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त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखी जाएंगी ईवीएम
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त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखी जाएंगी ईवीएम
गुप्त रखी जाएगी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात किए गए बलों की संख्या
मंडी समिति परिसर में बने स्ट्रांग रूम में रखी जाएंगी पांचों विस की ईवीएम
बस्ती। जनादेश से भरी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। इसके लिए पुलिस, पीएसी के अलावा पैरा मिलिट्री फोर्स की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लगे बलों की संख्या को गुप्त रखा जाएगा।
मतदान के लिए कुल 1500 केंद्र और 2470 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। 2470 ईवीएम के अलावा अतिरिक्त मशीनें केंद्रों पर भेजी जाएंगी। सभी मशीनें तीन मार्च को मतदान समाप्ति के बाद मंडी परिसर स्थित स्ट्रांग रूम में रखी जाएंगी। जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, मतदान केंद्रों की सील बंद ईवीएम की निगरानी के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
एसपी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि ईवीएम की सुरक्षा की पूरी कार्ययोजना तैयार है। तीन मार्च को मतदान के बाद ईवीएम स्ट्रांग रूम में रखी जाएंगी। 10 मार्च को मतगणना के समय चक्रानुसार गिनती काउंटर पर भेजी जाएंगी। स्ट्रांग रूम के इनर जोन में पैरा मिलिट्री, दूसरे में पीएसी और तीसरे चरण की सुरक्षा जिला पुलिस के पास रहेगी। आयोग ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए प्रत्येक दिन स्थानीय थाना-चौकी को गश्त, पिकेट, पेट्रोलिंग 24 घंटे जारी रखने के निर्देश दिए हैं। स्ट्रांग रूम के मुख्य द्वार पर डबल लॉक व्यवस्था रहेगी। यह व्यवस्था ट्रेजरी, बैंक और कड़ी सुरक्षा के दूसरे मानकों पर तय होगी। सीसीटीवी के अलावा हर स्ट्रांग रूम के मुख्य गेट पर एक लॉग-बुक रहेगी।
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बिल्ली के कारण मचा था बवाल
साल 2017 के चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम में बिल्ली के चलते बवाल हो गया था। फिर ऐसी कोई स्थिति न बने, इसके लिए खास सतर्कता बरती जा रही है। साल 2017 में महादेवा विधानसभा के स्ट्रांगरूम में एक बिल्ली घुस गई थी। भूख-प्यास से व्याकुल होने पर वह ईवीएम के डिब्बों पर कूद-फांद करने लगी। आवाज सुनकर बाहर तैनात अर्द्धसैनिक बल के जवानों के होश उड़ गए। तत्कालीन सिक्योरिटी इंचार्ज सीआईएसएफ के डीबी रमना ने तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम प्रभु नारायण सिंह को सूचना दी। इसके बाद आरओ महादेवा स्ट्रांग रूम पहुंचे। स्ट्रांग रूम को खोलने से पहले प्रत्याशियों को सूचना दी गई। प्रेक्षक, आरओ, प्रत्याशियों के साथ पहुंचे। सिक्योरिटी लॉग बुक पर हस्ताक्षर किए और स्ट्रांग रूम खोला गया। शटर खुलते ही अंदर बंद बिल्ली भाग निकली। इससे काफी असहज स्थिति बन गई थी।
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गुप्त रखी जाएगी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात किए गए बलों की संख्या
मंडी समिति परिसर में बने स्ट्रांग रूम में रखी जाएंगी पांचों विस की ईवीएम
बस्ती। जनादेश से भरी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। इसके लिए पुलिस, पीएसी के अलावा पैरा मिलिट्री फोर्स की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लगे बलों की संख्या को गुप्त रखा जाएगा।
मतदान के लिए कुल 1500 केंद्र और 2470 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। 2470 ईवीएम के अलावा अतिरिक्त मशीनें केंद्रों पर भेजी जाएंगी। सभी मशीनें तीन मार्च को मतदान समाप्ति के बाद मंडी परिसर स्थित स्ट्रांग रूम में रखी जाएंगी। जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, मतदान केंद्रों की सील बंद ईवीएम की निगरानी के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
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एसपी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि ईवीएम की सुरक्षा की पूरी कार्ययोजना तैयार है। तीन मार्च को मतदान के बाद ईवीएम स्ट्रांग रूम में रखी जाएंगी। 10 मार्च को मतगणना के समय चक्रानुसार गिनती काउंटर पर भेजी जाएंगी। स्ट्रांग रूम के इनर जोन में पैरा मिलिट्री, दूसरे में पीएसी और तीसरे चरण की सुरक्षा जिला पुलिस के पास रहेगी। आयोग ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए प्रत्येक दिन स्थानीय थाना-चौकी को गश्त, पिकेट, पेट्रोलिंग 24 घंटे जारी रखने के निर्देश दिए हैं। स्ट्रांग रूम के मुख्य द्वार पर डबल लॉक व्यवस्था रहेगी। यह व्यवस्था ट्रेजरी, बैंक और कड़ी सुरक्षा के दूसरे मानकों पर तय होगी। सीसीटीवी के अलावा हर स्ट्रांग रूम के मुख्य गेट पर एक लॉग-बुक रहेगी।
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बिल्ली के कारण मचा था बवाल
साल 2017 के चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम में बिल्ली के चलते बवाल हो गया था। फिर ऐसी कोई स्थिति न बने, इसके लिए खास सतर्कता बरती जा रही है। साल 2017 में महादेवा विधानसभा के स्ट्रांगरूम में एक बिल्ली घुस गई थी। भूख-प्यास से व्याकुल होने पर वह ईवीएम के डिब्बों पर कूद-फांद करने लगी। आवाज सुनकर बाहर तैनात अर्द्धसैनिक बल के जवानों के होश उड़ गए। तत्कालीन सिक्योरिटी इंचार्ज सीआईएसएफ के डीबी रमना ने तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम प्रभु नारायण सिंह को सूचना दी। इसके बाद आरओ महादेवा स्ट्रांग रूम पहुंचे। स्ट्रांग रूम को खोलने से पहले प्रत्याशियों को सूचना दी गई। प्रेक्षक, आरओ, प्रत्याशियों के साथ पहुंचे। सिक्योरिटी लॉग बुक पर हस्ताक्षर किए और स्ट्रांग रूम खोला गया। शटर खुलते ही अंदर बंद बिल्ली भाग निकली। इससे काफी असहज स्थिति बन गई थी।