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आग से तबाही, कई घर जले
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Wed, 05 Apr 2017 11:37 PM IST
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हर्रैया भीरवां गांव में आग लगने से रिहायशी झोपडी जलकर ख़ाक हो हो गई।
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सोनहा थाना क्षेत्र के हसनापुर गांव में मंगलवार देर रात आग से पांच छप्पर व पक्का मकान जलकर राख हो गए। एक दर्जन बकरियों की झुलसने से मौत हो गई। घर में रखा सारा समान भी आग की भेंट चढ़ गया। आग बुझाने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच उस समय अफरातफरी मच गई जब एक घर में रसोई गैस होने की जानकारी दी गई। गांव वालों ने पंपसेट लगाकर किसी तरह आग पर काबू पाया। बुधवार को हल्का लेखपाल भी मौके पर पहुंचे और क्षति का आंकलन कर तहसील प्रशासन को आख्या भेजी।
हसनापुर गांव में अज्ञात कारणों से मंगलवार को करीब 12 बजे रात में खुर्शेद अली के छप्पर में आग लग गई। जब तक लोग समझ पाते तब तक हवा के झोंके के चलते आग का दायरा बढ़ गया। देखते ही देखते हैसियत अली, रासिद अली व वकील के मकान भी जलने लगे। लोगों ने फायर ब्रिगेड को और पुलिस को सूचना दी और आग पर काबू पाने में जुट गए। तेज हवाओं के चलने से आग पर काबू पाने में पसीने छूट गए। हादसे में जहां खुर्शेद अली के घर में बंधी सात बकरियां जिंदा जल गईं वहीं हैसियत की चार तथा वकील के घर की चार बकरियां भी झुलस कर मर गईं। दो का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा इन घरों में रखा हजारों रुपये नकदी के साथ कपड़े, राशन व अन्य सामान जल कर राख हो गए। इस हादसे में अब्दुल्ला के पक्के मकान को भी क्षति हुई। हालांकि ग्रामीणों के दो घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन पीड़ितों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ीं।
जानकारी पाकर हल्का लेखपाल अरुण श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गए। आग से क्षति आंकलन किया। गांव के कोटेदार लक्ष्मीनरायन मिश्र ने अग्नि पीड़ितों राशन उपलब्ध कराया। ग्राम प्रधान बृजभूषण यादव ने बताया अग्नि पीड़ितों को अनाज कपड़ा दिया गया है। कहा कि गर्मी में आग से बचाव के लिए गांव के पास स्थित पोखरों में जल्द ही पानी भरवाया जाएगा।
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हसनापुर गांव में अज्ञात कारणों से मंगलवार को करीब 12 बजे रात में खुर्शेद अली के छप्पर में आग लग गई। जब तक लोग समझ पाते तब तक हवा के झोंके के चलते आग का दायरा बढ़ गया। देखते ही देखते हैसियत अली, रासिद अली व वकील के मकान भी जलने लगे। लोगों ने फायर ब्रिगेड को और पुलिस को सूचना दी और आग पर काबू पाने में जुट गए। तेज हवाओं के चलने से आग पर काबू पाने में पसीने छूट गए। हादसे में जहां खुर्शेद अली के घर में बंधी सात बकरियां जिंदा जल गईं वहीं हैसियत की चार तथा वकील के घर की चार बकरियां भी झुलस कर मर गईं। दो का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा इन घरों में रखा हजारों रुपये नकदी के साथ कपड़े, राशन व अन्य सामान जल कर राख हो गए। इस हादसे में अब्दुल्ला के पक्के मकान को भी क्षति हुई। हालांकि ग्रामीणों के दो घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन पीड़ितों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ीं।
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जानकारी पाकर हल्का लेखपाल अरुण श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गए। आग से क्षति आंकलन किया। गांव के कोटेदार लक्ष्मीनरायन मिश्र ने अग्नि पीड़ितों राशन उपलब्ध कराया। ग्राम प्रधान बृजभूषण यादव ने बताया अग्नि पीड़ितों को अनाज कपड़ा दिया गया है। कहा कि गर्मी में आग से बचाव के लिए गांव के पास स्थित पोखरों में जल्द ही पानी भरवाया जाएगा।
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