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नागों की जान पर भारी नागपंचमी का 'पुण्य'
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sat, 06 Aug 2016 11:42 PM IST
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snake bite
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नागपंचमी के दिन सांप को दूध पिलाने से पुण्य मिलता है अथवा नहीं लेकिन इससे नागराज की जान पर जरूर बन आती है। जंतु वैज्ञानिकों की मानें तो दूध उसके फेफड़ों पर असर डालता है। इससे उसके शरीर में इंफेक्शन फैलने लगता है, जिससे कुछ समय के बाद उसके फेफड़े फट जाते हैं और अंतत: सांप की मृत्यु हो जाती है।
जंतु विज्ञानी डॉ. राजशेषर सिंह कहते हैं कि सांप सरीसृप वर्ग का जंतु है। सरीसृपों के शरीर पर बाल अथवा पंख आदि नहीं पाए जाते हैं। इनके स्थान पर उनके शरीर पर शल्क पाए जाते हैं, जो उनके शरीर की नमी को बाहर जाने से रोकते हैं। ये प्राणी अपने शरीर के तापमान को स्थिर नहीं रख पाते हैं और वातावरण के अनुसार उनका आंतरिक तापमान बदलता रहता है। इसीलिए ज्यादा ठंड और ज्यादा गर्मी पड़ने पर यह मर जाते हैं। मामूली इन्फेक्शन भी इनकी मौत का कारण बन जाता है।
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जंतु विज्ञानी डॉ. राजशेषर सिंह कहते हैं कि सांप सरीसृप वर्ग का जंतु है। सरीसृपों के शरीर पर बाल अथवा पंख आदि नहीं पाए जाते हैं। इनके स्थान पर उनके शरीर पर शल्क पाए जाते हैं, जो उनके शरीर की नमी को बाहर जाने से रोकते हैं। ये प्राणी अपने शरीर के तापमान को स्थिर नहीं रख पाते हैं और वातावरण के अनुसार उनका आंतरिक तापमान बदलता रहता है। इसीलिए ज्यादा ठंड और ज्यादा गर्मी पड़ने पर यह मर जाते हैं। मामूली इन्फेक्शन भी इनकी मौत का कारण बन जाता है।
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