फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Influential people are behind the gas agencies... the department is struggling to take action.

Basti News: गैस एजेंसियों के पीछे रसूखदार... कार्रवाई करने में हांफ रहा विभाग

Mon, 06 Apr 2026 01:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2026 01:36 AM IST
विज्ञापन
Influential people are behind the gas agencies... the department is struggling to take action.
कटरा स्थित एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़
बस्ती। दाल में तो कुछ काला है, यह बात उपभोक्ता भी जान रहे हैं और विभाग को भी मालूम है। जानकारों का कहना है कि अधिकांश रसोई गैस एजेंसियों के पीछे ऊंची रसूख रखने वालों का हाथ है। इसमें उच्च पदस्थ अधिकारियाें से लेकर दिग्गज राजनीतिज्ञ तक शामिल हैं। इसीलिए कालाबाजारी का खेल जानने के बाद विभाग भी किसी एजेंसी पर कार्रवाई करने से हांफ रहा है।
विज्ञापन

दो दिन पहले बहुत मुश्किल से रसोई गैस की कालाबाजारी के एक अड्डे पर छापेमारी कर एक एजेंसी के हॉकर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक इंडेन गैस एजेंसी का नाम आने के बाद भी सीधे तौर पर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। विभाग ने पकड़े गए संदिग्धों को सिलिंडर और गाड़ी के साथ कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर पल्ला झाड़ लिया। यह तो बानगी मात्र है। जानकार बता रहे हैं रसूखदारों से जुड़े कई अन्य एजेंसियों पर भी रसोई गैस के कालाबाजारी का लंबा खेल चल रहा है।
विज्ञापन

यही वजह है कि विभिन्न ऑयल कंपनियों से रोजाना 10 से 12 हजार सिलिंडरों की आपूर्ति होने के बाद भी महीने भर से सिलिंडर की समस्या जस की तस बनी हुई है। एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना हैं कि एजेंसी कार्यालय पर टोकन वितरण में मनमानी कर उनके हक के सिलिंडरों में कटौती कर ली जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाद में वहीं सिलिंडर गोदाम से कालाबाजारी कर दिया जा रहा है। इसीलिए अधिकांश एजेंसियों पर टोकन और सिलिंडर के वितरण स्थल पर पांच से सात किमी का फासला रखा गया है। ताकि इस गड़बड़झाला को कोई समझ न पाए।
उपभोक्ता राहुल ने बताया कि सिविल लाइन स्थित एजेंसी पर उनके परिवार का दो कनेक्शन है। दोनों की बुकिंग की गई है, सिलिंडर नहीं मिल रहा है। एक हॉकर से संपर्क किए, तो उसने 1600 रुपये के हिसाब से दो सिलिंडर संबंधित एजेंसी के गोदाम से मुहैया करा दिया। वहीं राजकुमार ने बताया सिविल लाइंस स्थित गैस एजेंसी का वितरण स्थल तीन किमी दूर बनाया गया है। कालाबाजारी का असली खेल वितरण स्थल पर हो रहा है।
एजेंसी पर कुछ देर तक टोकन वितरित करने के बाद उपभोक्ताओं को भगा दिया जा रहा है। इसके बाद सेटिंग के हॉकरों को एजेंसी की तरफ से 1300 से 1400 रुपये में सिलिंडर दिया जा रहा है। जिसे वह कालाबाजारी करके 1600 से 2000 रुपये में बेच ले रहे हैं।
इसमें एजेंसी कर्मचारियों से लेकर हॉकर और कालाबाजारियों का अच्छा मुनाफा हो रहा है। विभाग इस खेल को अच्छी तरह समझ रहा है। लेकिन, एजेंसी के रसूखदार मालिकों के चलते स्थानीय अधिकारी हाथ रखने से कतरा रहे हैं।
इसी तरह स्टेशन रोड स्थित एजेंसी का गोदाम सात किमी के फासले पर है। भीड़ एजेंसी पर एकत्र की जा रही है, कालाबाजारी का खेल गोदाम से हो रहा है। इस चक्कर में आम उपभोक्ता रसोई गैस के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं।

डीएसओ कार्यालय में शिकायत लेकर रोजाना पहुंच रहे उपभोक्ताओं को भी कोई राहत नहीं मिल रही है। उपभोक्ता दिवाकर प्रसाद बताते हैं कि विभाग सिर्फ प्रभावशाली लोगों के कहने पर एजेंसियों से कुछ लोगों को सिलिंडर दिलवा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed