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Basti News: रहें होशियार...आलू पर चढ़ाया मुनाफे का रंग, नहीं चेते तो सेहत करेगी तंग
Mon, 25 Sep 2023 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 25 Sep 2023 01:16 AM IST
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मंडी में बिक रही रंगों में सनी आलू। संवाद
मंडी में हर दिन खप रहा 45-50 टन रंगा हुआ खतरनाक आलू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मंडी से आलू खरीदते हैं तो तो थोड़ा सावधान रहें। कटे-पिटे और खराब बे-स्वाद हो चुके आलू पर अब धंधेबाजों ने मुनाफे का रंग चढ़ा दिया है। गेरुआ रंग चढ़ा यह आलू दिखने में भले अच्छे लगें, मगर सेहत के लिए काफी खतरनाक हैं।
आलू की नई फसल तैयार होने वाली है। जल्द ही नया आलू बाजार में आने लगेगा। ऐसे में अब खराब हो रहे कटे-पिटे, खुरदुरे और हरे पड़ चुके आलू को बाजार में तेजी से खपाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मंडी समिति में हर दिन कन्नौज से करीब 50-60 टन आलू की आवक हो रही है। सस्ते की वजह से आढ़ती ओर थोक कारोबारी मुनाफा भी ज्यादा कमा रहे हैं।
रविवार को मंडी समिति के आलू प्याज मंडी में रंगे हुए आलू को लेकर पड़ताल की गई तो ज्यादातर दुकानों पर खुलेआम रंगे हुए आलू बिकते मिले। इन आलू को छूने पर ही लाल रंग हाथों में लग जा रहा था। वहीं, बाजार में बढि़या आलू 13 से 16 रुपये किलो बिक रहा है। रंगे हुए आलू 50 रुपये में पांच किलो मिल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि रासायनिक रंगों के इस्तेमाल की वजह से रंगे आलू का सेवन सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
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...
कोट
स्वास्थ्य के लिए रासायनिक रंगों का सेवन नुकसानदायक है। अखाद्य रंगों के सेवन से गुर्दे, तिल्ली व लिवर को क्षति पहुंचती है। वहीं इससे ट्यूमर, एनीमिया होने की भी आशंका रहती है। लकवा और कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. रामजी सोनी, जिला चिकित्सालय
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मंडी से आलू खरीदते हैं तो तो थोड़ा सावधान रहें। कटे-पिटे और खराब बे-स्वाद हो चुके आलू पर अब धंधेबाजों ने मुनाफे का रंग चढ़ा दिया है। गेरुआ रंग चढ़ा यह आलू दिखने में भले अच्छे लगें, मगर सेहत के लिए काफी खतरनाक हैं।
आलू की नई फसल तैयार होने वाली है। जल्द ही नया आलू बाजार में आने लगेगा। ऐसे में अब खराब हो रहे कटे-पिटे, खुरदुरे और हरे पड़ चुके आलू को बाजार में तेजी से खपाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मंडी समिति में हर दिन कन्नौज से करीब 50-60 टन आलू की आवक हो रही है। सस्ते की वजह से आढ़ती ओर थोक कारोबारी मुनाफा भी ज्यादा कमा रहे हैं।
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रविवार को मंडी समिति के आलू प्याज मंडी में रंगे हुए आलू को लेकर पड़ताल की गई तो ज्यादातर दुकानों पर खुलेआम रंगे हुए आलू बिकते मिले। इन आलू को छूने पर ही लाल रंग हाथों में लग जा रहा था। वहीं, बाजार में बढि़या आलू 13 से 16 रुपये किलो बिक रहा है। रंगे हुए आलू 50 रुपये में पांच किलो मिल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि रासायनिक रंगों के इस्तेमाल की वजह से रंगे आलू का सेवन सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
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स्वास्थ्य के लिए रासायनिक रंगों का सेवन नुकसानदायक है। अखाद्य रंगों के सेवन से गुर्दे, तिल्ली व लिवर को क्षति पहुंचती है। वहीं इससे ट्यूमर, एनीमिया होने की भी आशंका रहती है। लकवा और कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. रामजी सोनी, जिला चिकित्सालय