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अब आंखें करेंगी उपभोक्ताओं की पहचान
Thu, 04 Apr 2019 10:40 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 04 Apr 2019 10:40 PM IST
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आइरिश स्कैनर की जांच करते डीएसओ।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। शासन ने सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने व शत-प्रतिशत वितरण के लिए जिले के सभी कोटा दुकानों को ई-पास मशीन से जोड़ दिया है। इसके बाद भी तमाम उपभोक्ताओं का सत्यापन अंगुली से नहीं हो पा रही है, जिससे उपभोक्ता परेशान हो जाता है। अब इस समस्या का भी हल शासन ने निकाल दिया है। अब उपभोक्ताओं की पहचान आंखें बताएंगी। इसके लिए सभी ई-पास मशीनों को आइरिश स्कैनर से जोड़ा जाएगा। इस मशीन में उपभोक्ता जैसे ही देखेगा उसके रेटीना को पढ़कर उपभोक्ता का सत्यापन मशीन कर देगी।
जिले में पीडीएस के तहत पात्र गृहस्थी के 3.52 लाख से अधिक कार्डधारक हैं, जबकि 89,065 अंत्योदय योजना के लाभार्थी हैं। इन्हें कोटा दुकानदार गेहूं व चावल के अलावा केरोसिन उपलब्ध कराता है। पहले योजना के तहत पंद्रह दिन ही राशन वितरण की प्रक्रिया थी, मगर अब इसमें तब्दीली कर दी गई है। अब माह की पांच से 30 तारीख तक कोटा दुकान से अनाज का वितरण होगा। इसमें कुछेक के ई-पास में अंगुली के निशान नहीं मिलते हैं, जिनके लिए 24 व 25 तारीख वितरण तय की गई है। इन सबके बीच शासन ने पीडीएस को और पारदर्शी बनाने की व्यवस्था की है। इससे शत-प्रतिशत वितरण को मजबूती मिलेगी। ई-पास मशीन में अंगुली का सत्यापन न होने पर अब संबंधित कोटेदार उपभोक्ता की पहचान आइरिश स्कैनर मशीन से करेगा। यह मशीन उपभोक्ता की एक आंख पर लगा दिया जाएगा। आंख के रेटीना को पढ़कर मशीन उसको आधार से सत्यापित कर उसकी पहचान कर देगी। इसी पहचान के बल पर संबंधित को आसानी से कोटेदार अनाज मुहैया कराएगा। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र ने कहा कि आइरिश मशीन की जांच की गई है। यह मशीन वितरण प्रणाली को और बेहतर करने की पहल है। जिले की सभी 1315 कोटा दुकानों पर इसे ई-पास मशीन से जोड़ दिया जाएगा। यह सभी कोटेदारों को निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। कहा कि शहरी क्षेत्र की 50 दुकानों को बाद में इससे जोड़ा जाएगा।
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जिले में पीडीएस के तहत पात्र गृहस्थी के 3.52 लाख से अधिक कार्डधारक हैं, जबकि 89,065 अंत्योदय योजना के लाभार्थी हैं। इन्हें कोटा दुकानदार गेहूं व चावल के अलावा केरोसिन उपलब्ध कराता है। पहले योजना के तहत पंद्रह दिन ही राशन वितरण की प्रक्रिया थी, मगर अब इसमें तब्दीली कर दी गई है। अब माह की पांच से 30 तारीख तक कोटा दुकान से अनाज का वितरण होगा। इसमें कुछेक के ई-पास में अंगुली के निशान नहीं मिलते हैं, जिनके लिए 24 व 25 तारीख वितरण तय की गई है। इन सबके बीच शासन ने पीडीएस को और पारदर्शी बनाने की व्यवस्था की है। इससे शत-प्रतिशत वितरण को मजबूती मिलेगी। ई-पास मशीन में अंगुली का सत्यापन न होने पर अब संबंधित कोटेदार उपभोक्ता की पहचान आइरिश स्कैनर मशीन से करेगा। यह मशीन उपभोक्ता की एक आंख पर लगा दिया जाएगा। आंख के रेटीना को पढ़कर मशीन उसको आधार से सत्यापित कर उसकी पहचान कर देगी। इसी पहचान के बल पर संबंधित को आसानी से कोटेदार अनाज मुहैया कराएगा। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र ने कहा कि आइरिश मशीन की जांच की गई है। यह मशीन वितरण प्रणाली को और बेहतर करने की पहल है। जिले की सभी 1315 कोटा दुकानों पर इसे ई-पास मशीन से जोड़ दिया जाएगा। यह सभी कोटेदारों को निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। कहा कि शहरी क्षेत्र की 50 दुकानों को बाद में इससे जोड़ा जाएगा।
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