{"_id":"5f4945a18ebc3e17473f8519","slug":"froud-cyber-basti-news-gkp3634404100","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑफर के लालच में गंवा रहे जमापूंजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑफर के लालच में गंवा रहे जमापूंजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सस्ती बाइक, जीप, कार और बाइक दिखाकर झांसा देते हैं साइबर ठग
आठ माह में पुलिस की पकड़ में आए ऐसे 26 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साइबर अपराधियों ने उपभोक्ताओं को छूट का लालच देकर ठगी का नया तरीका ढूंढा है। कभी एटीएम का पिन बदलने तो कभी पेटीएम और गूगल-पे की वैलिडिटी बढ़ाने के नाम पर लोगों के बैंक खाते खंगाल रहे हैं। सोशल मीडिया में ऐसे आकर्षक प्रचार करके लोगों को फंसाया रहे हैं। पुलिस ने पिछले आठ महीनों में इस तरह के 26 मामलों में मुकदमा दर्ज कर 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके खातों अथवा अन्य कब्जे से 17 लाख 68 हजार रुपये बरामद कर ठगी के शिकार व्यक्तियों को वापस करा चुकी है।
सभी मामलों में देखा गया कि ऑफर देने वाले ऐसे प्रस्ताव रखते हैं जिससे सामने वाले व्यक्ति की उत्सुकता बढ़ जाए। जैसे एक लाख में चार पहिया वाहन, पांच हजार में बाइक, हजार-दो हजार में महंगे मोबाइल का आफर देते हैं। साइबर एक्सपर्ट धीरेंद्र बताते हैं कि इंटरनेट पर मिलने वाली बहुत कम सामग्रियां मुफ्त होती हैं। इसलिए ऑनलाइन फ्री ऑफर्स से सावधान रहें। यही नहीं, जॉब सर्च पोर्टल रजिस्ट्रेशन के लिए भी गृह मंत्रालय की तरफ से सलाह दी गई है कि ऐसी जगहों पर रजिस्ट्रेशन के पहले भली-भांति उनकी प्राइवेसी पॉलिसी की जानकारी करना जरूरी है।
ऐसे होती है ठगी
साइबर सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले चोर ऐसी ही निजी जानकारियों का इस्तेमाल कर लोगों को स्पैम ईमेल और एसएमएस भेजकर उन्हें अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे लोग स्पैम ईमेल में नौकरी का झांसा देने वाली जानकारी भेजने या फिर लॉटरी की रकम देने का दावा करता हुआ लिंक भेजते हैं। जिसे क्लिक करते ही व्यक्ति का मोबाइल या फिर लैपटॉप उनके कब्जे में चला जाता है और वे ठगी कर लेते हैं।
विज्ञापन
सजग होकर करें लेनदेन : एसपी
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय काफी सतर्क रहने की जरूरत है। कारण यह कि साइबर अपराधों में नए-नए तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। अगर किसी के साथ धोखाधड़ी हो जाये तो उसे बिना समय गंवाए पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
साइबर फ्रॉड से बचने को करें उपाय
साइबर सेल के प्रभारी एसआई विकास यादव ने बताया कि किसी से पूछे जाने पर कतई बैंक की डिटेल शेयर न करें। अपुष्ट स्रोतों से आने वाले कोडेड मैसेज को कतई फॉरवर्ड न करें। कोई भी ऑनलाइन या मैसेज से प्राप्त लिंक या नंबर को कतई फॉरवर्ड न करें। ग्राहक एसएमएस अलर्ट जरूर कराएं। पिनकोड व पासवर्ड की जानकारी गुप्त रखें। मोबाइल में बैंक खाता संख्या व पासवर्ड न रखें। बैंक संबंधी गुप्त जानकारी मोबाइल व कंप्यूटर में न रखें। अपने पास संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक, मुख्य लिपिक का फोन नंबर जरूर रखें। लाटरी व इनाम के फोन पर पहले असलियत परखें। ठगी व ब्लैकमेलिंग होने पर हिचकिचाहट छोड़ परिजनों को जरूर बताएं।
