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घाघरा का जलस्तर स्थिर, खतरा बरकरार
basti
Updated Sun, 15 Jul 2018 11:00 PM IST
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कटरिया-चांदपुर तटबंध पर किया जा रहा मरम्मत कार्य।
- फोटो : amar ujala
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दुबौलिया। लगातार पांच दिनों तक घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद रविवार दोपहर 12 बजे से नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। लेकिन नदी का दबाव अब भी कटरिया-चांदपुर तटबंध पूरी तरह बना है।
अतिसंवेदनशील हो चुके कटरिया-चांदपुर तटबंध को बचाने के लिए ऊंट के मुंह जीरा डालने का प्रयास चल रहा है। एक माह बाद भी बाढ़ खंड विभाग खाली हाथ है। सिर्फ बोरियों में बालू व मिट्टी को भर कर तटबंध के किनारे डाला जा रहा है। ऐसे में अगर नदी तटबंध के किनारे कटान शुरू कर दे तो तटबंध बचना मुश्किल होगा क्योंकि अभी तक बोल्डर भी नहीं आ सका है। इन पांच दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंध के किनारे बोरियों के बेस डूब गए हैं। धारा तटबंध को छू कर बह रही है। अफसरों से बोल्डर के बारे में पूछताछ पर एक ही जवाब होता है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है बस एक दो दिन में गिरना शुरू हो जाएगा। तटबंध पर काम शुरू हुए एक माह हो गया लेकिन अभी तक बोल्डर नहीं पहुंचा। नदी खलवा और खजांचीपुर गांव के मध्य तेजी से कृषि योग्य जमीनों को काटकर तटबंध के तरफ बढ़ रही है। बाढ़ खंड विभाग खलवा गांव के पास चार नए कटर का निर्माण करा रहा है। बोल्डर नहीं होने से वह भी कटान रोकने की स्थिति में नहीं है। वहीं, सिलाई ढंग से नहीं होने के कारण कैरेट में डालने बाद कुछ बोरियों की सिलाई खुल जा रही है।
एसडीएम हर्रैया पहुंचे तटबंध
रविवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम हर्रैया शिव प्रताप शुक्ला व तहसीलदार मोहम्मद जसीम ने कटरिया-चांदपुर तटबंध पर पहुंचे। मौके पर हो रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया। ठोकर नंबर तीन के नोज के बहे हुए हिस्से को जल्द से जल्द भरने को कहा। वापस हो रहे पानी के दबाव को कम करने के लिए पेड़ों की डाल का सहारा लेने के निर्देश दिए। इस मौके जेई स्वप्निल श्रीवास्तव, इमरान अली, बब्लू शुक्ला, अशोक सिंह, सुरेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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अतिसंवेदनशील हो चुके कटरिया-चांदपुर तटबंध को बचाने के लिए ऊंट के मुंह जीरा डालने का प्रयास चल रहा है। एक माह बाद भी बाढ़ खंड विभाग खाली हाथ है। सिर्फ बोरियों में बालू व मिट्टी को भर कर तटबंध के किनारे डाला जा रहा है। ऐसे में अगर नदी तटबंध के किनारे कटान शुरू कर दे तो तटबंध बचना मुश्किल होगा क्योंकि अभी तक बोल्डर भी नहीं आ सका है। इन पांच दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंध के किनारे बोरियों के बेस डूब गए हैं। धारा तटबंध को छू कर बह रही है। अफसरों से बोल्डर के बारे में पूछताछ पर एक ही जवाब होता है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है बस एक दो दिन में गिरना शुरू हो जाएगा। तटबंध पर काम शुरू हुए एक माह हो गया लेकिन अभी तक बोल्डर नहीं पहुंचा। नदी खलवा और खजांचीपुर गांव के मध्य तेजी से कृषि योग्य जमीनों को काटकर तटबंध के तरफ बढ़ रही है। बाढ़ खंड विभाग खलवा गांव के पास चार नए कटर का निर्माण करा रहा है। बोल्डर नहीं होने से वह भी कटान रोकने की स्थिति में नहीं है। वहीं, सिलाई ढंग से नहीं होने के कारण कैरेट में डालने बाद कुछ बोरियों की सिलाई खुल जा रही है।
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एसडीएम हर्रैया पहुंचे तटबंध
रविवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम हर्रैया शिव प्रताप शुक्ला व तहसीलदार मोहम्मद जसीम ने कटरिया-चांदपुर तटबंध पर पहुंचे। मौके पर हो रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया। ठोकर नंबर तीन के नोज के बहे हुए हिस्से को जल्द से जल्द भरने को कहा। वापस हो रहे पानी के दबाव को कम करने के लिए पेड़ों की डाल का सहारा लेने के निर्देश दिए। इस मौके जेई स्वप्निल श्रीवास्तव, इमरान अली, बब्लू शुक्ला, अशोक सिंह, सुरेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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