महापुरुषों से प्रेरणा लेकर जब महाराणा प्रताप को अपने वश में करने के अकबर के सभी प्रयास विफल रहे तब हल्दीघाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ। महाराणा प्रताप ने पूरी सजगता और अप्रतिम वीरता के साथ युद्ध लड़ा। इस युद्ध में महाराणा का प्रिय चेतक बलिदान हो गया। उनका संघर्ष और योगदान युगों तक याद किया जाएगा। मुख्य वक्ता सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि महाराणा प्रताप के शौर्य और बहादुरी की चर्चा पूरी दुनिया में होती है। उन्होंने अपने पराक्रम से मुगलों को नाकों चने चबवा दिए थे। उनकी वीरता के अनेक किस्से मशहूर हैं। युवा पीढ़ी को ऐसे महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। हर्रैया विधायक अजय सिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े अनेक प्रसंगों को वर्तमान से जोड़ा। भाजपा नेता अरविंद पाल ने कहा कि अनेक महापुरुषों के त्याग व बलिदान से ही देश समृद्धि की ओर है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने महाकवि दिनकर की कविताओं का उद्धरण देते हुए कहा कि यह जीवन ही एक युद्ध है। एपीएन के पूर्व अध्यक्ष अमन प्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से निरंतर संघर्ष करते रहने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम संयोजक कृष्ण चंद्र सिंह ने अतिथियों, उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का पूरा जीवन संघर्षों से घिरा रहा, लेकिन वे अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। इससे पूर्व सिविल लाइंस तिराहा स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया गया।
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इस अवसर पर बेचू सिंह, अशोक सिंह, रघुनाथ सिंह, यशकांत सिंह, दुष्यंत विक्रम सिंह, वेद प्रकाश सिंह, सौरभ सिंह, योगेंद्र सिंह, सचिन सिंह, अरविंद सिंह, अवनीश सिंह, सत्येंद्र सिंह ‘भोलू’ राज मोहन सिंह, आदित्य विक्रम सिंह, हर्षदीप सिंह, केके सिंह, चंद्रकेश सिंह ‘मनोज’, राजेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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बस्ती। महाराणा प्रताप जैसे महापुरुष संघर्ष की कोख से पैदा होते हैं। यह कहना है कैसरगंज सांसद बृजभूषण सिंह का। वह सोमवार को महाराणा प्रताप की जयंती पर अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में आयोजित गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जब भी भारतीय इतिहास में वीरों का नाम याद किया जाता है, महाराणा प्रताप का नाम सबसे आगे है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक युग में समय-काल के अनुरूप नायक पैदा होते रहते हैं। देश के निर्माण में अनेक महापुरुषों का योगदान है। हमें महापुरुषों से प्रेरणा लेकर जब महाराणा प्रताप को अपने वश में करने के अकबर के सभी प्रयास विफल रहे तब हल्दीघाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ। महाराणा प्रताप ने पूरी सजगता और अप्रतिम वीरता के साथ युद्ध लड़ा। इस युद्ध में महाराणा का प्रिय चेतक बलिदान हो गया। उनका संघर्ष और योगदान युगों तक याद किया जाएगा। मुख्य वक्ता सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि महाराणा प्रताप के शौर्य और बहादुरी की चर्चा पूरी दुनिया में होती है। उन्होंने अपने पराक्रम से मुगलों को नाकों चने चबवा दिए थे। उनकी वीरता के अनेक किस्से मशहूर हैं। युवा पीढ़ी को ऐसे महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। हर्रैया विधायक अजय सिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े अनेक प्रसंगों को वर्तमान से जोड़ा। भाजपा नेता अरविंद पाल ने कहा कि अनेक महापुरुषों के त्याग व बलिदान से ही देश समृद्धि की ओर है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने महाकवि दिनकर की कविताओं का उद्धरण देते हुए कहा कि यह जीवन ही एक युद्ध है। एपीएन के पूर्व अध्यक्ष अमन प्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से निरंतर संघर्ष करते रहने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम संयोजक कृष्ण चंद्र सिंह ने अतिथियों, उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का पूरा जीवन संघर्षों से घिरा रहा, लेकिन वे अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। इससे पूर्व सिविल लाइंस तिराहा स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया गया।
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इस अवसर पर बेचू सिंह, अशोक सिंह, रघुनाथ सिंह, यशकांत सिंह, दुष्यंत विक्रम सिंह, वेद प्रकाश सिंह, सौरभ सिंह, योगेंद्र सिंह, सचिन सिंह, अरविंद सिंह, अवनीश सिंह, सत्येंद्र सिंह ‘भोलू’ राज मोहन सिंह, आदित्य विक्रम सिंह, हर्षदीप सिंह, केके सिंह, चंद्रकेश सिंह ‘मनोज’, राजेश सिंह आदि मौजूद रहे।