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Basti News: हिस्ट्रीशीटर या उनके परिवार वाले बनेंगे कर्णधार तो कैसे होगा भयमुक्त समाज
Sat, 29 Apr 2023 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 29 Apr 2023 01:13 AM IST
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बस्ती। भयमुक्त समाज का नारा सभी दल लगाते हैं। अपराध के रास्ते पर चलने वाले खाकी से बचने के लिए खादी का साथ चाहते हैं। इस सोच को निकाय चुनाव में एक बार फिर से साबित किया है। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस जैसे दलों के इस बार के चुनाव में 37 ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके पति या पुत्र पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। इसके अलावा नेतागीरी का शौक रखने वाले जिन आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों की किसी दल से टिकट पाने की जुगाड़, सिफारिश काम नहीं आई, वे अपने परिवार वालों को मैदान में उतारकर ताल ठोक रहे हैं। हालांकि, मुकदमों की बात आते ही सभी फंसाए जाने या फिर रंजिश के मुकदमे बताकर खुद को बेदाग बताने में जरा भी देर नहीं करते हैं।
सबसे दिलचस्प हर्रैया नगर पंचायत का चुनाव है। यहां दो हिस्ट्रीशीटरों के परिजन मैदान में हैं। आंबेडकर नगर वार्ड में भाजपा से घोषित प्रत्याशी लक्ष्मीना व हनुमानगढ़ी नगर वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में किस्मत आजमाने उतरीं निवर्तमान सभासद मुराती देवी के पुत्र थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। चुनाव प्रचार की कमान दोनों हिस्ट्रीशीटरों के हाथ में है।
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हिस्ट्रीशीटर है भाजपा प्रत्याशी का बेटा
- आंबेडकर नगर वार्ड एससी वर्ग के लिए सुरक्षित है। इस सीट पर भाजपा से लक्ष्मीना वार्ड सदस्य पद की प्रत्याशी हैं। इनका पुत्र राम सहाय का नाम थाने की हिस्ट्रीशीट में दर्ज है। राम सहाय पर लूट, गैंगस्टर, सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट ,एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 22 केस दर्ज है। इसकी पत्नी बेलाडे शुक्ल गांव की प्रधान भी हैं।
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इनके बेटे पर 17 मुकदमे
- हनुमान गढ़ी नगर वार्ड से निवर्तमान सदस्य मुराती देवी निर्दलीय प्रत्याशी है। इनके पुत्र राम शंकर के नाम थाने में हिस्ट्रीशीट खुली है। राम शंकर पर पहला केस 2001 में दर्ज हुआ था। लूट, बलवा, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस सहित असलहा बनाने की फैक्ट्री संचालित करने के आरोपी राम शंकर पर बस्ती कोतवाली सहित जिले के अन्य थानों में कुल 17 केस दर्ज हैं। दोनों प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की कमान हिस्ट्रीशीटरों ने संभाल रखी है।
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चुनाव प्रचार में दागी बता रहे- विरोधियों ने फंसाया
- टिकट हासिल करने के बाद आपराधिक छवि के प्रत्याशी अब अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। दर्ज मुकदमे छिपाकर ये जनता को बता रहे हैं कि चुनाव के समय उनके विरोधी जानबूझकर बदमाश साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। खुद को फंसाए जाने की दुहाई देकर कह रहे हैं कि उनके खिलाफ जो भी मुकदमे हैं, वह रंजिश में हैं। सोशल मीडिया से लेकर अन्य जगहों पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
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जिलाध्यक्ष बोले-द्वेष वश हो सकते हैं मुकदमे
- पार्टी ने कार्यकर्ताओं को टिकट दिया है। इसके लिए संचालन समितियां बनी थीं। किसी अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति या उसके परिवार को टिकट देने की जानकारी मुझे नहीं है। अगर किसी पर मुकदमा है तो वह द्वेषवश भी हो सकता है, मगर इसकी जांच करेंगे कि कैसे उनका नाम आया है। - महेश शुक्ल, जिलाध्यक्ष भाजपा
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नहीं हुई है किसी की सजा
- पार्टी ने स्वच्छ छवि के लोगों को ही उम्मीदवार बनाया है। संघर्ष करने वालों पर विरोधी सरकारों ने राजनीतिक मुकदमे दर्ज कराए हैं। किसी भी उम्मीदवार या उसके परिवार पर दर्ज मुकदमे में कोर्ट से सजा नहीं हुई है, जिससे वह अपराधी माना जाए। - महेंद्र कुमार यादव जिलाध्यक्ष सपा
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राजनीतिक संघर्ष के हो सकते हैं मुकदमे
