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घाघरा ने काश्तकारों को बना दिया भूमिहीन

Fri, 22 Jun 2018 11:44 PM IST
basti
basti Updated Fri, 22 Jun 2018 11:44 PM IST
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ghaghara made many people fieldless
तटबंध का निरीक्षण करते अधिशासी अभियंत। - फोटो : amar ujala
दुबौलिया। माझा इलाके के किसानों का दर्द घाघरा की देन है। माझा की जीवनदायिनी ने विकराल रूप धारण किया तो दर्जनों लोगों का खेत लील लिया। सैकड़ों बीघा के जोतार अब जमीन के चंद टुकड़ों के भरोसे जीवन काट रहे हैं। किसी समय में लहलहाते हजारों बीघा खेत पांच साल पहले आई बाढ़ में रेत व कंटीली झाड़ियों से भर गए हैं। कहीं-कहीं तो अब भी पानी बह रहा है। कई गांवों का वजूद पिछले पांच साल में घाघरा की बाढ़ में मिट गया। अब भी दर्जनों गांवों में कटान का खतरा मंडरा रहा है।  
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कभी घाघरा की धारा तटबंध से पांच किलोमीटर दूर बहती थी, लेकिन कटान से तटबंध पर ही संकट खड़ा हो गया। हजारों बीघा कृषि योग्य जमीन धारा में समाहित हो गई, तो सैकड़ों किसान भूमिहीन हो गए। इन किसानों के पास अब न तो रहने का कोई स्थायी जगह है और न खेती के लिए जमीन। तमाम ऐसे किसान थे जिनके पास सौ-सौ बीघा खेत था, मगर आज वे भूमिहीन की लाइन में खड़े हैं। सरकारी इमदाद के नाम पर केवल खोखले आश्वासन इनकी झोली में दम तोड़ रहे हैं।  
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दिलाशपुरा के धीरेन्द्र सिंह कहते हैं कि करीब नब्बे बीघा खेत कटान में चला गया। मुआवजे के नाम पर कुछ भी नहीं मिला। अब थोड़ी सी जमीन खेती योग्य बची है। इसी से परिवार का भरण-पोषण हो रहा है। इस बार यदि घाघरा ने फिर से कहर बरपाया तो वह भी छिन जाएगा। 
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पहड़वापुर के राघवराम यादव कहते हैं कि कटान में करीब सौ बीघा खेती धारा ने लील लिया। इस पर खेती करना संभव नहीं है। नदी ने हमें भूमिहीन कर दिया। मटिहा के कल्लू शुक्ला कहते हैं कि कटान ने पचीसों बीघे खेत कट गया अब उस पर फसल उगाना आसान नहीं है। 
 बैरागल के लतीफ मिर्जा, टकटकवा के शिवकुमार, बैरागल के इशरार, पारा के पिंटू सिंह, सुरेश सिंह, रामधारी सिंह, शुकुलपुरा के अरुण शुक्ला, प्रमोद शुक्ला, जोखू, धरमूपुर के शोभाराम, देवारा गंगबरार के रामचंद्र राजभर, राम दुलारे आदि किसानो का कहना है घाघरा के किनारे कभी जीवन हंसी-खुशी के बीच चल रही थी। यहां गन्ना, अरहर व गेहूं की फसल खेतों में खूब लहलहाती थी, मगर घाघरा ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। अब तो केवल ऊपर वाले का ही भरोसा है।



कटरिया-चांदपुर बांध पहुंचे अभियंता
   
दुबौलिया। अधिशासी अभियंता ने शुक्रवार को कटरिया-चांदपुर बांध का जायजा लिया। उन्होेंने चल रहे मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता डीके त्रिपाठी दोपहर करीब एक बजे बंधे पर पहुंचे। कटरिया-चांदपुर बांध के दो किलोमीटर के दायरे में घाघरा नदी बांध से सट कर बह रही है। पिछले वर्ष नदी जगह-जगह बांध को क्षतिग्रस्त कर दी थी। जिस पर इस वर्ष बोरियों में मिट्टी कैरेटों में भर कर नदी में डालकर बेस तैयार किया जा रहा है। अधिशासी अभियंता ने बोरियों को पूरा भर कर सिलाई करने के बाद ही कैरेट में डालने के निर्देश दिए। इस मौके एसडीओ जितेंद्र कुमार, जेई स्वर्िप्नल श्रीवास्तव, दिलीप सिंह, अरमान सिंह, इमरान अली आदि मौजूद रहे।
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