फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Explain the benefits of taking medicine with the severity of the disease

Basti News: रोग की गंभीरता के साथ बताएं दवा खाने के फायदे

Wed, 28 Jun 2023 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 28 Jun 2023 12:25 AM IST
विज्ञापन
Explain the benefits of taking medicine with the severity of the disease
बस्ती। फाइलेरिया से बचाव के लिए घर-घर जाकर दवा खिलाने का सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान 10 अगस्त से शुरू होगा। एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को आयोजित हुआ। सीएमओ डॉ. आरपी मिश्रा ने कहा कि जो भी स्वास्थ्य कर्मी दवा खिलाने के लिए लाभार्थी के घर पर जाएं सबसे पहले उसे रोग की गम्भीरता के बारे में बताए, उसके बाद दवा के सेवन के बाद रोग से होने वाले बचाव व फायदे को बताएं। दवा को अपने सामने ही खिलाना है, किसी भी दशा में दवा किसी को न दी जाए।
विज्ञापन


सीएमओ ने कहा कि लोगों को बताया जाए कि पांच साल तक लगातार साल में एक बार इस दवा के सेवन से फाइलेरिया से बचाव होता है । एसीएमओ वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. एफ हुसैन ने बताया कि 28.80 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य इस बार रखा गया है। टीम घर पर जाकर सदस्यों की सूची तैयार करेगी तथा जिन लोगों को दवा नहीं खिलानी है, उन्हें छोड़कर सभी को दवा जरूर खिलवाई जाएगी। पिछले वर्ष लक्ष्य के 85 प्रतिशत लाभार्थियों को दवा खिलवाई गई थी। दवा के प्रति पांच प्रतिशत लोगों ने उदासीनता दिखाई थी, इस बार इसे न्यूनतम स्तर पर लाना है।
विज्ञापन


पाथ संस्था की जिला समन्वयक आरएनटीडीओ डॉ. सुचेता ने प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने बताया कि दवा को खाली पेट नहीं खाना है। एल्बेंडाजोल गोली को चबाकर ही खाएं व डीईसी गोली पानी के साथ खाएं। विभाग की ओर से जारी चार्ट के आधार पर उम्र के अनुसार ही दवा खिलवाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

खिलाई जाएगी सिर्फ पेट के कीड़े मारने की दवा

जिला मलेरिया अधिकारी आइए अंसारी ने बताया कि इस बार के अभियान में एक से दो साल तक के बच्चों को केवल पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई जानी है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कुल 2305 टीम बनाई गई है। एक टीम में दो औषधि सेवक होंगे। 387 सुपरवाइजर तैनात किए जा रहे हैं। ब्लॉक पर रैपिड रिस्पांस टीम मौजूद रहेगी।


---

इन्हें नहीं खिलानी है फाइलेरिया से बचाव की दवा

-- दो साल से कम उम्र के बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- गंभीर रोग, कैंसर आदि से ग्रसित मरीज
------
इन प्रभावों से नहीं है घबराना
कुछ लोगों द्वारा दवा का सेवन करने से बुखार, बदन दर्द, सिर में दर्द, उकाई या उल्टी जैसी दिक्कत होती है। इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। यह कुछ ही लोगों में होता है, खासतौर से जिनमें फाइलेरिया के परजीवी मौजूद होते हैं। यह स्वत: ठीक भी हो जाता है।

---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed