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कारागार की बैरक में फिर मिली दो मोबाइल
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कारागार की बैरक में फिर मिली दो मोबाइल
बस्ती। अनुशासन कायम करने में कारागार प्रशासन की नाकामी लगातार सामने आ रही है। जिसके चलते आए दिन कानून व्यवस्था का संकट खड़ा हो रहा है। ताजा मामला मोबाइल फोन बरामदगी का है। शुक्रवार को बैरक नंबर एक की तलाशी के दौरान दो मोबाइल फोन मिले। 24 घंटे पहले 18 जनवरी को बरामद हुई मोबाइल को लेकर तीन बंदी रक्षकों को सस्पेंड किया गया था। अगले ही दिन फिर दो मोबाइल बरामद होने पर कारागार में खलबली मची है।
डिप्टी जेलर सुनील कुमार सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें बताया है कि बैकर नंबर एक से एक टच स्क्रीन वाली एंड्रायड व एक साधारण मोबाइल फोन बरामद किया गया। अज्ञात के खिलाफ जेल अधिनियम 1894 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच सब इंस्पेक्टर चंद्रभान को सौंपी गई है। जेल अधीक्षक संतलाल का कहना है कि सुरक्षा चूक के जिम्मेदार जेल वार्डन को बख्शा नहीं जाएगा। बरामद मोबाइल के सिम कार्ड की सर्विलांस जांच के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जाएगा, जिससे बरामद हो रहे मोबाइल फोन का प्रयोग करने वाले बंदियों का ब्योरा मिल सके।
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बस्ती। अनुशासन कायम करने में कारागार प्रशासन की नाकामी लगातार सामने आ रही है। जिसके चलते आए दिन कानून व्यवस्था का संकट खड़ा हो रहा है। ताजा मामला मोबाइल फोन बरामदगी का है। शुक्रवार को बैरक नंबर एक की तलाशी के दौरान दो मोबाइल फोन मिले। 24 घंटे पहले 18 जनवरी को बरामद हुई मोबाइल को लेकर तीन बंदी रक्षकों को सस्पेंड किया गया था। अगले ही दिन फिर दो मोबाइल बरामद होने पर कारागार में खलबली मची है।
डिप्टी जेलर सुनील कुमार सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें बताया है कि बैकर नंबर एक से एक टच स्क्रीन वाली एंड्रायड व एक साधारण मोबाइल फोन बरामद किया गया। अज्ञात के खिलाफ जेल अधिनियम 1894 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच सब इंस्पेक्टर चंद्रभान को सौंपी गई है। जेल अधीक्षक संतलाल का कहना है कि सुरक्षा चूक के जिम्मेदार जेल वार्डन को बख्शा नहीं जाएगा। बरामद मोबाइल के सिम कार्ड की सर्विलांस जांच के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जाएगा, जिससे बरामद हो रहे मोबाइल फोन का प्रयोग करने वाले बंदियों का ब्योरा मिल सके।
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