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फाइलेरिया उन्मूलन: दवा खिलाने 4.27 लाख घर तक जाएगी टीम

Sun, 08 May 2022 11:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 11:27 PM IST
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Filaria Unmoolan-team will go to home for give medicine
फाइलेरिया उन्मूलन : दवा खिलाने 4.27 लाख घर तक जाएगी टीम
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बस्ती। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की तैयारी पूरी हो गई है। इस बार जिले में 28.50 लाख लोगों को दवा खिलानी है। दवा खिलाने के लिए 2305 टीम लगाई गई है, जो 4.27 लाख घरों तक जाएगी। फाइलेरिया की दवा किसी के हाथ में नहीं देनी है, बल्कि टीम के सदस्य अपने सामने उसे दवा खिलाएंगे। फाइलेरिया की दवा के साथ पेट में कीड़े मारने की भी दवा दी जाएगी।
फाइलेरिया से बचाव के लिए जिले के 28.50 लाख लोगों को दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए 12 मई से एक पखवाड़े का अभियान शुरू होने जा रहा है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर अपने सामने लोगों को फाइलेरिया की दवा डीईसी व कीड़े की दवा एल्बेंडाजोल खिलाएंगे। सभी सीएचसी/पीएचसी पर फाइलेरिया की दवा उपलब्ध करा दी गई है।
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सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 12 से 27 मई तक चलेगा। इसमें आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया व कीड़े की दवा खिलाएंगी। परिवार में अगर कोई सदस्य दवा खाने से छूट जाता है तो उसे बाद में दवा खिलाई जाएगी, दवा परिवार के हाथ में कदापि नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह दवा काफी कारगर है। अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति दवा खा लेता है तो एक साल तक उसके फाइलेरिया रोग से संक्रमित होने की संभावना नहीं रह जाती है। अभियान में कुल 2305 टीम लगाई जा रही हैं, जिसमें 4610 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर होंगे। 387 पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे।
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दो साल से ऊपर वालों को देनी है दवा
जिला मलेरिया अधिकारी आईएस अंसारी ने बताया कि फाइलेरिया की दवा दो साल से ऊपर वालों को खिलानी है। दो साल तक के बच्चों, गर्भवती व अत्यंत बुजुर्ग व बीमार व्यक्ति को दवा नहीं खिलाई जाएगी। दो से पांच साल तक के बच्चों को 100 एमजी की डीईसी, छह से 15 साल उम्र वालों को दो गोली व 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को तीन गोली खिलाई जाएगी।
विशेष प्रकार के मादा मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया
फाइलेरिया एक विशेष प्रकार की मादा मच्छर के काटने से फैलता है। एक बार फाइलेरिया का रोग हो जाने पर यह पूरी तरह ठीक नहीं होता है। फील पांव व अंडाशय सूजने की समस्या होती है। रोग से बचाव ही सबसे अच्छा उपाय है।

कोविड में नहीं चला था अभियान
फाइलेरिया की दवा खिलाने का अभियान इसके पहले 17 फरवरी 2020 से 25 फरवरी तक चला था। इस दौरान जिले में 22.83 लाख लोगों को दवा खिलाई गई थी। डीएमओ ने बताया कि कोविड काल के कारण अभियान स्थगित रहा। एक बार फिर यह अभियान शुरू किया गया है। लोगों को चाहिए कि घर पर पहुंचने वाले स्वास्थ्य कर्मी से दवा लेकर जरूर खाएं। आवश्यकता होने पर अपने क्षेत्र की आशा से संपर्क करें।
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