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Basti News: ज्यादा देर तक मोबाइल पर वक्त गुजारा, तो हो जाएंगे सर्वाइकल के मरीज
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बस्ती। अगर आप लंबे समय तक गर्दन झुकाकर या बिस्तर पर लेटकर मोबाइल पर गेम खेलने या फिल्म देखने के शौकीन हैं तो सावधान हो जाइए। इससे आपकी गर्दन और रीढ़ की हड्डियां इधर- उधर खिसक सकती हैं। गर्दन की हड्डी बढ़ने से आप सर्वाइकल के शिकार भी हो सकते हैं। अगर समस्या ज्यादा दिन बनी रही तो ऑपरेशन तक की नौबत आ सकती है।
जिले के मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में ऐसे केस लगातार आ रहे हैं। डॉक्टरों ने जांच के बाद तीन मरीजों को ऑपरेशन कराने की सलाह दी है। जिले के महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन 10 से 15 मरीज आते हैं, जो सर्वाइकल, कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द, लगातार चक्कर आने जैसी समस्या से पीड़ित हैं। डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि इनकी केस हिस्ट्री व जांच से पता चला है कि इनमें से करीब 70 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जो मोबाइल पर तीन से चार घंटे तक गेम खेलते और फिल्में देखते थे। इसमें युवाओं की संख्या अधिक है। कुछ महिलाएं भी हैं जो अपने पसंदीदा धारावाहिक मोबाइल पर देखने में इतनी व्यस्त होती हैं कि समय का ख्याल ही नहीं रख पातीं। अब वे सर्वाइकल से परेशान हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि इनमें से जो प्रारंभिक लक्षण वाले हैं, उन्हें दवा से आराम हो जाएगा, लेकिन जिनके साथ लंबे समय से दिक्कत है, उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा।
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लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल पर गेम खेलना, लेटकर टीवी देखना, कुर्सी पर गलत तरीके से बैठने आदि के कारण रीढ़ की हड्डी में दिक्कत आने लगती है। स्लिप डिस्क समेत कई बीमारियां इस वजह से होती हैं। शुरुआत में ही अगर लक्षण के आधार पर इलाज हो जाए तो ठीक है, वरना कई मामलों में सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। इधर सबसे अधिक लोग मोबाइल देखकर बीमार हो रहे हैं।
-डॉ. रजत पांडेय, मेडिसिन विभाग फिजीशियन
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केस नंबर एक-
शहर के न्याय मार्ग निवासी राहुल मोबाइल पर सारा काम निपटाते हैं। करीब दो माह पहले अचानक उनकी कमर में तेज दर्द व जकड़न के चलते वह बेहद परेशान हो उठे। तीन चार दिन तक वह बेड पर ही रहे। क्योंकि खड़े होने पर चक्कर आता था। ओपेक चिकित्सालय कैली के पूर्व चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने डिस्क स्लिप की बात कही। दवा देकर उन्हें आराम करने की सलाह दी है।
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केस 2
मेडिकल कॉलेज में शहर के गांधी नगर निवासी सीमा सिंह निजी व्यवसाय करती हैं। उनका सारा काम मोबाइल के माध्यम से होता है। समय मिलने पर वह मनपसंद फिल्म आदि देखती हैं। उनका ज्यादातर समय मोबाइल पर ही गुजरता है। अचानक एक सप्ताह पहले गर्दन में जकड़न आ गई। जब वह खड़ी होती थीं तो चक्कर आने लगता था। चिकित्सक डॉ. रजत पांडेय को दिखाया तो पता चला कि उन्हें सर्वाइकल है। अब वह दवा ले रही हैं। चिकित्सक ने मोबाइल का प्रयोग कम करने की भी सलाह दी है।
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जिले के मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में ऐसे केस लगातार आ रहे हैं। डॉक्टरों ने जांच के बाद तीन मरीजों को ऑपरेशन कराने की सलाह दी है। जिले के महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन 10 से 15 मरीज आते हैं, जो सर्वाइकल, कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द, लगातार चक्कर आने जैसी समस्या से पीड़ित हैं। डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि इनकी केस हिस्ट्री व जांच से पता चला है कि इनमें से करीब 70 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जो मोबाइल पर तीन से चार घंटे तक गेम खेलते और फिल्में देखते थे। इसमें युवाओं की संख्या अधिक है। कुछ महिलाएं भी हैं जो अपने पसंदीदा धारावाहिक मोबाइल पर देखने में इतनी व्यस्त होती हैं कि समय का ख्याल ही नहीं रख पातीं। अब वे सर्वाइकल से परेशान हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि इनमें से जो प्रारंभिक लक्षण वाले हैं, उन्हें दवा से आराम हो जाएगा, लेकिन जिनके साथ लंबे समय से दिक्कत है, उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा।
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लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल पर गेम खेलना, लेटकर टीवी देखना, कुर्सी पर गलत तरीके से बैठने आदि के कारण रीढ़ की हड्डी में दिक्कत आने लगती है। स्लिप डिस्क समेत कई बीमारियां इस वजह से होती हैं। शुरुआत में ही अगर लक्षण के आधार पर इलाज हो जाए तो ठीक है, वरना कई मामलों में सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। इधर सबसे अधिक लोग मोबाइल देखकर बीमार हो रहे हैं।
-डॉ. रजत पांडेय, मेडिसिन विभाग फिजीशियन
केस नंबर एक-
शहर के न्याय मार्ग निवासी राहुल मोबाइल पर सारा काम निपटाते हैं। करीब दो माह पहले अचानक उनकी कमर में तेज दर्द व जकड़न के चलते वह बेहद परेशान हो उठे। तीन चार दिन तक वह बेड पर ही रहे। क्योंकि खड़े होने पर चक्कर आता था। ओपेक चिकित्सालय कैली के पूर्व चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने डिस्क स्लिप की बात कही। दवा देकर उन्हें आराम करने की सलाह दी है।
केस 2
मेडिकल कॉलेज में शहर के गांधी नगर निवासी सीमा सिंह निजी व्यवसाय करती हैं। उनका सारा काम मोबाइल के माध्यम से होता है। समय मिलने पर वह मनपसंद फिल्म आदि देखती हैं। उनका ज्यादातर समय मोबाइल पर ही गुजरता है। अचानक एक सप्ताह पहले गर्दन में जकड़न आ गई। जब वह खड़ी होती थीं तो चक्कर आने लगता था। चिकित्सक डॉ. रजत पांडेय को दिखाया तो पता चला कि उन्हें सर्वाइकल है। अब वह दवा ले रही हैं। चिकित्सक ने मोबाइल का प्रयोग कम करने की भी सलाह दी है।