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Basti News: गाडगे ने मानव कल्याण के लिए लगा दिया पूरा जीवन
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बस्ती। संत गाडगे और संत रविदास कल्याण मिशन की ओर से रविवार को संत गाडगे और संत रविदास जयन्ती के उपलक्ष्य में प्रेक्षागृह में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. अमरनाथ बौद्ध ने कहा कि संत गाडगे आर संत रविदास का जन्म ऐसे समय पर हुआ जब पूरा समाज सामाजिक कुरीतियों में जकड़ा हुआ था।
कहा कि गौतम बुद्ध की तरह संत गाडगे ने मानव कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। विशिष्ठ अतिथि जय सिंह, डॉ. विनोद कुमार, शिवराम कनौजिया और बनवारी लाल कनौजिया, विश्राम राव ने कहा कि संत गाडगे और संत रविदास ने घर-परिवार का मोह त्याग कर असहायों तथा पशु-पक्षियों की सेवा करते रहे तथा शिक्षा सफाई का संदेश देते हुये अपना पूरा जीवन इन्हीं लोगों के बीच में लगाया। डॉ. सीएल कनौजिया, डाॅ. अरविन्द मौर्य और राम सुमिरन कन्नौजिया ने कहा कि संत गाडे, संत रविदास एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दबे कुचले समाज को शिक्षित होकर संगठित होने तथा अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया था।
बुद्धि प्रकाश एवं मूलचन्द्र ने बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया। अजय कन्नौजिया, आरपी कन्नौजिया, छोटेलाल सिद्धार्थ, सूर्यलाल वरुण ने विचार रखे। उमाशंकर बौद्ध, लक्ष्मी शशि बाला एवं राजेन्द्र कुमार कनौजिया ने महिलाओं और दबे, कुचले समाज को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रयास करने एवं उनके बीच जाकर जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया। प्रवीन, रामनरेन्द्र एवं तिलकराम गौतम ने विचार रखे।
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इस दौरान मनमोहन कन्नौजिया, आशाराम, रामनरेन्द्र, विजय प्रकाश, सूर्य लाल वरूण, छोटे लाल सिद्धार्थ, तिलक राम गौतम, कैलाश नाथ, प्रवीन कुमार कनौजिया, मनोज कुमार आदि माैजूद रहे।
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कहा कि गौतम बुद्ध की तरह संत गाडगे ने मानव कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। विशिष्ठ अतिथि जय सिंह, डॉ. विनोद कुमार, शिवराम कनौजिया और बनवारी लाल कनौजिया, विश्राम राव ने कहा कि संत गाडगे और संत रविदास ने घर-परिवार का मोह त्याग कर असहायों तथा पशु-पक्षियों की सेवा करते रहे तथा शिक्षा सफाई का संदेश देते हुये अपना पूरा जीवन इन्हीं लोगों के बीच में लगाया। डॉ. सीएल कनौजिया, डाॅ. अरविन्द मौर्य और राम सुमिरन कन्नौजिया ने कहा कि संत गाडे, संत रविदास एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दबे कुचले समाज को शिक्षित होकर संगठित होने तथा अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया था।
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बुद्धि प्रकाश एवं मूलचन्द्र ने बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया। अजय कन्नौजिया, आरपी कन्नौजिया, छोटेलाल सिद्धार्थ, सूर्यलाल वरुण ने विचार रखे। उमाशंकर बौद्ध, लक्ष्मी शशि बाला एवं राजेन्द्र कुमार कनौजिया ने महिलाओं और दबे, कुचले समाज को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रयास करने एवं उनके बीच जाकर जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया। प्रवीन, रामनरेन्द्र एवं तिलकराम गौतम ने विचार रखे।
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इस दौरान मनमोहन कन्नौजिया, आशाराम, रामनरेन्द्र, विजय प्रकाश, सूर्य लाल वरूण, छोटे लाल सिद्धार्थ, तिलक राम गौतम, कैलाश नाथ, प्रवीन कुमार कनौजिया, मनोज कुमार आदि माैजूद रहे।