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Basti News: दिन में गर्मी...रात में सर्दी से बढ़ रहा संक्रमण बढ़ा
Wed, 06 Mar 2024 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:55 PM IST
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हर दिन बदल रहा मौसम बना रहा बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुबह हल्के बादल दोपहर को चटकदार धूप निकल रही है। मौसम में इतना तेज परिवर्तन सेहत के लिए ठीक नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में वायरस मजबूत होते हैं। इससे संक्रमण तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा मच्छरों के काटने से फैलने वाले रोग के लिए भी यह वक्त खतरनाक है।
जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा मौसम इंफ्लुएंजा व मिजिल्स के केस को बढ़ाता है। जलवायु परिवर्तन का असर मौसम पर अब देखा जा सकता है। इस साल दिसंबर के मध्य तक सर्दी का असर कम रहा। वहीं जनवरी और आधी फरवरी तक तेज सर्दी झेलनी पड़ी। एक सप्ताह से हर दिन अलग-अलग मौसम का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से लोग बीमार पड़ने लगे हैं।
सर्दी, खांसी, जुकाम, गले में खराश, पेट दर्द, डायरिया जैसे लक्षण के मरीज बढ़े हैं। मेडिकल कॉलेज मेडिसीन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रजत पांडेय का कहना है एक सप्ताह से ओपीडी में बुखार और सांस के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह मौसम में परिवर्तन और दूसरे उसके अनुरूप व्यवहार का न होना है। ऐसे वक्त में यदि शुगर, ब्लड प्रेशर व अस्थमा के मरीज अपना ध्यान नहीं रखेंगे तो उन्हें अटैक भी आ सकता है।
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डॉ. पीके श्रीवास्तव बताते हैं कि यह मौसम वायरस के लिए अनुकूल है। इसी वजह से अभी जो लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं, उन्हें दो से तीन सप्ताह तक परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे मरीजों में एंटीबायोटिक का असर कम होता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुबह हल्के बादल दोपहर को चटकदार धूप निकल रही है। मौसम में इतना तेज परिवर्तन सेहत के लिए ठीक नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में वायरस मजबूत होते हैं। इससे संक्रमण तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा मच्छरों के काटने से फैलने वाले रोग के लिए भी यह वक्त खतरनाक है।
जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा मौसम इंफ्लुएंजा व मिजिल्स के केस को बढ़ाता है। जलवायु परिवर्तन का असर मौसम पर अब देखा जा सकता है। इस साल दिसंबर के मध्य तक सर्दी का असर कम रहा। वहीं जनवरी और आधी फरवरी तक तेज सर्दी झेलनी पड़ी। एक सप्ताह से हर दिन अलग-अलग मौसम का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से लोग बीमार पड़ने लगे हैं।
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सर्दी, खांसी, जुकाम, गले में खराश, पेट दर्द, डायरिया जैसे लक्षण के मरीज बढ़े हैं। मेडिकल कॉलेज मेडिसीन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रजत पांडेय का कहना है एक सप्ताह से ओपीडी में बुखार और सांस के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह मौसम में परिवर्तन और दूसरे उसके अनुरूप व्यवहार का न होना है। ऐसे वक्त में यदि शुगर, ब्लड प्रेशर व अस्थमा के मरीज अपना ध्यान नहीं रखेंगे तो उन्हें अटैक भी आ सकता है।
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डॉ. पीके श्रीवास्तव बताते हैं कि यह मौसम वायरस के लिए अनुकूल है। इसी वजह से अभी जो लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं, उन्हें दो से तीन सप्ताह तक परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे मरीजों में एंटीबायोटिक का असर कम होता है।