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तीसरी लहर को तैयार हो रहे चार एल वन प्लस अस्पताल
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तीसरी लहर को तैयार हो रहे चार एल वन प्लस अस्पताल
मुंडेरवा, भानपुर, दुबौलिया और मरवटिया सीएचसी बने एल वन प्लस हास्पिटल
तीस-तीस बेड के इन अस्पतालों में लगाए गए हैं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा जोर-शोर से तैयारियों में जुट गया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व एक प्राथमिक स्वास्थ्य को लेवल वन प्लस अस्पताल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इन अस्पतालों में कोविड के कम गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा। वहीं गंभीर मरीजों को महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में भर्ती किया जाएगा।
जिले में विगत तीन महीने से कोविड कोई भी मरीज न मिलना राहत की तो बात है, लेकिन अन्य प्रदेशों में जिस तरह से हर रोज नए वैरीएंट ओमिक्रॉन के मामले आ रहे हैं। उसे देखते हुए विशेषज्ञ आने वाले दिनों में संक्रमण बढ़ने का अंदेशा जता रहे हैं। ऐसे में इन दिनों स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस समय पूर्व तैयारियों पर है। जिसके क्रम में जिले के मुंडेरवा, भानपुर व दुबौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व मरवटिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लेवल वन प्लस अस्पताल बनाया गया है। इन अस्पतालों में तीस-तीस बेड हैं, जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन की आपूर्ति सभी बेडों पर की जाएगी। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में भी यह चारों अस्पताल लेबल प्लस लेवल वन प्लस अस्पताल के रूप में चिह्नित थे। जहां कोविड के कम गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया था। एसीएमओ डॉ.फकरेयार हुसैन ने बताया कि इन अस्पतालों में आक्सीजन से लेकर अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है। चिकित्सक के साथ स्टाफ की तैनाती की भी प्रक्रिया चल रही है। मॉकड्रिल कर इस बात की पड़ताल भी कर ली गई है कि आने वाले में दिनों कोविड के मरीज बढ़ने पर कैसे उनका इलाज किया जाएगा।
सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर
जिले में इन दिनों एक दिन में औसत सात से आठ लोगों के ही कोविड जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। जबकि दूसरी लहर के दौरान एक दिन में औसतन ढाई से तीन हजार लोगों के सैंपल लिए जाते थे। पिछले दिनों जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर दिया था। इसके बाद भी अभी केवल रोडवेज, बड़ेवन और रेलवे स्टेशन पर ही नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था हो पाई है। एसीएमओ डॉ.फकरेयार हुसैन ने बताया कि सैंपलिंग बढ़ाने के लिए टीमों का गठन किया जा रहा है।
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मुंडेरवा, भानपुर, दुबौलिया और मरवटिया सीएचसी बने एल वन प्लस हास्पिटल
तीस-तीस बेड के इन अस्पतालों में लगाए गए हैं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा जोर-शोर से तैयारियों में जुट गया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व एक प्राथमिक स्वास्थ्य को लेवल वन प्लस अस्पताल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इन अस्पतालों में कोविड के कम गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा। वहीं गंभीर मरीजों को महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में भर्ती किया जाएगा।
जिले में विगत तीन महीने से कोविड कोई भी मरीज न मिलना राहत की तो बात है, लेकिन अन्य प्रदेशों में जिस तरह से हर रोज नए वैरीएंट ओमिक्रॉन के मामले आ रहे हैं। उसे देखते हुए विशेषज्ञ आने वाले दिनों में संक्रमण बढ़ने का अंदेशा जता रहे हैं। ऐसे में इन दिनों स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस समय पूर्व तैयारियों पर है। जिसके क्रम में जिले के मुंडेरवा, भानपुर व दुबौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व मरवटिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लेवल वन प्लस अस्पताल बनाया गया है। इन अस्पतालों में तीस-तीस बेड हैं, जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन की आपूर्ति सभी बेडों पर की जाएगी। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में भी यह चारों अस्पताल लेबल प्लस लेवल वन प्लस अस्पताल के रूप में चिह्नित थे। जहां कोविड के कम गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया था। एसीएमओ डॉ.फकरेयार हुसैन ने बताया कि इन अस्पतालों में आक्सीजन से लेकर अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है। चिकित्सक के साथ स्टाफ की तैनाती की भी प्रक्रिया चल रही है। मॉकड्रिल कर इस बात की पड़ताल भी कर ली गई है कि आने वाले में दिनों कोविड के मरीज बढ़ने पर कैसे उनका इलाज किया जाएगा।
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सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर
जिले में इन दिनों एक दिन में औसत सात से आठ लोगों के ही कोविड जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। जबकि दूसरी लहर के दौरान एक दिन में औसतन ढाई से तीन हजार लोगों के सैंपल लिए जाते थे। पिछले दिनों जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर दिया था। इसके बाद भी अभी केवल रोडवेज, बड़ेवन और रेलवे स्टेशन पर ही नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था हो पाई है। एसीएमओ डॉ.फकरेयार हुसैन ने बताया कि सैंपलिंग बढ़ाने के लिए टीमों का गठन किया जा रहा है।
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