विज्ञापन
आठ माह में पुलिस की पकड़ में आए ऐसे 26 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साइबर अपराधियों ने उपभोक्ताओं को छूट का लालच देकर ठगी का नया तरीका ढूंढा है। कभी एटीएम का पिन बदलने तो कभी पेटीएम और गूगल-पे की वैलिडिटी बढ़ाने के नाम पर लोगों के बैंक खाते खंगाल रहे हैं। सोशल मीडिया में ऐसे आकर्षक प्रचार करके लोगों को फंसाया रहे हैं। पुलिस ने पिछले आठ महीनों में इस तरह के 26 मामलों में मुकदमा दर्ज कर 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके खातों अथवा अन्य कब्जे से 17 लाख 68 हजार रुपये बरामद कर ठगी के शिकार व्यक्तियों को वापस करा चुकी है।
सभी मामलों में देखा गया कि ऑफर देने वाले ऐसे प्रस्ताव रखते हैं जिससे सामने वाले व्यक्ति की उत्सुकता बढ़ जाए। जैसे एक लाख में चार पहिया वाहन, पांच हजार में बाइक, हजार-दो हजार में महंगे मोबाइल का आफर देते हैं। साइबर एक्सपर्ट धीरेंद्र बताते हैं कि इंटरनेट पर मिलने वाली बहुत कम सामग्रियां मुफ्त होती हैं। इसलिए ऑनलाइन फ्री ऑफर्स से सावधान रहें। यही नहीं, जॉब सर्च पोर्टल रजिस्ट्रेशन के लिए भी गृह मंत्रालय की तरफ से सलाह दी गई है कि ऐसी जगहों पर रजिस्ट्रेशन के पहले भली-भांति उनकी प्राइवेसी पॉलिसी की जानकारी करना जरूरी है।
विज्ञापन
ऐसे होती है ठगी
साइबर सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले चोर ऐसी ही निजी जानकारियों का इस्तेमाल कर लोगों को स्पैम ईमेल और एसएमएस भेजकर उन्हें अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे लोग स्पैम ईमेल में नौकरी का झांसा देने वाली जानकारी भेजने या फिर लॉटरी की रकम देने का दावा करता हुआ लिंक भेजते हैं। जिसे क्लिक करते ही व्यक्ति का मोबाइल या फिर लैपटॉप उनके कब्जे में चला जाता है और वे ठगी कर लेते हैं।
विज्ञापन
सजग होकर करें लेनदेन : एसपी
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय काफी सतर्क रहने की जरूरत है। कारण यह कि साइबर अपराधों में नए-नए तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। अगर किसी के साथ धोखाधड़ी हो जाये तो उसे बिना समय गंवाए पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
साइबर फ्रॉड से बचने को करें उपाय
साइबर सेल के प्रभारी एसआई विकास यादव ने बताया कि किसी से पूछे जाने पर कतई बैंक की डिटेल शेयर न करें। अपुष्ट स्रोतों से आने वाले कोडेड मैसेज को कतई फॉरवर्ड न करें। कोई भी ऑनलाइन या मैसेज से प्राप्त लिंक या नंबर को कतई फॉरवर्ड न करें। ग्राहक एसएमएस अलर्ट जरूर कराएं। पिनकोड व पासवर्ड की जानकारी गुप्त रखें। मोबाइल में बैंक खाता संख्या व पासवर्ड न रखें। बैंक संबंधी गुप्त जानकारी मोबाइल व कंप्यूटर में न रखें। अपने पास संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक, मुख्य लिपिक का फोन नंबर जरूर रखें। लाटरी व इनाम के फोन पर पहले असलियत परखें। ठगी व ब्लैकमेलिंग होने पर हिचकिचाहट छोड़ परिजनों को जरूर बताएं।