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Basti News: बच कर रहें, मौसम शारीरिक क्षमता को कर रहा प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फरवरी में अप्रैल जैसा मौसम शारीरिक क्षमता को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते वायरल बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। इसमें अस्थमा, पीलिया, चेचक, वायरल फीवर, मिजील्स के अलावा त्वचा संबंधी फंगल संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है।
इन दिनों तापमान 30 से 31 सेंटीग्रेट के बीच है। यह स्थिति मार्च के अंतिम से अप्रैल तक होती है, मगर इस बार स्थिति दूसरी है। इसका असर सीधा सेहत पर पड़ रहा है। बच्चे हों या जवान, अथवा बुजुर्ग सभी मौसम की मार झेल रहे हैं। इन दिनों सरकारी अस्पतालों में खासी, सर्दी जुकाम बुखार के अलावा त्वचा रोग, चेचक, दमा व पीलिया के अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार तो हर दिन औसतन 70 से 80 प्रतिशत मरीज इन्हीं बीमारियों के आ रहे हैं। इसका कारण खानपान व रहन सहन में लापरवाही है।
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बोले चिकित्सक
महिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि मौसम का प्रभाव सेहत पर है। चूंकि शरीर इस मौसम के साथ समन्वय नहीं बना पा रहा है। ऐसे में उसकी शारीरिक क्षमता प्रभावित हो रही है। इस मौसम में खुद को बीमारी से बचाने की जरूरत है। क्योंकि ऐसे मौसम वायरस के अनुकूल होते हैं। कभी गर्मी, तो कभी हल्की ठंड सेहत को नुकसान पहुंचाती है। इन दिनों पीलिया, बुखार, चेचक, मीजिल्स, अस्थमा के मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। इससे बचने के लिए बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। बाहर के खानपान से बचें। सफाई का पूरा ध्यान रखें।
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इस मौसम का सर्वाधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले बच्चों व खुद को गर्म कपड़े से सुरक्षित कर लें। वायरल संक्रमण से बचने का पूरा प्रबंध करें। साफ पानी पीयें व बच्चों को भी यही दें।
-डॉ. तैय्यब अंसारी, बाल रोग विशेषज्ञ
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बस्ती। फरवरी में अप्रैल जैसा मौसम शारीरिक क्षमता को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते वायरल बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। इसमें अस्थमा, पीलिया, चेचक, वायरल फीवर, मिजील्स के अलावा त्वचा संबंधी फंगल संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है।
इन दिनों तापमान 30 से 31 सेंटीग्रेट के बीच है। यह स्थिति मार्च के अंतिम से अप्रैल तक होती है, मगर इस बार स्थिति दूसरी है। इसका असर सीधा सेहत पर पड़ रहा है। बच्चे हों या जवान, अथवा बुजुर्ग सभी मौसम की मार झेल रहे हैं। इन दिनों सरकारी अस्पतालों में खासी, सर्दी जुकाम बुखार के अलावा त्वचा रोग, चेचक, दमा व पीलिया के अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार तो हर दिन औसतन 70 से 80 प्रतिशत मरीज इन्हीं बीमारियों के आ रहे हैं। इसका कारण खानपान व रहन सहन में लापरवाही है।
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बोले चिकित्सक
महिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि मौसम का प्रभाव सेहत पर है। चूंकि शरीर इस मौसम के साथ समन्वय नहीं बना पा रहा है। ऐसे में उसकी शारीरिक क्षमता प्रभावित हो रही है। इस मौसम में खुद को बीमारी से बचाने की जरूरत है। क्योंकि ऐसे मौसम वायरस के अनुकूल होते हैं। कभी गर्मी, तो कभी हल्की ठंड सेहत को नुकसान पहुंचाती है। इन दिनों पीलिया, बुखार, चेचक, मीजिल्स, अस्थमा के मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। इससे बचने के लिए बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। बाहर के खानपान से बचें। सफाई का पूरा ध्यान रखें।
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इस मौसम का सर्वाधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले बच्चों व खुद को गर्म कपड़े से सुरक्षित कर लें। वायरल संक्रमण से बचने का पूरा प्रबंध करें। साफ पानी पीयें व बच्चों को भी यही दें।
-डॉ. तैय्यब अंसारी, बाल रोग विशेषज्ञ