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Basti News: मौसम की बेरुखी, समय से पहले करनी पड़ रही गेहूं की सिंचाई
Sun, 24 Dec 2023 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 24 Dec 2023 01:16 AM IST
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बस्ती। दिसंबर बीतने को है, लेकिन तापमान 23 डिग्री से कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसका असर गेहूं की फसल पर पड़ने लगा है। जमीन से नमी समय से पहले गायब हो रही है, फसल विकसित नहीं हो रही है। किसानों को समय से पहले फसल की सिंचाई करनी पड़ रही है। जिससे लागत में भी बढ़ोतरी हो रही है। यदि स्थिति ऐसी ही रही तो इस बार गेहूं का उत्पादन घट जाएगा।
दिसंबर का महीना ठिठुरन वाली सर्दी के लिए जाना जाता है। लेकिन, अभी तक के मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक किसानों को सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। फसल को ठंडे वातावरण की जरूरत होती है, ऐसे में हालिया मौसम की गर्मी को देखते हुए आशंका है कि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। आमतौर पर दिसंबर के महीने में तापमान में गिरावट देखी जाती है, लेकिन रबी सीजन की शुरुआत से ही गेहूं के लिए अनुकूल तापमान नहीं देखा जा रहा है। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र बताते हैं कि गेहूं के लिए अधिकतम तापमान 23 डिग्री से कम और न्यूनतम नौ डिग्री से कम होना चाहिए। इससे अधिक तापमान पर फसल खराब हो सकती है। किसान खेतों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें।
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दिसंबर का महीना ठिठुरन वाली सर्दी के लिए जाना जाता है। लेकिन, अभी तक के मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक किसानों को सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। फसल को ठंडे वातावरण की जरूरत होती है, ऐसे में हालिया मौसम की गर्मी को देखते हुए आशंका है कि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। आमतौर पर दिसंबर के महीने में तापमान में गिरावट देखी जाती है, लेकिन रबी सीजन की शुरुआत से ही गेहूं के लिए अनुकूल तापमान नहीं देखा जा रहा है। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र बताते हैं कि गेहूं के लिए अधिकतम तापमान 23 डिग्री से कम और न्यूनतम नौ डिग्री से कम होना चाहिए। इससे अधिक तापमान पर फसल खराब हो सकती है। किसान खेतों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करते रहें।
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