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Basti News: मातृ-शिशु मृत्यु दर रोकने के दिए गए टिप्स
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बस्ती। एनएचएम के मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम में मंगलवार को दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। यहां सीएमएस डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मातृ- शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के टिप्स दिए।
कार्यक्रम में नेशनल न्यूट्रेशन संस्था के माध्यम से 14 सीएचसी पर कार्यरत 50 स्टाफ नर्स को प्रसव के बाद नवजात की देखभाल करने के तरीके बताए। नवजात व प्रसूता को कंगारू मदर केयर यूनिट में रखने की तकनीक बताई। स्टाफ नर्स और एएनएम ने प्रशिक्षण लिया। ट्रेनर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से डॉ. अजीत यादव और डॉ. उजिता बानो ने प्रसूता और नवजात शिशु देखभाल और लेबर रूम में होने वाली गतिविधियों के बारे में बताया। एनआई के प्रोग्राम ट्रेनर डॉ. जोया खान और डिवीजनल को- आर्डिनेटर डॉ. माधुरी भारती ने प्रसव संबंधी तौर-तरीके बताए। नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. एके मिश्र ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए 25-25 स्टाफ नर्स का बैच बनाया गया है। ट्रेनिंग का मकसद है कि प्रसव के बाद क्या-क्या तौर-तरीके प्रसूता और नवजात के प्रति अपनाए जाएं। इससे मातृ-नवजात मृत्युदर में कमी लाई जा सकती है। इस दौरान जिला सलाहकार राजकुमार, डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल, अनिल यादव आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में नेशनल न्यूट्रेशन संस्था के माध्यम से 14 सीएचसी पर कार्यरत 50 स्टाफ नर्स को प्रसव के बाद नवजात की देखभाल करने के तरीके बताए। नवजात व प्रसूता को कंगारू मदर केयर यूनिट में रखने की तकनीक बताई। स्टाफ नर्स और एएनएम ने प्रशिक्षण लिया। ट्रेनर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से डॉ. अजीत यादव और डॉ. उजिता बानो ने प्रसूता और नवजात शिशु देखभाल और लेबर रूम में होने वाली गतिविधियों के बारे में बताया। एनआई के प्रोग्राम ट्रेनर डॉ. जोया खान और डिवीजनल को- आर्डिनेटर डॉ. माधुरी भारती ने प्रसव संबंधी तौर-तरीके बताए। नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. एके मिश्र ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए 25-25 स्टाफ नर्स का बैच बनाया गया है। ट्रेनिंग का मकसद है कि प्रसव के बाद क्या-क्या तौर-तरीके प्रसूता और नवजात के प्रति अपनाए जाएं। इससे मातृ-नवजात मृत्युदर में कमी लाई जा सकती है। इस दौरान जिला सलाहकार राजकुमार, डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल, अनिल यादव आदि मौजूद रहे।
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