फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   hope for devolepment of amodha village

अमोढ़ा गांव को अब तक विकास की आस

Fri, 01 Jun 2018 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती Updated Fri, 01 Jun 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
hope for devolepment of amodha village
सांसद आदर्श ग्राम का बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला
बस्ती। विक्रमजोत ब्लॉक के सांसद आदर्श गांव अमोढ़ा का विकास कागजों में हो रहा है। धरातल पर 65 में से अधिकांश कार्य अधूूरे हैं। गांव के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का दावा भी हकीकत में तब्दील नहीं हो सका। गांव के चार तालाब आज भी सूखे पड़े हैं। ग्रामीणों को अब तक विकास की आस है।
विज्ञापन

आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए पहचाने जाने वाले इस गांव को सांसद हरीश द्विवेदी ने वर्ष 2014-15 में गोद लिया। फिर इस गांव में शुरू हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने की कवायद। ऐतिहासिक विरासत को संजोए राजा जालिम सिंह की कोर्ट के सुंदरीकरण पर सांसद हरीश द्विवेदी व विधायक अजय सिंह ने लाखों रुपये खर्च कर दिए, मगर कोर्ट का अधिकांश भाग आज भी झाड़ियों से घिरा है। वर्तमान में किले की बाउंड्रीवाल का निर्माण व सार्वजनिक शौचालय का कार्य बंद पड़ा है। 
विज्ञापन

12 मजरों में बसे अमोढ़ा गांव के विद्युतीकरण का काम तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसमें बनकटवा, लोनियापार में रौशनी नहीं पहुंच सकी है। गांव के हरीराम की पत्नी श्यामा ने बताया कि दर्जनों बार तहसील दिवस पर विद्युतीकरण की मांग की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। अमोढ़ा में कुल चार तालाब हैं। लाखों रुपये खर्च हो जाने के बाद भी चारो सूखे हैं। इनमें गांव के बच्चे क्रिकेट खेलते हैं। तालाब के किनारे लगाए गए पौधे, तारों की बैरीकेडिंग, सीमेंट की बनीं कुर्सियां गायब हो गई हैं। अमोढ़ा के मजरों को जोड़ने के लिए चार वर्ष में बनी सात किमी इंटरलॉकिंग घटिया सामग्री के चलते या तो टूट गई हैं या गड्ढे में तब्दील हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमोढ़ा में पीएनबी की शाखा खुल गई है। यहां पहले से स्थापित एक प्राथमिक विद्यालय व एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय है। मगर इंटरमीडिएट कॉलेज बनाने की घोषणा आज तक मूर्त रूप नहीं ले सकी है। पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत में वाटरहेड टैंक, पशु चिकित्सालय, एनएएम सेंटर की घोषणा के बावजूद आज तक इन पर काम शुरू नहीं हो सका। यहां सार्वजनिक शौचालय का काम भी अभी अधूरा है। अमोढ़ा गांव में 238 शौचालय बने हैं, मगर उनमें आधे से ज्यादा निष्प्रयोज्य हो चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए 159 आवासों में से 41 आवास अभी भी अधूरे हैं। लाभार्थियों के खाते में दूसरी या तीसरी किस्त की रकम ही नहीं पहुंची है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed