फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Low prices...big business of adulterated cheese in towns

Basti News: कीमत कम...कस्बों में मिलावटी पनीर का बड़ा धंधा

Wed, 17 Dec 2025 12:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Dec 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
Low prices...big business of adulterated cheese in towns
इसी वाहन से नकली पनीर की कर रहे थे आपूर्ति स्रोत विभाग
बस्ती। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ही नहीं अब पुलिस भी मिलावटी पनीर पकड़ रही है। जिले में एक बार फिर गनेशपुर में पनीर आपूर्ति के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। बताया गया कि सस्ते दाम पर पनीर की आपूर्ति करने वाला गिरोह लंबे समय से जिले में सक्रिय है।
विज्ञापन

लेकिन बस्ती में मिलावटी पनीर फैक्टरी के पकड़े जाने के बाद धंधेबाजों ने अपना पैतरा बदला और दूसरे जिले से मिलावटी पनीर मंगवाकर खपा रहे हैं। बताते हैं कि शादी-समारोह, होटल-ढाबों से लेकर गांव-कस्बे की छोटी-बड़ी किराने की दुकानों तक इसकी आपूर्ति पहुंच रही है। जनपद में बाहर से मंगवाए गए बड़ी मात्रा में तैयार पकड़ी गई पनीर ने पूरे नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
विज्ञापन

पनीर की बरामदगी ने इस बात की पुष्टि की है कि जनपद में बाहरी खाद्य पदार्थों के जरिये बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल होता है। जानकारों ने बताया कि हाल ही में जिले के रोडवेज स्थित पकड़ी गई मिलावटी पनीर फैक्टरी के बंद होने पर यहां धंधा मंद पड़ा तो बाहरी जिले से पनीर की आपूर्ति करवाने लगे हैं। बताते हैं कि पनीर हर सीजन और हर वक्त उपलब्ध कराने वाले गिरोह का नेटवर्क हर बाजार में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

थर्माकोल बॉक्स में भरकर मिलावटी मिलावटी पनीर खपा रहे हैं। इसके लिए उन्हें मोटा मुनाफा मिल रहा है। बताते हैं कि जो लोग पनीर की आपूर्ति करते हैं उसमें चुनिंदा लोग जुड़े हैं। क्योंकि, फैक्टरी तक खरीदार को नहीं लाया जाता था। अंदर उसकी नजर पड़ती तो धंधे पर ग्रहण लग जाता इसलिए, मालिक, कॅरियर, काम करने वाले अन्य लोगों के अलावा यहां कोई नहीं आता था।
डिमांड कितनी हो, एक घंटे में मिल जाएगा ऑर्डर : सूत्रों से पता चला है कि डिमांड कितनी भी हो, पनीर की आपूर्ति हो जाती है। सूत्रों की माने तो लगन में 30 से 35 क्विंटल की खपत थी। अब सीजन खत्म होने पर पनीर की खपत कम हुई। इससे धंधेबाज भी अब नया तरीका अपना रहे हैं।
बताते हैं कि आर्डर करते ही एक घंटे में पनीर की आपूर्ति कर देते हैं। वहीं, नेटवर्क की बात करें तो जनपद के हर्रैया, गनेशपुर, रुधौली, कुदरहा, कप्तानगंज, भानपुर, बभनान बाजार तक फैला है। यहां पनीर गोपनीय रास्ते से पहुंचाते हैं, ताकि पुलिस और विभाग की रडार से बच निकलें।
हलवाई करते हैं सहयोग : पैठ और कारोबार का दायरा बढ़ाने में सबसे अधिक सहयोग हलवाई करते थे। जो कुछ तो दिल्ली में रहते हैं जो लगन शुरू होते ही आ जाते और कुछ नियमित यहीं रहते हैं। जहां उनका सट्टा होता है, मालिक से कहते हैं कि हमारे यहां अच्छा और सस्ता पनीर मिल जाएगा। क्वालिटी अच्छी रहेगी। इस प्रकार सप्लाई और बढ़ जाती है। सहालग खत्म होने पर अब छोटे-छोटे दुकानों से संपर्क कर वहां पनीर रखवा रहे हैं। इसकी पुष्टि गनेशपुर बाजार में पकड़ी गई पनीर से होती है।

दूध में रसायन व पाउडर का प्रयोग अधिक : विशेषज्ञों के अनुसार दूध का इस्तेमाल बहुत कम या नगण्य हाइड्रोजनाइज्ड फैट, आर्टिफिशियल थिकनर, ब्लिचिंग सामग्री, जमाने के लिए केमिकल का उपयोग करते थे। सर्जन डॉ. विजय तिवारी के अनुसार मिलावटी मिलावटी पनीर स्वास्थ्य के लिए घातक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed