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Basti News: सीएचसी की आरोपी स्टाफ नर्स, आशा व एंबुलेंस के एमटी से पूछताछ
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बस्ती/गौर। पैकोलिया मार्ग के सुजिया चौराहे पर अवैध ढंग से संचालित नर्सिंग होम में प्रसूता व दो नवजात की मौत मामले में गर्भवती को रेफर करने वाली गौर सीएचसी पर तैनात स्टाफ नर्स संजना चौधरी, आशा मिसलावती व एंबुलेंस के एमटी लवकुश की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इसे लेकर इन सभी को जांच के दायरे में लाकर मंगलवार को अधीक्षक डॉ. अमरजीत बरई ने इनसे पूछताछ की। सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट जल्द सीएमओ को भेजेंगे।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमरजीत बरई ने बताया कि 21 जुलाई को पैकोलिया थाना क्षेत्र की कुर्दा गांव की जैनब (22) को गौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया। जहां स्टाफ नर्स संजना चौधरी ने हालत गंभीर देखते हुए जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया था। एंबुलेंस जिला महिला अस्पताल के लिए निकली, लेकिन इसी बीच कुर्दा गांव की आशा मिशलावती व एंबुलेंस के एमटी लवकुश ने झांसा देकर गर्भवती को सुजिया चौराहे पर अवैध ढंग से संचालित न्यू स्टार हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। जहां प्रसूता की सामान्य डिलीवरी हुई। जैनब को जुड़वा बच्चे हुए, जिनकी थोड़ी देर बाद मौत हो गई।
इस बीच प्रसूता की हालत भी बिगड़ने लगी। उसे रक्तस्राव होने लगा, लेकिन उसे उपचार के बजाय यहां से रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। इस मामले में प्रसूता के पति अहमद हुसैन ने पहले गौर सीएचसी पर प्रार्थनापत्र देकर शिकायत कराई। इसमें अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद मामला सीएमओ तक पहुंच गया। सीएमओ के निर्देश पर सोमवार शाम सीएचसी अधीक्षक गौर डॉ. अमरजीत बरई व गौर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार पांडेय ने सुजिया चौराहे पर स्थित न्यू स्टार हॉस्पिटल को सील कर जांच शुरू कर दी है।
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इसी घटना को लेकर सीएचसी अधीक्षक ने अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने को लेकर बयान दर्ज किए हैं। सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि मामले में आशा मिसलावती, स्टाफ नर्स संजना चौधरी व एंबुलेंस के कर्मी लवकुश की भूमिका संदिग्ध है। इनसे पूछताछ की गई है। अब यह रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमरजीत बरई ने बताया कि 21 जुलाई को पैकोलिया थाना क्षेत्र की कुर्दा गांव की जैनब (22) को गौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया। जहां स्टाफ नर्स संजना चौधरी ने हालत गंभीर देखते हुए जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया था। एंबुलेंस जिला महिला अस्पताल के लिए निकली, लेकिन इसी बीच कुर्दा गांव की आशा मिशलावती व एंबुलेंस के एमटी लवकुश ने झांसा देकर गर्भवती को सुजिया चौराहे पर अवैध ढंग से संचालित न्यू स्टार हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। जहां प्रसूता की सामान्य डिलीवरी हुई। जैनब को जुड़वा बच्चे हुए, जिनकी थोड़ी देर बाद मौत हो गई।
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इस बीच प्रसूता की हालत भी बिगड़ने लगी। उसे रक्तस्राव होने लगा, लेकिन उसे उपचार के बजाय यहां से रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। इस मामले में प्रसूता के पति अहमद हुसैन ने पहले गौर सीएचसी पर प्रार्थनापत्र देकर शिकायत कराई। इसमें अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद मामला सीएमओ तक पहुंच गया। सीएमओ के निर्देश पर सोमवार शाम सीएचसी अधीक्षक गौर डॉ. अमरजीत बरई व गौर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार पांडेय ने सुजिया चौराहे पर स्थित न्यू स्टार हॉस्पिटल को सील कर जांच शुरू कर दी है।
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इसी घटना को लेकर सीएचसी अधीक्षक ने अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने को लेकर बयान दर्ज किए हैं। सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि मामले में आशा मिसलावती, स्टाफ नर्स संजना चौधरी व एंबुलेंस के कर्मी लवकुश की भूमिका संदिग्ध है। इनसे पूछताछ की गई है। अब यह रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी।