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Basti News: जन आरोग्य मंदिरों में ताला, सीएचओ की हड़ताल से लड़खड़ाई व्यवस्था
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सल्टौआ में बंद रहा जन आरोग्य मंदिर स्रोत संगठन
बस्ती। लंबित मांगों और वर्ष 2024 के आंदोलन के दौरान बनी सहमतियों पर कार्रवाई न होने से नाराज 250 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) लखनऊ में धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। इससे जिले के जन आरोग्य मंदिरों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। सेंटरों पर स्क्रीनिंग से लेकर मरीजों की ऑनलाइन फीडिंग तक का काम प्रभावित होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
सीएचओ संगठन के जिलाध्यक्ष प्रवेश पटेल ने बताया कि जिले के करीब 250 जन आरोग्य मंदिरों पर तैनात सीएचओ धरने में शामिल हुए हैं। चरणबद्ध आंदोलन के तहत दो दिन काली पट्टी बांधकर कार्यस्थल पर विरोध जताया गया था। इसके बाद सीएचओ लखनऊ रवाना हुए। उन्होंने बताया कि सीएचओ कई वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में भूमिका निभा रहे हैं लेकिन सेवा संबंधी और मूलभूत मांगें लंबित हैं। वर्ष 2024 में आंदोलन के दौरान शासन और विभागीय स्तर पर मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
संगठन की प्रमुख मांगों में सीएचओ का पृथक कैडर बनाकर नियमितीकरण की स्पष्ट नीति, एबी-एचडब्ल्यूसी गाइडलाइन के अनुसार मानदेय, पीबीआई को मासिक मानदेय में शामिल करना, नियमित भर्ती में अनुभव के आधार पर वरीयता, रिक्त पदों पर स्थानांतरण और स्वास्थ्य बीमा व सामाजिक सुरक्षा का लाभ देना शामिल है।
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सीएचओ के आंदोलन के कारण करीब चार हजार स्क्रीनिंग कार्य प्रभावित होने और मरीजों की ऑनलाइन फीडिंग नहीं होने का दावा संगठन ने किया है। हालांकि, सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि सीएचसी-पीएचसी पर मरीजों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है।
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सीएचओ संगठन के जिलाध्यक्ष प्रवेश पटेल ने बताया कि जिले के करीब 250 जन आरोग्य मंदिरों पर तैनात सीएचओ धरने में शामिल हुए हैं। चरणबद्ध आंदोलन के तहत दो दिन काली पट्टी बांधकर कार्यस्थल पर विरोध जताया गया था। इसके बाद सीएचओ लखनऊ रवाना हुए। उन्होंने बताया कि सीएचओ कई वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में भूमिका निभा रहे हैं लेकिन सेवा संबंधी और मूलभूत मांगें लंबित हैं। वर्ष 2024 में आंदोलन के दौरान शासन और विभागीय स्तर पर मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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संगठन की प्रमुख मांगों में सीएचओ का पृथक कैडर बनाकर नियमितीकरण की स्पष्ट नीति, एबी-एचडब्ल्यूसी गाइडलाइन के अनुसार मानदेय, पीबीआई को मासिक मानदेय में शामिल करना, नियमित भर्ती में अनुभव के आधार पर वरीयता, रिक्त पदों पर स्थानांतरण और स्वास्थ्य बीमा व सामाजिक सुरक्षा का लाभ देना शामिल है।
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सीएचओ के आंदोलन के कारण करीब चार हजार स्क्रीनिंग कार्य प्रभावित होने और मरीजों की ऑनलाइन फीडिंग नहीं होने का दावा संगठन ने किया है। हालांकि, सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि सीएचसी-पीएचसी पर मरीजों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है।