फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Four lakh vehicles in the city... still traffic signals are bad

Basti News: शहर में चार लाख वाहन... फिर भी ट्रैफिक सिग्नल खराब

Mon, 01 Jul 2024 02:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 01 Jul 2024 02:31 AM IST
विज्ञापन
Four lakh vehicles in the city... still traffic signals are bad
प्रमुख चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल लंबे समय चल नहीं रहे
विज्ञापन

आवागमन बढ़ते ही यातायात नियम की उड़ने लगती हैं धज्जियां
जाम को खुलवाने के लिए होमगार्ड को बहाना पड़ता है पसीना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के आधा दर्जन प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम लंबे समय से खराब है। जबकि वाहनों का अनुपात प्रतिदिन बढ़ रहा है। शहरी क्षेत्र में छोटे- बड़े चार लाख वाहनों का भार है। बावजूद इसके यातायात प्रबंधन की व्यवस्था बेपटरी है। ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम न होने से भीड़भाड़ वाले इलाके में अनियमित आवागमन हो रहा है। जगह-जगह जाम की समस्या खड़ी हो रही है।
ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम की जरूरत शहर में एक दशक पहले महसूस की गई थी। सुचारू आवागमन के लिए छह स्थानों पर नगर पालिका की ओर से यह व्यवस्था संचालित कराई गई। रोडवेज, कंपनीबाग, गांधीनगर, बड़ेवन, पांडेय बाजार, अस्पताल चौराहा पर सीसीटीवी कैमरे के साथ ट्रैफिक सिग्नल लगवाने गए। इसके देखरेख का जिम्मा प्राइवेट कंपनी को सौंपी गया। कुछ दिनों तक ही यह व्यवस्था बहाल रह पाई। इसके बाद कंपनी ने निगरानी कार्य से तौबा कर लिया।
विज्ञापन

धीरे-धीरे सभी ट्रैफिक सिग्नल खराब होते गए। पांच साल से शहर में एक भी ट्रैफिक सिग्नल चालू हालत में नहीं है। इसके लिए लगाए गए खंभे और लाइट उखड़ने लगे हैं। चौराहों पर केवल इसके अवशेष दिख रहे हैं। इससे जगह-जगह आवागमन अनियंत्रित हो जा रहा है। यह स्थिति तब है जब एक दशक में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्तमान में शहर में दो और चार पहिया मिलाकर चार लाख वाहनों के भार का अनुमान है। ऐसे में जल्दी निकलने के चक्कर में प्रमुख चौराहों पर यातायात नियमों की अनदेखी हो रही है। आमने-सामने से चौराहा पार करते समय वाहन फंस जा रहे हैं। इससे जाम लग रहा है। भीड़भाड़ के समय तो कुछ चौराहों पर होमगार्ड के जवान यातायात नियंत्रित करने के लिए घंटों पसीना बहाते हैं।
...
इन चौराहों पर सबसे ज्यादा मुसीबत
रोडवेज तिराहे पर यातायात का भार सबसे ज्यादा है। यहां रोडवेज बसों के अलावा गांधीनगर और पुरानी बस्ती क्षेत्र की सड़कों के जुड़ाव के कारण शहरी आवागमन अधिक रहता है। शुरुआत में ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम की वजह से आवागमन सुचारू रहा। अब वाहन चालक बेतरतबी वाहनों को चलाते हैं। इस वजह से जाम लग जाता है। यहां सुबह नौ बजे के बाद ट्रैफिक पुलिस और चार से पांच की संख्या में होमगार्ड के जवान सड़क के बीचोबीच खड़े होकर हाथ से इशारा कर लोगों से यातायात नियमों का पालन कराते है। शाम के समय जब यह लोग ड्यूटी से लौटते हैं तो यातायात व्यवस्था यहां चरमरा जाती है। इसी तरह जिला अस्पताल और कंपनीबाग चौराहे की है।

...
कोट
यातायात संबंधी होने वाली बैठक में ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम फिर से चालू कराने का मुद्दा रखा जाएगा। इसके लिए यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित कर नए सिरे से व्यवस्था बनानी पड़ेगी।
-सत्येंद्र कुमार सिंह, प्रभारी ईओ/एसडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed