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Basti News: 1150 बेटियों के हाथ पीले कराएगी सरकार, 9.5 करोड़ होंगे खर्च
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बस्ती। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद के लिए सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में जिले की 1150 बेटियों के हाथ पीले कराने का लक्ष्य तय किया है। सामूहिक विवाह योजना के तहत इन बेटियों के विवाह पर सरकार करीब 9.5 करोड़ रुपये खर्च करेगी। योजना से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए बेटी की शादी का खर्च जुटाना चुनौती बना हुआ है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से योजना के तहत तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विभाग ने सामूहिक विवाह आयोजन के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। इस बार पिछले आयोजनों की तरह बिछिया और पायल नहीं दी जाएगी। इसके स्थान पर लाभार्थी परिवार को निर्धारित धनराशि और सामान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत विवाह के बाद 64 हजार रुपये सीधे बेटी के पिता के खाते में भेजे जाएंगे, जबकि 21 हजार रुपये के सामान की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह प्रत्येक विवाह पर सरकार की ओर से करीब 85 हजार रुपये की सहायता निर्धारित है। 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जाएंगे। एक शादी पर कुल एक लाख रुपये का बजट तय है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह का बोझ कम करना और बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह सुनिश्चित करना है। हालांकि, जिले में योजना का लाभ लेने के लिए दो हजार से अधिक आवेदन आए हैं। निर्धारित लक्ष्य 1150 विवाह का होने के कारण बड़ी संख्या में आवेदनकर्ताओं को इस बार योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसे में करीब 11 सौ बेटियों को अगले चरण का इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग के अनुसार, 920 शादी के लिए नौ करोड़ 20 लाख का बजट आ गया है, शेष बजट अभी नहीं मिला है। माना जा रहा है कि नवंबर में शादी की तिथियां प्रशासन तय करेगा।
कर्ज लेने से बचेंगे बाबुल
विभाग के अनुसार, योजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण बेटियों के विवाह में परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता है। सरकारी सहायता से ऐसे परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने के साथ बेटियों के विवाह को लेकर उनकी चिंता भी कुछ कम होगी। अब विभाग को पात्र लाभार्थियों का चयन कर पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। कर्ज से बाबुल बच सकेंगे।
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आयोजन के लिए टेंडर हो चुका है। जल्द ही तिथि तय कर दी जाएगी। पहले चरण में 1150 का लक्ष्य मिला है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पात्र का चयन किया गया है। -लालजी यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बस्ती।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से योजना के तहत तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विभाग ने सामूहिक विवाह आयोजन के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। इस बार पिछले आयोजनों की तरह बिछिया और पायल नहीं दी जाएगी। इसके स्थान पर लाभार्थी परिवार को निर्धारित धनराशि और सामान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत विवाह के बाद 64 हजार रुपये सीधे बेटी के पिता के खाते में भेजे जाएंगे, जबकि 21 हजार रुपये के सामान की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह प्रत्येक विवाह पर सरकार की ओर से करीब 85 हजार रुपये की सहायता निर्धारित है। 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जाएंगे। एक शादी पर कुल एक लाख रुपये का बजट तय है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह का बोझ कम करना और बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह सुनिश्चित करना है। हालांकि, जिले में योजना का लाभ लेने के लिए दो हजार से अधिक आवेदन आए हैं। निर्धारित लक्ष्य 1150 विवाह का होने के कारण बड़ी संख्या में आवेदनकर्ताओं को इस बार योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसे में करीब 11 सौ बेटियों को अगले चरण का इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग के अनुसार, 920 शादी के लिए नौ करोड़ 20 लाख का बजट आ गया है, शेष बजट अभी नहीं मिला है। माना जा रहा है कि नवंबर में शादी की तिथियां प्रशासन तय करेगा।
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कर्ज लेने से बचेंगे बाबुल
विभाग के अनुसार, योजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण बेटियों के विवाह में परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता है। सरकारी सहायता से ऐसे परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने के साथ बेटियों के विवाह को लेकर उनकी चिंता भी कुछ कम होगी। अब विभाग को पात्र लाभार्थियों का चयन कर पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। कर्ज से बाबुल बच सकेंगे।
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आयोजन के लिए टेंडर हो चुका है। जल्द ही तिथि तय कर दी जाएगी। पहले चरण में 1150 का लक्ष्य मिला है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पात्र का चयन किया गया है। -लालजी यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बस्ती।