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Basti News: आस रह गई अधूरी... क्रिटिकल केयर यूनिट बनी न नर्सिंग कॉलेज हुआ तैयार
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मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट। संवाद
बस्ती। वर्ष 2025 को बीतते-बीतते कुछ अच्छा करने का एहसास हुआ तो कुछ कसक भी रह गया। मेडिकल कॉलेज में स्थापित होने वाली दो बड़ी परियोजनाएं पूरी होते-होते रह गईं। नर्सिंग कॉलेज का भवन तय समय में पूरा नहीं हुआ तो वहीं एनएचएम के तहत बनाए जा रहे 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण भी खटाई में पड़ा है। इससे मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा एवं बेहतर इलाज की सुविधाएं नहीं बढ़ पाई।
बता दें कि एनएचएम के तहत 50 करोड़ की 50 शैय्या युक्त क्रिटिकल केयर यूनिट की परियोजना तीन साल पुरानी है। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को हर हाल में इसे जनवरी में पूरा करके देना था। उम्मीद रही वर्ष 2025 में गंभीर मरीजों को यहां आईसीयू वार्ड, वेंटीलेटर के साथ इलाज की बेहतर सुविधा मिलने लगेगी। लेकिन, कार्यदाई संस्था ने इस मंशा पर पानी फेर दिया।
वर्ष 2025 के झोली में विकास की नई इबारत नहीं गढ़ी जा सकी। अभी तक इस तीन मंजिला अत्याधुनिक भवन निर्माण का कार्य पूरा नहीं हुआ है। भवन के छत और रंगाई स्तर के कार्य हो गए हैं। लेकिन, फर्नीचर, फर्श, विद्युतीकरण के कार्य बचे हुए हैं।
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इससे यह महत्वाकांक्षी परियोजना स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हो सकी है। इस वजह से आईसीयू और वेंटीलेटर, एसी आदि की व्यवस्था भी नहीं बन पाई है। इसे पूर्ण कराने में स्वास्थ्य विभाग को भी पूरे साल चिंता नहीं रही। कार्यदाई संस्था तो धीमी गति से कार्य कराने के कारण अपने वादे पर खरी ही नहीं उतरी। अलबत्ता जिले के तत्कालीन डीएम कई बार मौके पर निरीक्षण करके चेतावनी जरूर दिए। बावजूद इसके जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ा।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने किया परियोजनाओं का निरीक्षण : मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार और उप प्रधानाचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव ने टीम के साथ नर्सिंग कॉलेज के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। कार्यदाई संस्था के अवर अभियंता को निर्माण कार्य की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का सुझाव दिया। निर्माण कार्य में विलंब होने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नाराजगी भी जताई है।
अवर अभियंता राम धन ने बताया कि अगले एक महीने में निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भवन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। मौसम की वजह से पेंटिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। अनुकूल मौसम मिलते ही पेंटिंग का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।
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बता दें कि एनएचएम के तहत 50 करोड़ की 50 शैय्या युक्त क्रिटिकल केयर यूनिट की परियोजना तीन साल पुरानी है। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को हर हाल में इसे जनवरी में पूरा करके देना था। उम्मीद रही वर्ष 2025 में गंभीर मरीजों को यहां आईसीयू वार्ड, वेंटीलेटर के साथ इलाज की बेहतर सुविधा मिलने लगेगी। लेकिन, कार्यदाई संस्था ने इस मंशा पर पानी फेर दिया।
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वर्ष 2025 के झोली में विकास की नई इबारत नहीं गढ़ी जा सकी। अभी तक इस तीन मंजिला अत्याधुनिक भवन निर्माण का कार्य पूरा नहीं हुआ है। भवन के छत और रंगाई स्तर के कार्य हो गए हैं। लेकिन, फर्नीचर, फर्श, विद्युतीकरण के कार्य बचे हुए हैं।
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इससे यह महत्वाकांक्षी परियोजना स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हो सकी है। इस वजह से आईसीयू और वेंटीलेटर, एसी आदि की व्यवस्था भी नहीं बन पाई है। इसे पूर्ण कराने में स्वास्थ्य विभाग को भी पूरे साल चिंता नहीं रही। कार्यदाई संस्था तो धीमी गति से कार्य कराने के कारण अपने वादे पर खरी ही नहीं उतरी। अलबत्ता जिले के तत्कालीन डीएम कई बार मौके पर निरीक्षण करके चेतावनी जरूर दिए। बावजूद इसके जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ा।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने किया परियोजनाओं का निरीक्षण : मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार और उप प्रधानाचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव ने टीम के साथ नर्सिंग कॉलेज के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। कार्यदाई संस्था के अवर अभियंता को निर्माण कार्य की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का सुझाव दिया। निर्माण कार्य में विलंब होने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नाराजगी भी जताई है।
अवर अभियंता राम धन ने बताया कि अगले एक महीने में निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भवन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। मौसम की वजह से पेंटिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। अनुकूल मौसम मिलते ही पेंटिंग का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।