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Basti News: दहशत ः लंगूर ने फिर हमला कर तीन ग्रामीणों को किया लहूलुहाना

Wed, 30 Oct 2024 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 30 Oct 2024 01:31 AM IST
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Langur attacked again and left three villagers bleeding
संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। जिले में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बनकटी व महादेवा क्षेत्र में एक लंगूर ने लोगों का जीना हराम कर रखा है। प्रतिदिन वह किसी न किसी को शिकार बना रहा है। सोमवार से मंगलवार तक चार लोगों पर हमला करके घायल कर दिया।
लंगूर की इतनी दहशत हो गई है कि लोग खेत में जाने से डर रहे हैं। बच्चों का स्कूल जाना दूभर हो गया है। घर में भी घुसकर वह हमले कर रहा है। लंगूर को पकड़ने के लिए लोगों ने मंकी कैचर टीम को आठ हजार रुपये में तय कर बुलवाया था। मगर, टीम के लोग ढूंढ़ते रह गए पर वह नहीं मिला।
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मंगलवार को लालगंज थाना क्षेत्र के ककरौली गांव के 60 वर्षीय पट्टू घर के दरवाजे पर बैठे थे। तभी लंगूर पहुंचा और उन्हें काटकर लहूलुहान कर दिया। मंगलवार को ही बरामदे में बैठे गांव के वृद्ध 92 वर्षीय झिन्नू यादव को पर लंगूर ने हमला कर दिया। वहीं के 68 वर्षीय निर्मल पाल गाय को चारा डालने गए थे, तभी लंगूर ने उन पर हमला कर दिया। सभी लोगों का पीएचसी बनकटी पर इलाज कराया गया।
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गांव के बाहर एक पुलिया पर बंदर काफी देर तक बैठा रहा। जितनी देर वह वहां था, उतनी देर तक आवागमन बंद हो गया था। लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि इस मुसीबत से कैसे पीछा छुड़ाएं। लोग बताते हैं कि यह लंगूर करीब पांच किमी दायरे के 50 गांवों में दहशत का कारण बना हुआ है। जिस गांव की तरफ यह लंगूर रुख करता है, उस तरफ के बच्चे उस दिन विद्यालय पढ़ने नहीं जाते हैं।
कई बार घंटों तक महादेवा-मुंडेरवा मार्ग पर बाइक, साइकिल और पैदल जाने वाले राहगीर उधर से जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। क्षेत्र के हीरालाल, राम प्रवेश, राम किशुन, मदन, रामजी, जगराम, राम हरीश, रोहित आदि ने बताया कि यदि जल्द ही इस समस्या का निदान नहीं हुआ तो वह लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

कोई जिम्मेदारी लेने को नहीं है तैयार : जिले भर में आतंक मचा रहे बंदरों से निजात के लिए सैकड़ों गांव के लोग परेशान हैं। मगर, सरकारी तंत्र अब तक संज्ञान नहीं ले रहा है। वन संरक्षण विभाग पहले ही हाथ खड़े कर चुका है। डीएफओ जेपी सिंह ने बताया कि इसके लिए कोई मद नहीं है। ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय चाहे तो प्रबंध कर सकता है। बीडीओ बीपी शुक्ल ऐसे किसी निर्देश की जानकारी होने से इन्कार करते हैं।
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