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Basti News: धंधेबाजों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सरगना पकड़ से दूर

Sun, 07 Jun 2026 01:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 01:00 AM IST
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International network of traffickers, kingpin away from reach
बस्ती। रेलवे में ई-टिकटों की गैरकानूनी बिक्री करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क वर्ष 2023 में बस्ती से जुड़ा मिला था।
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रेलवे सुरक्षा बल के तत्कालीन महानिदेशक स्तर से बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र रमवापुर गांव के रहने वाले हामिद अशरफ को गिरोह का सरगना बताया था। उसके ऊपर प्रति माह 10-15 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित करने का संदेह हुआ था। यह मामला सुर्खियों के आने के बाद मुख्य आरोपी हामिद फरार हो गया। तभी से वह रेलवे पुलिस के रडार पर है। खबर हैं कि वह विदेश में छिपा हुआ है। उसकी अंतिम लोकेशन नेपाल में मिली थी।
ई-टिकट गिरोह का सरगना हामिद सॉफ्टवेयर डेवलपर भी है। वर्ष 2019 में गोंडा के स्कूल में हुए बम कांड में उसकी संलिप्तता पाई गई थी। उसका नेटवर्क नेपाल और दुबई तक फैला हुआ है। इंटर पास हामिद पहले पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में ई-टिकट बनाने का काम करता था। उसके बाद हामिद ने खुद का सॉफ्टवेयर बना डाला। सबसे पहले उसने ब्लैक टीएस, नियो और फिर रेड मिर्ची सॉफ्टवेयर बनाया। उसके बाद पूरे देश में अवैध सॉफ्टवेयर बेच एजेंटों के जरिए उसने जाल फैलाना शुरू किया।
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आईआरसीटीसी की बजाय अन्य वेबसाइट से मिनटों में तत्काल कोटे के टिकट बनने की भनक लगते ही रेलवे के साथ अन्य खुफिया एजेंसियां सक्रिय हुईं। जांच में सॉफ्टवेयर का मदर सर्वर और सरगना का अड्डा बस्ती में होना पाया गया। 28 अप्रैल 2016 को पहली दफा हामिद को उसी के सुपर सेलर शमशेर की मुखबिरी पर सीबीआई बंगलूरू और विजिलेंस मुंबई की संयुक्त टीम ने पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।
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कुछ दिनों बाद जमानत पर रिहा हुआ तो सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए नेपाल चला गया। कुछ दिनों तक नेपाल के नवलपरासी जिले में रहा और फिर काठमांडू को स्थाई ठिकाना बना लिया। उसके नेटवर्क अभी भी नेपाल और दुबई से जुड़े बताए जा रहे हैं।

रेलवे पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश है। आरपीएफ के अनुसार उसके लिंक दुबई, पाकिस्तान और बांग्लादेश में टेरर फंडिंग से भी जुड़े हैं। गिरफ्तारी न होने के बाद प्रशासन की पहल पर मास्टर माइंड हामिद अशरफ, उसके पिता जमीरुल हसन और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज जमीन कुर्क की गई थी।
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