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लेखपाल निलंबित होंगे, तहसीलदार ने माफी मांगी
basti
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:58 PM IST
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राजनीति
- फोटो : amar ujala
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हर्रैया।
तहसील प्रशासन और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के बीच घंटों वार्ता के बाद सहमति बन गई। लेखपाल के निलंबन के आश्वासन तथा तहसीलदार के माफी मांगने के बाद किसान नेताओं ने अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की है।
सोमवार को लंच के लिए अपनी गाड़ी से जा रहे एसडीएम को उग्र किसानों ने दौड़ा लिया और तहसील का गेट बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर तैनात कप्तानगंज, हर्रैया, छावनी, पैकोलिया और दुबौलिया पुलिस ने वाहन घेर कर नारेबाजी कर रहे किसानों को समझा-बुझाकर गेट खुलवाया। दोनों पक्षों में एसडीएम कक्ष मेें घंटों वार्ता के बाद एसडीएम दिनेश कुुमार ने धरना स्थल पर जाकर दोषी लेखपाल को निलंबित करने के आश्वासन और तहसीलदार नवीन कुमार के लेखपालों के कृत्य पर माफी मांगने पर भाकियू का धरना समाप्त हुआ। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल को निलंबित किया जाएगा। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष ने बताया कि 24 घंटे में लेखपाल को निलंबित करने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया है। साथ ही भाकियू जिला उपाध्यक्ष पर दर्ज मुकदमा वापस करने पर भी सहमति बनी है। चेतावनी दी है कि प्रशासन ने वादे के अनुसार कार्य नहीं किया तो अंजाम गंभीर होगा। गत शुक्रवार को तहसील में भाकियू के जिला उपाध्यक्ष राम चंदर सिंह लेखपालों के हमले में घायल हो गए थे। दोनों पक्षों में तभी से तनातनी चल रही थी। दोनों ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। भाकियू के कार्यकर्ता हमले के मुख्य आरोपी लेखपाल हर्षवर्धन की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। प्रशासन के लचीले रुख को लेकर सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता उग्र हो गए और तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किए। मंडल अध्यक्ष सुभाष चंद्र किसान ने कहा कि प्रशासन अपने हठवादी रवैये पर अड़ा रहा तो किसान अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं हिचकेगा। राम मनोहर चौधरी ने कहा कि भाकियू नेता पर हमला तहसील प्रशासन के अधिकारियों के सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। भ्रष्टाचार का विरोध करने के कारण लेखपालों ने जिस प्रकार एकजुट होकर हमला किया वह अधिकारियों के इशारे पर ही संभव है। दोषी लेखपाल पर अभी तक कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों के मंसूबे जाहिर हो गए हैं। बंधू चौधरी, शोभाराम ठाकुर, हरि प्रसाद चौधरी ने धरने को संबोधित किया।
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तहसील प्रशासन और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के बीच घंटों वार्ता के बाद सहमति बन गई। लेखपाल के निलंबन के आश्वासन तथा तहसीलदार के माफी मांगने के बाद किसान नेताओं ने अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की है।
सोमवार को लंच के लिए अपनी गाड़ी से जा रहे एसडीएम को उग्र किसानों ने दौड़ा लिया और तहसील का गेट बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर तैनात कप्तानगंज, हर्रैया, छावनी, पैकोलिया और दुबौलिया पुलिस ने वाहन घेर कर नारेबाजी कर रहे किसानों को समझा-बुझाकर गेट खुलवाया। दोनों पक्षों में एसडीएम कक्ष मेें घंटों वार्ता के बाद एसडीएम दिनेश कुुमार ने धरना स्थल पर जाकर दोषी लेखपाल को निलंबित करने के आश्वासन और तहसीलदार नवीन कुमार के लेखपालों के कृत्य पर माफी मांगने पर भाकियू का धरना समाप्त हुआ। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल को निलंबित किया जाएगा। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष ने बताया कि 24 घंटे में लेखपाल को निलंबित करने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया है। साथ ही भाकियू जिला उपाध्यक्ष पर दर्ज मुकदमा वापस करने पर भी सहमति बनी है। चेतावनी दी है कि प्रशासन ने वादे के अनुसार कार्य नहीं किया तो अंजाम गंभीर होगा। गत शुक्रवार को तहसील में भाकियू के जिला उपाध्यक्ष राम चंदर सिंह लेखपालों के हमले में घायल हो गए थे। दोनों पक्षों में तभी से तनातनी चल रही थी। दोनों ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। भाकियू के कार्यकर्ता हमले के मुख्य आरोपी लेखपाल हर्षवर्धन की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। प्रशासन के लचीले रुख को लेकर सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता उग्र हो गए और तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किए। मंडल अध्यक्ष सुभाष चंद्र किसान ने कहा कि प्रशासन अपने हठवादी रवैये पर अड़ा रहा तो किसान अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं हिचकेगा। राम मनोहर चौधरी ने कहा कि भाकियू नेता पर हमला तहसील प्रशासन के अधिकारियों के सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। भ्रष्टाचार का विरोध करने के कारण लेखपालों ने जिस प्रकार एकजुट होकर हमला किया वह अधिकारियों के इशारे पर ही संभव है। दोषी लेखपाल पर अभी तक कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों के मंसूबे जाहिर हो गए हैं। बंधू चौधरी, शोभाराम ठाकुर, हरि प्रसाद चौधरी ने धरने को संबोधित किया।
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