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अशोक तिवारी अध्यक्ष, धर्मेंद्र मंत्री बने
basti
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:29 PM IST
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चुनाव
- फोटो : amar ujala
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सदर तहसील के परिसर में शुक्रवार को लेखपाल संघ के पदाधिकारियों का चुनाव और अधिवेशन संपन्न हुआ। 14वीं बार अशोक कुमार तिवारी को तहसील अध्यक्ष और दूसरी बार धर्मेंद्र कुमार को मंत्री चुना गया।
चुनाव से पहले अधिवेशन में लेखपाल संघ के पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर उपाध्याय और लेखपाल जुगुल किशोर वर्मा ने कहा कि लेखपाल संघ की मजबूती के लिए योग्य पदाधिकारी का होना आवश्यक है। ऐसा पदाधिकारी हो जो लेखपालों की समस्याओं की आवाज को अधिकारियों के सामने मजबूती से उठा सके। इसी तरह अन्य लेखपालों ने भी योग्य पदाधिकारी का चयन करने की सलाह दी। अधिवेशन के बाद चुनाव हुआ। इसमें 14 साल से अध्यक्ष रहे अशोक कुमार तिवारी और अनिल मिश्र दो उम्मीदवार रहे। अशोक को 125 और अनिल को 112 मत मिले, एक मत अवैध हो गया। इसी तरह मंत्री पद के लिए दो उम्मीदवार रहे, जिसमें धर्मेंद्र कुमार दूसरी बार मंत्री चुने गए। इन्हें 150 जबकि दूसरे उम्मीदवार रामजीत को 84 मत मिले। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुखवीर सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष कमल भान पांडेय, उपमंत्री सौरभ त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष शिवमूरत प्रसाद और आमोद कुमार आर्य को निर्विरोध रूप से संप्रेक्षक चुना गया। चुनाव अधिकारी की भूमिका अयोध्या प्रसाद यादव और शिवनरायन ने तथा प्रेक्षक के रूप में रमेशचंद्र और विद्याधर द्विवेदी रहे। इस मौके पर वरुणेंद्र शुक्ल, सुशील चौबे, धीरेंद्र सिंह, जीतेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, हिमांशु, दीपक यादव, विजय कुमार श्रीवास्तव, अभय वर्मा, विनोद कुमार और जियालाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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सदर तहसील के परिसर में शुक्रवार को लेखपाल संघ के पदाधिकारियों का चुनाव और अधिवेशन संपन्न हुआ। 14वीं बार अशोक कुमार तिवारी को तहसील अध्यक्ष और दूसरी बार धर्मेंद्र कुमार को मंत्री चुना गया।
चुनाव से पहले अधिवेशन में लेखपाल संघ के पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर उपाध्याय और लेखपाल जुगुल किशोर वर्मा ने कहा कि लेखपाल संघ की मजबूती के लिए योग्य पदाधिकारी का होना आवश्यक है। ऐसा पदाधिकारी हो जो लेखपालों की समस्याओं की आवाज को अधिकारियों के सामने मजबूती से उठा सके। इसी तरह अन्य लेखपालों ने भी योग्य पदाधिकारी का चयन करने की सलाह दी। अधिवेशन के बाद चुनाव हुआ। इसमें 14 साल से अध्यक्ष रहे अशोक कुमार तिवारी और अनिल मिश्र दो उम्मीदवार रहे। अशोक को 125 और अनिल को 112 मत मिले, एक मत अवैध हो गया। इसी तरह मंत्री पद के लिए दो उम्मीदवार रहे, जिसमें धर्मेंद्र कुमार दूसरी बार मंत्री चुने गए। इन्हें 150 जबकि दूसरे उम्मीदवार रामजीत को 84 मत मिले। वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुखवीर सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष कमल भान पांडेय, उपमंत्री सौरभ त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष शिवमूरत प्रसाद और आमोद कुमार आर्य को निर्विरोध रूप से संप्रेक्षक चुना गया। चुनाव अधिकारी की भूमिका अयोध्या प्रसाद यादव और शिवनरायन ने तथा प्रेक्षक के रूप में रमेशचंद्र और विद्याधर द्विवेदी रहे। इस मौके पर वरुणेंद्र शुक्ल, सुशील चौबे, धीरेंद्र सिंह, जीतेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, हिमांशु, दीपक यादव, विजय कुमार श्रीवास्तव, अभय वर्मा, विनोद कुमार और जियालाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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