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Basti News: बांस-बल्ली के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति
Sat, 01 Feb 2025 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 01 Feb 2025 01:04 AM IST
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
बस्ती। बिजली निगम की लापरवाही से शहर के टीचर्स कॉलोनी खीरीघाट मिश्रौलिया में बिजली के तार लटक रहे हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मोहल्ले में कुछ जगहों पर बिजली के खंभे न होने से बांस-बल्ली के सहारे लोगों के घरों तक तार दौड़ाए गए हैं।
टीचर्स कॉलोनी में आज भी कई जगहों पर बिजली के खंभे न होने से सड़कों पर तार लटक रहे हैं। उसी रास्ते से प्रतिदिन आम नागरिक के साथ स्कूली बच्चों का आना-जाना होता है। छोटे वाहन भी उसी रास्ते से आते-जाते हैं। बावजूद उसके बिजली निमग ध्यान नहीं दे रहा है। कभी-कभार बंदरों के आतंक और तेज हवा के चलते तार टूट जाते हैं। खीरीघाट मिश्रौलिया के रितेश कुमार का कहना है कि सड़कों पर लटक रहे बिजली के तार की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बिजली के खंभे लगवाने के लिए कई बार विभागीय आधिकारियों को अवगत कराया गया। मगर, खंभे नहीं लगाए गए। मजबूर होकर बांस-बल्ली के सहारे अपने घरों तक बिजली के तार दौड़ने पड़े हैं।
टीचर्स कॉलोनी,खीरीघाट-मिश्रौलिया के आनंद गुप्ता का कहना है कि मोहल्ले के अधिकतर लोग अपने घरों तक बांस-बल्ली के सहारे तार ले गए हैं।
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बस्ती। बिजली निगम की लापरवाही से शहर के टीचर्स कॉलोनी खीरीघाट मिश्रौलिया में बिजली के तार लटक रहे हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मोहल्ले में कुछ जगहों पर बिजली के खंभे न होने से बांस-बल्ली के सहारे लोगों के घरों तक तार दौड़ाए गए हैं।
टीचर्स कॉलोनी में आज भी कई जगहों पर बिजली के खंभे न होने से सड़कों पर तार लटक रहे हैं। उसी रास्ते से प्रतिदिन आम नागरिक के साथ स्कूली बच्चों का आना-जाना होता है। छोटे वाहन भी उसी रास्ते से आते-जाते हैं। बावजूद उसके बिजली निमग ध्यान नहीं दे रहा है। कभी-कभार बंदरों के आतंक और तेज हवा के चलते तार टूट जाते हैं। खीरीघाट मिश्रौलिया के रितेश कुमार का कहना है कि सड़कों पर लटक रहे बिजली के तार की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बिजली के खंभे लगवाने के लिए कई बार विभागीय आधिकारियों को अवगत कराया गया। मगर, खंभे नहीं लगाए गए। मजबूर होकर बांस-बल्ली के सहारे अपने घरों तक बिजली के तार दौड़ने पड़े हैं।
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टीचर्स कॉलोनी,खीरीघाट-मिश्रौलिया के आनंद गुप्ता का कहना है कि मोहल्ले के अधिकतर लोग अपने घरों तक बांस-बल्ली के सहारे तार ले गए हैं।