फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   farmers waiting for rain

मौसम के झटके से अन्नदाता चिंतित

Fri, 20 Jul 2018 11:17 PM IST
basti
basti Updated Fri, 20 Jul 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
farmers waiting for rain
खेत में पड़ी दरार। - फोटो : amar ujala
बस्ती। शुरुआती लटके-झटके दिखाने के बावजूद मानसून बिना बरसे ही कमजोर पड़ गया। केरल तट पर समय से पहले दस्तक देने से मौसम विज्ञानी गदगद थे, लेकिन जुलाई के दूसरे सप्ताह में ही बादलों ने चकमा देना शुरू कर दिया। अधिकतम 38 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच गया। धान के खेतों में दरार आ गई जबकि नहरें सूखी हैं। 
विज्ञापन

मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रही हवाओं में सम्पर्क न होने से बादल बारिश में तब्दील नहीं हो पा रहे हैं। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के पूर्व मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार शुरुआती संकेतों से उम्मीद थी कि मानसून साथ देगा मगर मंडल में पहुंचते ही उसके तेवर कमजोर पड़ गया। दो-तीन दिन में हवाओं की चाल बदलने का अनुमान है। जिससे उम्मीद है कि बस्ती मंडल के तीनों जिले व नेपाल की तराई इलाकों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। वैसे बिजली आपूर्ति भी कुछ ठीक हुई है। प्रतापपुर के इंद्रजीत सिंह, पिपरा गौतम के राम चंद्र सिंह, महादेवा के अंबरीश उपाध्याय सहित जिले के तमाम प्रगतिशील किसानों का कहना है कि अब 18 घंटे सप्लाई का दावा किया जा रहा है, जिससे किसानों में उम्मीद बढ़ गई है। महंगे डीजल की अपेक्षा सस्ती बिजली से खेतों की सिंचाई हो रही है। जिससे लागत काफी कम हुआ है।                         
विज्ञापन


रोपाई के पीक टाइम पर चकमा                         
धान की लगातार तीन फसल चौपट होने के बाद पिछले खरीफ सीजन में बंपर पैदावार हुई थी। बाढ़ व अतिवृष्टि से सामना न होने से धान के किसानों के कुछ ही सही लेकिन अच्छे दिन आ गए। इसी से उत्साहित किसानों में इस बार अधिक से अधिक रकबा रोपाई करने की होड़ लगी है। बहादुरपुर ब्लॉक के नरायनपुर, प्रतापपुर, माड़न, कटरुआ, रोझिया, सेमरा के अलावा कुदरहा के पिपरपाती, बनकटी आदि ब्लॉकों के बड़े काश्तकार इस बार धान पर जोर लगाए हैं।                          
विज्ञापन
विज्ञापन

टिनिच क्षेत्र में खेतों में दरार                        
बरसात नहीं होने से धान के खेतों में दरार पड़ रही है। फसलें सूखने के कगार पर हैं। फसल बचाने के लिए लोगों को निजी संसाधनों से सिंचाई करना पड़ रहा है। पिपराजप्ती, बेलौडी, मझौवा, हरदिया, संसारपुर, शिवपुर, चौरा, बस्थनवा, बसहवा, बजहिया, धनघटी, नोनहा, तिनहरी, कूपनगर, भदना, सुल्तानपुर, बेलवाडाड़, घूरहूपुर आदि गांवों में हालत खराब हैं। सुल्तानपुर के किसान रामदीन तिवारी कहते हैं कि धान के खेत में दरारें पड़ रही हैं। तिनहरी के अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि फसल को बचाने के लिए पंपिंग सेट से सिंचाई कर रहे लेकिन डीजल महंगा होने से लग रहा खेती छोड़नी पड़ेगी। विशेषज्ञ हरिश्चंद्र मिश्र ने बताया कि बरसात की कमी से उत्पादन कम होगा। रोग लगने का खतरा बढ़ा है।

मौसम की बेरुखी, नहर ने भी साथ छोड़ा
फसल बचाने को किसानों बांस बल्ली का लिया सहारा       
माइनरों में पानी पहुंचाने के प्रयास में जुटे किसान 
अमर उजाला ब्यूरो 
सल्टौआ। मौसम की बेरुखी के चलते बारिश नहीं हुई। उस पर नहरों में भी पानी नहीं आ रहा है। इन स्थितियों में किसान फसल बचाने को बेकरार हैं। बारिश की राह निहारने के बाद अब उनके सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया। किसानों ने सहयोग से नहर में बांस-बल्ली के सहारे खेतों की प्यास बुझाने को ठाना है। इसी के सहारे वे खेत तक पानी लाने में जुटे हैं।

किसानों के सुविधा के लिए 25 वर्ष पूर्व शासन की ओर से सरयू नहर खंड चार के नाम से नहरों का जाल बिछाया गया। वह इस नाते कि खेेतों की सिंचाई समय समय पर माइनरों के माध्यम से किसान करते रहेंगे। लेकिन आवश्यकता पर यह किसानों को धोखा दे जाते हैं। इस बार भी यही हुआ अब तक इस नहर के माइनर सूखे पड़े हैं। थक-हार कर दर्जनों गांवों के किसान एकजुट होकर बांस-बल्ली के सहारे नहर से माइनरों में पानी पहुंचाने का प्रयास कर खेत में सूख रही फसलों को बचाने का प्रयास किया। किसान चंद्रशेखर, हरिराम, रामसुभग, रामनिहोर, बाबूराम, दिनेश, गंगाराम, हीरालाल, रामसूरत आदि ने नहर में ठोकर बनवाए जाने की मांग शासन प्रशासन से की है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed