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Basti News: गोरखधाम के 21 वर्ष पूर्ण... कोच में लगाई गईं मनोहरी तस्वीरें
Sat, 13 Jul 2024 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 13 Jul 2024 11:20 PM IST
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गोरखधाम सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन बभनान स्टेशन पर किया गया स्वागत।
बभनान रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का किया गया स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पूर्वोत्तर रेलवे के गुरु गोरखनाथ की पवित्र नगरी से चलाई जा रही गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस के 21 वर्ष पूर्ण होने पर रेलवे बोर्ड की ओर से इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को तरह-तरह की सुविधाएं मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एसी प्रथम श्रेणी के कोच में गोरखपुर से जुड़ी ऐतिहासिक एवं कलात्मक महत्व की मनोहरी तस्वीर लगाई गई है।
शनिवार को सजधज कर जब ट्रेन बभनान रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उसका स्वागत किया गया। जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ महेश गुप्ता ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस के वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के कोच में ऐतिहासिक एवं कलात्मक महत्व की मनोहरी तस्वीर के अलावा गोरखपुर से जुड़ी जानकारियां भी साझा की गई हैं।
इन तस्वीरों में पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय के महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में रखे स्टीम इंजन, गोरखपुर स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान, रामगढ़ ताल, नौका विहार, कुशीनगर में गौतम बुद्ध की महापरिनिर्माण स्थल सहित अनेक तस्वीर लगाए गए हैं। इसका आनंद सफर के दौरान यात्री उठा सकेंगे।यात्री सुविधा के लिए कोच के कॉरिडोर में उन्नत किस्म के मैट भी बिछाए गए हैं।
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गोरखधाम एक्सप्रेस का इतिहास
रेलवे बोर्ड की ओर से 12 जुलाई 2003 को गोरखपुर से नई दिल्ली के बीच साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में पहली बार गोरखधाम एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया गया था। उसके बाद जन आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए। 14 जुलाई 2022 को इस ट्रेन का विस्तार करते हुए इसे बठिंडा रेलवे जंक्शन तक चलाया जा रहा है। यह ट्रेन गोरखपुर से चलकर खलीलाबाद, बस्ती, बभनान, गोंडा के रास्ते लखनऊ होकर दिल्ली, हरियाणा व पंजाब राज्यों को जोड़ते हुए 1123 किमी की दूरी तय करते हुए बठिंडा रेलवे जंक्शन तक जाती है। ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी के तीन कोच, शयनयान श्रेणी के चार कोच, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दस कोच, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के दो कोच, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का एक कोच व एलएसएलआरडी का एक कोच एवं जेनरेटर, लगेजयान के एक कोच सहित कुल 22 अत्याधुनिक एलएचबी कोच लगाए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पूर्वोत्तर रेलवे के गुरु गोरखनाथ की पवित्र नगरी से चलाई जा रही गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस के 21 वर्ष पूर्ण होने पर रेलवे बोर्ड की ओर से इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को तरह-तरह की सुविधाएं मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एसी प्रथम श्रेणी के कोच में गोरखपुर से जुड़ी ऐतिहासिक एवं कलात्मक महत्व की मनोहरी तस्वीर लगाई गई है।
शनिवार को सजधज कर जब ट्रेन बभनान रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उसका स्वागत किया गया। जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ महेश गुप्ता ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस के वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के कोच में ऐतिहासिक एवं कलात्मक महत्व की मनोहरी तस्वीर के अलावा गोरखपुर से जुड़ी जानकारियां भी साझा की गई हैं।
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इन तस्वीरों में पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय के महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में रखे स्टीम इंजन, गोरखपुर स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान, रामगढ़ ताल, नौका विहार, कुशीनगर में गौतम बुद्ध की महापरिनिर्माण स्थल सहित अनेक तस्वीर लगाए गए हैं। इसका आनंद सफर के दौरान यात्री उठा सकेंगे।यात्री सुविधा के लिए कोच के कॉरिडोर में उन्नत किस्म के मैट भी बिछाए गए हैं।
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गोरखधाम एक्सप्रेस का इतिहास
रेलवे बोर्ड की ओर से 12 जुलाई 2003 को गोरखपुर से नई दिल्ली के बीच साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में पहली बार गोरखधाम एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया गया था। उसके बाद जन आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए। 14 जुलाई 2022 को इस ट्रेन का विस्तार करते हुए इसे बठिंडा रेलवे जंक्शन तक चलाया जा रहा है। यह ट्रेन गोरखपुर से चलकर खलीलाबाद, बस्ती, बभनान, गोंडा के रास्ते लखनऊ होकर दिल्ली, हरियाणा व पंजाब राज्यों को जोड़ते हुए 1123 किमी की दूरी तय करते हुए बठिंडा रेलवे जंक्शन तक जाती है। ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी के तीन कोच, शयनयान श्रेणी के चार कोच, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दस कोच, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के दो कोच, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का एक कोच व एलएसएलआरडी का एक कोच एवं जेनरेटर, लगेजयान के एक कोच सहित कुल 22 अत्याधुनिक एलएचबी कोच लगाए गए हैं।