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एक बीघा जमीन की कीमत मांगने वाला लेखपाल निलंबित
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एक बीघा जमीन की कीमत मांगने वाला लेखपाल निलंबित
कप्तानगंज/बस्ती। स्थानीय विकास खंड के बट्टूपुर गांव में तैनात लेखपाल आनंद चौबे को वसीयत के लिए एक बीघा जमीन का दाम मांगना महंगा पड़ा। वीडियो वायरल होने पर उप जिलाधिकारी व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमृतपाल कौर ने निलंबित कर दिया।
बट्टू पुर गांव निवासी परमात्मा प्रसाद मिश्र की जुलाई 2021 में मृत्यु हो गई थी। उनकी दो पत्नियां सावित्री और कमलावती थीं मगर कोई संतान नहीं थी। उनकी मौत के बाद सारी जमीन जायदाद इन्हीं दोनों पत्नियों के नाम हो गई। मजे की बात यह है कि उस समय भी लेखपाल आनंद चौबे ही थे। उधर, अप्रैल में बीमारी में पहली पत्नी सावित्री का भी निधन हो गया। कमलावती ने किसी तरह रिश्तेदारों के सहयोग से उनका क्रिया कर्म किया। कमलावती के भतीजे नगर थाना क्षेत्र के बगही गांव निवासी मोहन तिवारी ने बताया कि आठ मई को कप्तानगंज खरीदारी के लिए जा रही उनकी बुआ यानी परमात्मा प्रसाद की दूसरी पत्नी कमलावती भी मार्ग दुर्घटना में चोटहिल हो गई। जिनका इलाज लखनऊ में चल रहा था। इसी बीच रिश्ते में परमात्मा के चाचा बट्टू पुर गांव निवासी विश्वनाथ ने सावित्री के नाम की जमीन लेखपाल आनंद प्रकाश चौबे की मिलीभगत से अपने नाम करा लिया। उनके घर पर ताला लगा कर उस पर भी कब्जा जमा लिया।
स्वास्थ्य में सुधार होने पर जब कमलावती अपने घर पहुंची तो यह सब देखकर उनके होश उड़ गए। मामला नगर थाने पहुंचा तो पुलिस के हस्तक्षेप से ताला खुल गया और कमलावती अपने घर में रहने लगीं। इसी बीच जब लोगों को इस बात की जानकारी हुई कि सावित्री की जमीन विश्वनाथ ने अपने नाम जालसाजी से करा ली है तो लोग लेखपाल के पास दौड़ने लगे । मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की गई लेकिन मामला नहीं बना। पिछले दिनों कमलावती के भतीजे मोहन तिवारी व परमात्मा के भतीजे राम दुलारे उक्त लेखपाल के पास गए और जमीन की वसीयत उसकी असली हकदार कमलावती के नाम कराने के लिए कहा। इसके एवज में लेखपाल ने एक बीघे जमीन की कीमत मांगने लगे। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि वह दोनों लोग गिन कर दस हजार रुपये उनके कूलर के ऊपर रख रहे हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमृतपाल कौर ने बताया कि मामले का संज्ञान लेते हुए लेखपाल आनंद चौबे को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है ।रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी ।
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कप्तानगंज/बस्ती। स्थानीय विकास खंड के बट्टूपुर गांव में तैनात लेखपाल आनंद चौबे को वसीयत के लिए एक बीघा जमीन का दाम मांगना महंगा पड़ा। वीडियो वायरल होने पर उप जिलाधिकारी व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमृतपाल कौर ने निलंबित कर दिया।
बट्टू पुर गांव निवासी परमात्मा प्रसाद मिश्र की जुलाई 2021 में मृत्यु हो गई थी। उनकी दो पत्नियां सावित्री और कमलावती थीं मगर कोई संतान नहीं थी। उनकी मौत के बाद सारी जमीन जायदाद इन्हीं दोनों पत्नियों के नाम हो गई। मजे की बात यह है कि उस समय भी लेखपाल आनंद चौबे ही थे। उधर, अप्रैल में बीमारी में पहली पत्नी सावित्री का भी निधन हो गया। कमलावती ने किसी तरह रिश्तेदारों के सहयोग से उनका क्रिया कर्म किया। कमलावती के भतीजे नगर थाना क्षेत्र के बगही गांव निवासी मोहन तिवारी ने बताया कि आठ मई को कप्तानगंज खरीदारी के लिए जा रही उनकी बुआ यानी परमात्मा प्रसाद की दूसरी पत्नी कमलावती भी मार्ग दुर्घटना में चोटहिल हो गई। जिनका इलाज लखनऊ में चल रहा था। इसी बीच रिश्ते में परमात्मा के चाचा बट्टू पुर गांव निवासी विश्वनाथ ने सावित्री के नाम की जमीन लेखपाल आनंद प्रकाश चौबे की मिलीभगत से अपने नाम करा लिया। उनके घर पर ताला लगा कर उस पर भी कब्जा जमा लिया।
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स्वास्थ्य में सुधार होने पर जब कमलावती अपने घर पहुंची तो यह सब देखकर उनके होश उड़ गए। मामला नगर थाने पहुंचा तो पुलिस के हस्तक्षेप से ताला खुल गया और कमलावती अपने घर में रहने लगीं। इसी बीच जब लोगों को इस बात की जानकारी हुई कि सावित्री की जमीन विश्वनाथ ने अपने नाम जालसाजी से करा ली है तो लोग लेखपाल के पास दौड़ने लगे । मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की गई लेकिन मामला नहीं बना। पिछले दिनों कमलावती के भतीजे मोहन तिवारी व परमात्मा के भतीजे राम दुलारे उक्त लेखपाल के पास गए और जमीन की वसीयत उसकी असली हकदार कमलावती के नाम कराने के लिए कहा। इसके एवज में लेखपाल ने एक बीघे जमीन की कीमत मांगने लगे। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि वह दोनों लोग गिन कर दस हजार रुपये उनके कूलर के ऊपर रख रहे हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमृतपाल कौर ने बताया कि मामले का संज्ञान लेते हुए लेखपाल आनंद चौबे को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है ।रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी ।
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