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कबीर हत्याकांड : आरोपियों के मोहलत की अर्जी खारिज, कोतवाली पुलिस को कुर्की का आदेश
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बस्ती। शहर के बहुचर्चित कबीर हत्याकांड प्रकरण में सीबीसीआईडी की जांच में बरी सात आरोपी बुधवार को अपर जिला जज ईसी एक्ट/एमपी एमएलए के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में सुनवाई की तिथि पर पेश नहीं हुए। आरोपियों के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र 22 ख के तहत मोहलत की अर्जी लगाई। जिसे न्यायालय खारिज करते हुए कोतवाली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी किया है।
अदालत ने मई 2026 को ही मृतक के बड़े पिता एवं मुकदमे के वादी शिवप्रसाद तिवारी की दलील पर सीबीसीआईडी की जांच में क्लीन चिट पाने वाले अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, निवासी महरीपुर, थाना-नगर, मो. शाद उर्फ सहू निवासी तुरकहिया, अवनीश सिंह पुत्र ओंकार सिंह निवासी सुपेलवा, मो. इमरान पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी विशुनपुरवा, मो. समीर निवासी मिल्लतनगर थाना कोतवाली को आरोपी मानते हुए धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत तलब कर लिया था। लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हुए।
इसके बाद न्यायालय ने गैर जमानती वारंट और 82 की कार्रवाई भी की। इसके बाद आरोपी हाजिर नहीं हुए। बुधवार को सुनवाई के दौरान आरोपी साहिल की तरफ से जरिये अधिवक्ता प्रार्थना पत्र 21 ख प्रस्तुत किया गया। इसमें कहा गया कि आरोपी मामले में हाईकोर्ट में अर्जी लगाए हैं। जिसके निस्तारण के लिए 15 दिन की मोहलत दी जाए। इस अवधि में कोई अग्रिम उत्पीड़ात्मक कार्यवाही न की जाए। न्यायाधीश ने इस अर्जी पर साफ कहा कि हाईकोर्ट ने मामले में कोई स्थगन आदेश पारित नहीं किया है। आरोपी न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित भी नहीं हुए हैं। ऐसी स्थिति में प्रार्थना पत्र 21 ख व 22 ख निरस्त किया जाता है।
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उधर मुकदमे के वादी के अधिवक्ता ने याचना की धारा 319 दंप्रसं के तहत हुए आदेश का अनुपालन नहीं हुआ है। न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि आरोपी तमाम माध्यमों से घटना के प्रत्यक्षदर्शी साक्षीगण को मृतक कबीर तिवारी की तरह अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। इस पर न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 83 दंड प्रक्रिसा संहिता के तहत कोतवाली पुलिस को कुर्की का आदेश पारित किया है। सुनवाई की अग्रिम नियत तिथि 14 अगस्त 2027 को न्यायालय में पुलिस को कुर्की पेश करना होगा।
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अदालत ने मई 2026 को ही मृतक के बड़े पिता एवं मुकदमे के वादी शिवप्रसाद तिवारी की दलील पर सीबीसीआईडी की जांच में क्लीन चिट पाने वाले अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, निवासी महरीपुर, थाना-नगर, मो. शाद उर्फ सहू निवासी तुरकहिया, अवनीश सिंह पुत्र ओंकार सिंह निवासी सुपेलवा, मो. इमरान पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी विशुनपुरवा, मो. समीर निवासी मिल्लतनगर थाना कोतवाली को आरोपी मानते हुए धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत तलब कर लिया था। लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हुए।
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इसके बाद न्यायालय ने गैर जमानती वारंट और 82 की कार्रवाई भी की। इसके बाद आरोपी हाजिर नहीं हुए। बुधवार को सुनवाई के दौरान आरोपी साहिल की तरफ से जरिये अधिवक्ता प्रार्थना पत्र 21 ख प्रस्तुत किया गया। इसमें कहा गया कि आरोपी मामले में हाईकोर्ट में अर्जी लगाए हैं। जिसके निस्तारण के लिए 15 दिन की मोहलत दी जाए। इस अवधि में कोई अग्रिम उत्पीड़ात्मक कार्यवाही न की जाए। न्यायाधीश ने इस अर्जी पर साफ कहा कि हाईकोर्ट ने मामले में कोई स्थगन आदेश पारित नहीं किया है। आरोपी न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित भी नहीं हुए हैं। ऐसी स्थिति में प्रार्थना पत्र 21 ख व 22 ख निरस्त किया जाता है।
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उधर मुकदमे के वादी के अधिवक्ता ने याचना की धारा 319 दंप्रसं के तहत हुए आदेश का अनुपालन नहीं हुआ है। न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि आरोपी तमाम माध्यमों से घटना के प्रत्यक्षदर्शी साक्षीगण को मृतक कबीर तिवारी की तरह अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। इस पर न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 83 दंड प्रक्रिसा संहिता के तहत कोतवाली पुलिस को कुर्की का आदेश पारित किया है। सुनवाई की अग्रिम नियत तिथि 14 अगस्त 2027 को न्यायालय में पुलिस को कुर्की पेश करना होगा।