- पार्टी ने संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को ही उम्मीदवार बनाया है। संघर्ष के दौरान राजनीतिक मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, इससे वह अपराधी नहीं कहे जा सकते। जनता के बीच कांग्रेस द्वारा किए गए कामों को लेकर हम लोग जा रहे हैं। - ज्ञानेंद्र पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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सक्रिय लोगों को दिया गया टिकट
- पार्टी ने सक्रिय और साफ छवि वाले लोगों को ही टिकट दिया है। यदि किसी पर मुकदमा दर्ज है तो वह भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं या फिर उनकी शह पर द्वेषवश कराया गया होगा। निष्पक्षता से जांच हो जाए तो सब साफ हो जाएगा। - जयहिंद गौतम, जिलाध्यक्ष बसपा
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सबसे दिलचस्प हर्रैया नगर पंचायत का चुनाव है। यहां दो हिस्ट्रीशीटरों के परिजन मैदान में हैं। आंबेडकर नगर वार्ड में भाजपा से घोषित प्रत्याशी लक्ष्मीना व हनुमानगढ़ी नगर वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में किस्मत आजमाने उतरीं निवर्तमान सभासद मुराती देवी के पुत्र थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। चुनाव प्रचार की कमान दोनों हिस्ट्रीशीटरों के हाथ में है।
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हिस्ट्रीशीटर है भाजपा प्रत्याशी का बेटा
- आंबेडकर नगर वार्ड एससी वर्ग के लिए सुरक्षित है। इस सीट पर भाजपा से लक्ष्मीना वार्ड सदस्य पद की प्रत्याशी हैं। इनका पुत्र राम सहाय का नाम थाने की हिस्ट्रीशीट में दर्ज है। राम सहाय पर लूट, गैंगस्टर, सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट ,एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 22 केस दर्ज है। इसकी पत्नी बेलाडे शुक्ल गांव की प्रधान भी हैं।
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इनके बेटे पर 17 मुकदमे
- हनुमान गढ़ी नगर वार्ड से निवर्तमान सदस्य मुराती देवी निर्दलीय प्रत्याशी है। इनके पुत्र राम शंकर के नाम थाने में हिस्ट्रीशीट खुली है। राम शंकर पर पहला केस 2001 में दर्ज हुआ था। लूट, बलवा, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस सहित असलहा बनाने की फैक्ट्री संचालित करने के आरोपी राम शंकर पर बस्ती कोतवाली सहित जिले के अन्य थानों में कुल 17 केस दर्ज हैं। दोनों प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की कमान हिस्ट्रीशीटरों ने संभाल रखी है।
चुनाव प्रचार में दागी बता रहे- विरोधियों ने फंसाया
- टिकट हासिल करने के बाद आपराधिक छवि के प्रत्याशी अब अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। दर्ज मुकदमे छिपाकर ये जनता को बता रहे हैं कि चुनाव के समय उनके विरोधी जानबूझकर बदमाश साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। खुद को फंसाए जाने की दुहाई देकर कह रहे हैं कि उनके खिलाफ जो भी मुकदमे हैं, वह रंजिश में हैं। सोशल मीडिया से लेकर अन्य जगहों पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
जिलाध्यक्ष बोले-द्वेष वश हो सकते हैं मुकदमे
- पार्टी ने कार्यकर्ताओं को टिकट दिया है। इसके लिए संचालन समितियां बनी थीं। किसी अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति या उसके परिवार को टिकट देने की जानकारी मुझे नहीं है। अगर किसी पर मुकदमा है तो वह द्वेषवश भी हो सकता है, मगर इसकी जांच करेंगे कि कैसे उनका नाम आया है। - महेश शुक्ल, जिलाध्यक्ष भाजपा
नहीं हुई है किसी की सजा
- पार्टी ने स्वच्छ छवि के लोगों को ही उम्मीदवार बनाया है। संघर्ष करने वालों पर विरोधी सरकारों ने राजनीतिक मुकदमे दर्ज कराए हैं। किसी भी उम्मीदवार या उसके परिवार पर दर्ज मुकदमे में कोर्ट से सजा नहीं हुई है, जिससे वह अपराधी माना जाए। - महेंद्र कुमार यादव जिलाध्यक्ष सपा
राजनीतिक संघर्ष के हो सकते हैं मुकदमे
- पार्टी ने संघर्ष करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को ही उम्मीदवार बनाया है। संघर्ष के दौरान राजनीतिक मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, इससे वह अपराधी नहीं कहे जा सकते। जनता के बीच कांग्रेस द्वारा किए गए कामों को लेकर हम लोग जा रहे हैं। - ज्ञानेंद्र पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
सक्रिय लोगों को दिया गया टिकट
- पार्टी ने सक्रिय और साफ छवि वाले लोगों को ही टिकट दिया है। यदि किसी पर मुकदमा दर्ज है तो वह भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं या फिर उनकी शह पर द्वेषवश कराया गया होगा। निष्पक्षता से जांच हो जाए तो सब साफ हो जाएगा। - जयहिंद गौतम, जिलाध्यक्ष बसपा