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आयुर्वेद के 11 अस्पतालों में अब हेल्थ वेलनेस सेंटर
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आयुर्वेद के 11 अस्पतालों में अब होगी हेल्थ वेलनेस केंद्र की सुविधा
बस्ती। बीमारों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर शासन सतर्क हो गया है। इसके लिए अब आयुष विभाग को सक्रिय कर दिया गया है। जिले के ग्रामीणांचल के 11 आयुर्वेद अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां लोगों को स्वस्थ रहने के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए आशा से भी आयुष विभाग ने सहयोग मांगा है। आशा गंभीर बीमारों की सूची विभाग को मुहैया कराएंगी।
कोरोना के नए वैरिएंट के मद्देनजर जहां स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय कर दिया गया है वहीं अब गांव-गांव तक आयुर्वेद के माध्यम से भी शासन कोरोना के जंग की तैयारी कर रहा है। इसके लिए ग्रामीण इलाकों के 11 आयुर्वेद अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित कर वहां औषधि पौधों की वाटिका लगाई जाएगी। इस वाटिका में रोपित पौधों के बारे में लोगों को बताया जाएगा। इसके लाभ की भी जानकारी लोगों को दी जाएगी। बच्चों, बुजुर्गों व बीमारों की क्षमता वृद्धि के लिए भी उपाय बताए जाएंगे। योग प्रशिक्षक के माध्यम से इसका संचालन होगा। लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी जागरूकता लाई जाएगी। योग के माध्यम से उन्हें रहने खाने- पीने और व्यवस्थित जीवन शैली के लिए जागरूक किया जाएगा।
बोले अधिकारी
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वीके श्रीवास्तव ने कहा कि पुरानी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को अब आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। हेल्थ वेलनेस सेंटर के माध्यम से गांव-गांव स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता की ज्योति जलाई जाएगी। आशा के माध्यम से गंभीर बीमार व बुजुर्गों की सूची तैयार कराई जा रही है। इसके बाद इन्हें योग व जड़ी बूटियों के माध्यम से स्वस्थ किया जाएगा। औषधि पौध की वाटिका में रोपित किए गए पौधों से लोगों को परिचित करा कर उसके गुण के बारे में भी जागरूक किया जाएगा जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके। निर्धारित सेंटरों पर काम शुरू हो गया है।
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ये हैं हेल्थ वेलनेस सेंटर
जिले में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल शंकरपुर, सुभई, सिसवां बरुआर, मुसहा, भदावल, महराजगंज, ओझागंज, पोखरा बाजार, विक्रमजोत, नगर बाजार, मुंडेरवा के अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
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बस्ती। बीमारों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर शासन सतर्क हो गया है। इसके लिए अब आयुष विभाग को सक्रिय कर दिया गया है। जिले के ग्रामीणांचल के 11 आयुर्वेद अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां लोगों को स्वस्थ रहने के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए आशा से भी आयुष विभाग ने सहयोग मांगा है। आशा गंभीर बीमारों की सूची विभाग को मुहैया कराएंगी।
कोरोना के नए वैरिएंट के मद्देनजर जहां स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय कर दिया गया है वहीं अब गांव-गांव तक आयुर्वेद के माध्यम से भी शासन कोरोना के जंग की तैयारी कर रहा है। इसके लिए ग्रामीण इलाकों के 11 आयुर्वेद अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित कर वहां औषधि पौधों की वाटिका लगाई जाएगी। इस वाटिका में रोपित पौधों के बारे में लोगों को बताया जाएगा। इसके लाभ की भी जानकारी लोगों को दी जाएगी। बच्चों, बुजुर्गों व बीमारों की क्षमता वृद्धि के लिए भी उपाय बताए जाएंगे। योग प्रशिक्षक के माध्यम से इसका संचालन होगा। लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी जागरूकता लाई जाएगी। योग के माध्यम से उन्हें रहने खाने- पीने और व्यवस्थित जीवन शैली के लिए जागरूक किया जाएगा।
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बोले अधिकारी
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वीके श्रीवास्तव ने कहा कि पुरानी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को अब आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। हेल्थ वेलनेस सेंटर के माध्यम से गांव-गांव स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता की ज्योति जलाई जाएगी। आशा के माध्यम से गंभीर बीमार व बुजुर्गों की सूची तैयार कराई जा रही है। इसके बाद इन्हें योग व जड़ी बूटियों के माध्यम से स्वस्थ किया जाएगा। औषधि पौध की वाटिका में रोपित किए गए पौधों से लोगों को परिचित करा कर उसके गुण के बारे में भी जागरूक किया जाएगा जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके। निर्धारित सेंटरों पर काम शुरू हो गया है।
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ये हैं हेल्थ वेलनेस सेंटर
जिले में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल शंकरपुर, सुभई, सिसवां बरुआर, मुसहा, भदावल, महराजगंज, ओझागंज, पोखरा बाजार, विक्रमजोत, नगर बाजार, मुंडेरवा के अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।