{"_id":"6351936352dd5e577a4fbcbe","slug":"fire-in-thatch-and-cattle-shelter-amount-ashes-basti-news-gkp454778746","type":"story","status":"publish","title_hn":"छप्पर व पशुशाला में लगी आग, रकम राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छप्पर व पशुशाला में लगी आग, रकम राख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छप्पर व पशुशाला में लगी आग, रकम राख
दुबौला/गायघाट (बस्ती)। दो अलग-अलग गांवों में अज्ञात कारणों से लगी आग में एक झोपड़ी और पशुशाला जल गई। 10 हजार रुपये जल गए। झुलसने से बकरी की मौत हो गई। तीन अन्य पशु भी गंभीर रूप से झुलस गए।
दुबौला प्रतिनिधि के अनुसार, कप्तानगंज थाने के तेनुई चेत सिंह ग्राम पंचायत में काली मंदिर के पास भरवलिया गांव निवासी सुशीला, पत्नी फूलचंद रिहायशी छप्पर बनाकर रहती हैं। जीविका चलाने के लिए उन्होंने कुछ बकरियां भी पाल रखी थी। इसी में घर का सारा सामान भी रखा था। बुधवार की रात सुशीला अपनी नाती रवि के साथ बाहर सोई थी। इसी दौरान रात करीब एक बजे छप्पर में आग लग गई।
सुशीला कुछ समझ पातीं, तब तक सब कुछ आग की चपेट में आ गया। दो दिन पूर्व उन्होंने बकरियां बेच कर दस हजार रुपये जुटाये थे, जो आग की चपेट में आ गए। जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि हैप्पी सिंह, प्रधान के प्रतिनिधि आस्तिक त्रिपाठी ने हल्का लेखपाल को घटना से अवगत कराया।
विज्ञापन
गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक, कलवारी थाना क्षेत्र के धनौवा गांव निवासी रामजी ने बताया कि पशुशाला में दो भैंस एक पड़वा बंधे थे। करीब बारह बजे अचानक आग लगने से तीनों पशु झुलस गए। पड़ोसियों के सहयोग से आग को बुझाया जा सका। तीनों पशुओं का इलाज करवाया जा रहा है।
विज्ञापन
दुबौला/गायघाट (बस्ती)। दो अलग-अलग गांवों में अज्ञात कारणों से लगी आग में एक झोपड़ी और पशुशाला जल गई। 10 हजार रुपये जल गए। झुलसने से बकरी की मौत हो गई। तीन अन्य पशु भी गंभीर रूप से झुलस गए।
दुबौला प्रतिनिधि के अनुसार, कप्तानगंज थाने के तेनुई चेत सिंह ग्राम पंचायत में काली मंदिर के पास भरवलिया गांव निवासी सुशीला, पत्नी फूलचंद रिहायशी छप्पर बनाकर रहती हैं। जीविका चलाने के लिए उन्होंने कुछ बकरियां भी पाल रखी थी। इसी में घर का सारा सामान भी रखा था। बुधवार की रात सुशीला अपनी नाती रवि के साथ बाहर सोई थी। इसी दौरान रात करीब एक बजे छप्पर में आग लग गई।
विज्ञापन
सुशीला कुछ समझ पातीं, तब तक सब कुछ आग की चपेट में आ गया। दो दिन पूर्व उन्होंने बकरियां बेच कर दस हजार रुपये जुटाये थे, जो आग की चपेट में आ गए। जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि हैप्पी सिंह, प्रधान के प्रतिनिधि आस्तिक त्रिपाठी ने हल्का लेखपाल को घटना से अवगत कराया।
विज्ञापन
गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक, कलवारी थाना क्षेत्र के धनौवा गांव निवासी रामजी ने बताया कि पशुशाला में दो भैंस एक पड़वा बंधे थे। करीब बारह बजे अचानक आग लगने से तीनों पशु झुलस गए। पड़ोसियों के सहयोग से आग को बुझाया जा सका। तीनों पशुओं का इलाज करवाया जा रहा है।